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Punjab: पकड़ा गया आबकारी विभाग का घूसखोर कर्मचारी, विजिलेंस की कार्रवाई; रंगे हाथों गिरफ्तार
Wed, 22 Jul 2026 09:41 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 22 Jul 2026 09:41 PM IST
सार
आबकारी विभाग जालंधर में तैनात सीनियर सहायक सतनाम सिंह को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
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रिश्वत लेते कर्मचारी गिरफ्तार
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने आबकारी विभाग जालंधर में तैनात सीनियर सहायक सतनाम सिंह को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गांव नागरा, तहसील फिल्लौर निवासी एक शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर की गई। विजिलेंस के प्रवक्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने रेस्तरां के लिए एल-5बी (ड्राफ्ट बियर/वाइन रिटेल) लाइसेंस हेतु ऑनलाइन आवेदन किया था।
आवेदन पर कार्रवाई के बाद संबंधित रिपोर्ट और एनओसी जुटाने की प्रक्रिया के दौरान आरोपी कर्मचारी ने लाइसेंस जारी करवाने के बदले पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाकर आरोपी को शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस ब्यूरो अब इस मामले की गहन जांच कर रही है कि क्या इस भ्रष्टाचार में अन्य लोग भी शामिल थे।
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आवेदन पर कार्रवाई के बाद संबंधित रिपोर्ट और एनओसी जुटाने की प्रक्रिया के दौरान आरोपी कर्मचारी ने लाइसेंस जारी करवाने के बदले पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में जाल बिछाकर आरोपी को शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस ब्यूरो अब इस मामले की गहन जांच कर रही है कि क्या इस भ्रष्टाचार में अन्य लोग भी शामिल थे।
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