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पंजाब निकाय चुनाव: प्रदेश स्तरीय मुद्दों के साथ खेलेंगे प्रत्याशी, अधिकतर मुद्दे आगामी विधानसभा चुनाव पर फोकस
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 20 May 2026 12:45 PM IST
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सार
निकाय चुनाव के प्रचार के दौरान मतदाताओं से बात भले ही वार्डों के विकास और समस्याओं पर होगी मगर दलों के प्रत्याशी उनसे अपनी पार्टी के प्रदेश स्तरीय एजेंडों की चर्चा भी करेंगे ताकि मतदाताओं की मानसिकता आगामी चुनाव के लिए अभी से तैयार की जा सके।
पंंजाब निकाय चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के 105 नगर निकायों में होने वाले चुनाव भले ही वार्ड स्तर तक सीमित रहेंगे लेकिन नतीजे विधानसभा चुनाव के माहौल को प्रभावित करेंगे क्योंकि आठ महीने बाद सूबे में विस चुनाव प्रस्तावित हैं।
इस वजह से राजनीतिक पार्टियां निकाय चुनाव की पिच पर विधानसभा चुनाव को फोकस करते हुए प्रदेश स्तरीय मुद्दों के साथ भी खेलेंगी।
प्रचार के दौरान मतदाताओं से बात भले ही वार्डों के विकास और समस्याओं पर होगी मगर दलों के प्रत्याशी उनसे अपनी पार्टी के प्रदेश स्तरीय एजेंडों की चर्चा भी करेंगे ताकि मतदाताओं की मानसिकता आगामी चुनाव के लिए अभी से तैयार की जा सके।
मतदाताओं को यह बताया जा सके कि सूबे में बड़े मुद्दे क्या हैं, जो सीधे उन्हें व पंजाब के माहौल को प्रभावित कर रहे हैं। इस रणनीति के तहत सभी सियासी दलों ने काम करना शुरू कर दिया है।
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भाजपा, शिअद और कांग्रेस के नेता बताते हैं कि इन चुनाव को ईवीएम से न करवाकर बैलेट पेपर से करवाया जा रहा है जो कि उचित नहीं हैं और यह मामला भी हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। वे कहते हैं, चूंकि आम आदमी पार्टी सत्ता में है तो जाहिर है सूबे में पार्टी अपनी विरोधी लहर (एंटी इनकम्बेंसी) को नियंत्रण में रखने के लिए हर तरह के दांव खेलेगी इसलिए विरोधी दलों के प्रत्याशी निकाय चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य स्तरीय मुद्दों की भी बात करते हुए आप सरकार को घेरेंगे।
उधर, आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि चुनाव पारदर्शिता के साथ होंगे और वार्ड से लेकर प्रदेश का विकास ही आप का निकाय चुनाव में मुख्य मुद्दा होगा। आप के प्रत्याशी मतदाताओं को डबल इंजन सरकार के फायदे बताते हुए उनके समक्ष मान सरकार की चार साल की उपलब्धियों पर आधारित रिपोर्ट कार्ड रखेंगे।
इस वजह से राजनीतिक पार्टियां निकाय चुनाव की पिच पर विधानसभा चुनाव को फोकस करते हुए प्रदेश स्तरीय मुद्दों के साथ भी खेलेंगी।
प्रचार के दौरान मतदाताओं से बात भले ही वार्डों के विकास और समस्याओं पर होगी मगर दलों के प्रत्याशी उनसे अपनी पार्टी के प्रदेश स्तरीय एजेंडों की चर्चा भी करेंगे ताकि मतदाताओं की मानसिकता आगामी चुनाव के लिए अभी से तैयार की जा सके।
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मतदाताओं को यह बताया जा सके कि सूबे में बड़े मुद्दे क्या हैं, जो सीधे उन्हें व पंजाब के माहौल को प्रभावित कर रहे हैं। इस रणनीति के तहत सभी सियासी दलों ने काम करना शुरू कर दिया है।
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उधर, आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि चुनाव पारदर्शिता के साथ होंगे और वार्ड से लेकर प्रदेश का विकास ही आप का निकाय चुनाव में मुख्य मुद्दा होगा। आप के प्रत्याशी मतदाताओं को डबल इंजन सरकार के फायदे बताते हुए उनके समक्ष मान सरकार की चार साल की उपलब्धियों पर आधारित रिपोर्ट कार्ड रखेंगे।