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कारगिल के रणबांकुरों को नमन: शौर्य यात्रा पहुंची चंडीमंदिर, 2164 किलोमीटर की दूर करेगी तय
Thu, 16 Jul 2026 10:36 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:36 PM IST
सार
कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के तहत दुश्मन के कब्जे से कारगिल की चोटियों को मुक्त कराते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।
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शौर्य रैली पहुंची चंडीगढ़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
27वें कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय सेना द्वारा आयोजित शौर्य विजय यात्रा (बाइक रैली) को गुरुवार को चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन पहुंची। रैली के सदस्यों ने यहां युद्ध स्मारक वीर स्मृति पर शहीदों को नमन किया। इस दाैरान वेस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रैली को द्रास के लिए रवाना किया।
यह रैली नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू होकर लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल तक करीब 2,164 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। कमांडर जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि भारतीय सेना की यह विशेष यात्रा कारगिल युद्ध के दौरान देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
यात्रा के दौरान बाइक सवार सैनिक विभिन्न युद्ध स्मारकों पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे और कारगिल युद्ध के वीर योद्धाओं, वीर नारियों तथा पूर्व सैनिकों से मुलाकात कर उनके साहस, बलिदान और राष्ट्रसेवा के प्रति देश की कृतज्ञता का संदेश पहुंचाएंगे।
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यह रैली चंडीमंदिर, टांडी, कारू, हानले, उमलिंग ला, तांगत्से, लेह, कारगिल होती हुई द्रास तक पहुंचेगी। इस दौरान सैनिक दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से गुजरते हुए देशवासियों की ओर से कारगिल के रणबांकुरों के प्रति सम्मान और आभार का संदेश लेकर जाएंगे। इस दौरान प्रतिभागियों ने अब तक की यात्रा के अनुभव साझा किए।
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यह रैली नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू होकर लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल तक करीब 2,164 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। कमांडर जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि भारतीय सेना की यह विशेष यात्रा कारगिल युद्ध के दौरान देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
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यात्रा के दौरान बाइक सवार सैनिक विभिन्न युद्ध स्मारकों पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे और कारगिल युद्ध के वीर योद्धाओं, वीर नारियों तथा पूर्व सैनिकों से मुलाकात कर उनके साहस, बलिदान और राष्ट्रसेवा के प्रति देश की कृतज्ञता का संदेश पहुंचाएंगे।
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यह रैली चंडीमंदिर, टांडी, कारू, हानले, उमलिंग ला, तांगत्से, लेह, कारगिल होती हुई द्रास तक पहुंचेगी। इस दौरान सैनिक दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से गुजरते हुए देशवासियों की ओर से कारगिल के रणबांकुरों के प्रति सम्मान और आभार का संदेश लेकर जाएंगे। इस दौरान प्रतिभागियों ने अब तक की यात्रा के अनुभव साझा किए।
भारतीय सेना के अनुसार 'शौर्य विजय यात्रा' केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि देश के वीर सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का राष्ट्रीय अभियान है। इसका उद्देश्य कारगिल युद्ध की गौरवशाली विरासत को जीवंत बनाए रखना, युद्ध नायकों और पूर्व सैनिकों के साथ समाज का भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करना तथा युवाओं में साहस, बलिदान, देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा जैसे मूल्यों को बढ़ावा देना है।
कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के तहत दुश्मन के कब्जे से कारगिल की चोटियों को मुक्त कराते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। इसी विजय की स्मृति में आयोजित 'शौर्य विजय यात्रा' देशवासियों को उन वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान की याद दिलाने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करने का संदेश दे रही है।
इस अवसर पर मानेकशॉ ऑडिटोरियम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमती राजेश्वरी सिंह ने वीर नारियों को सम्मानित किया। उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवारों के साहस, धैर्य और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना अपने वीर जवानों के परिवारों के साथ हमेशा मजबूती से खड़ी है। उन्होंने दोहराया कि शहीदों के परिजनों का सम्मान और कल्याण सेना की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' के तहत दुश्मन के कब्जे से कारगिल की चोटियों को मुक्त कराते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। इसी विजय की स्मृति में आयोजित 'शौर्य विजय यात्रा' देशवासियों को उन वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान की याद दिलाने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करने का संदेश दे रही है।
इस अवसर पर मानेकशॉ ऑडिटोरियम में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीमती राजेश्वरी सिंह ने वीर नारियों को सम्मानित किया। उन्होंने शहीद सैनिकों के परिवारों के साहस, धैर्य और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना अपने वीर जवानों के परिवारों के साथ हमेशा मजबूती से खड़ी है। उन्होंने दोहराया कि शहीदों के परिजनों का सम्मान और कल्याण सेना की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।