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Punjab: पूर्व प्रधानमंत्री का बेटा साइबर ठगी का शिकार, शातिरों ने लगाई करोड़ों की चपत; अपनाया ये हथकंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 18 Jun 2026 08:13 PM IST
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सार
पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। शातिरों ने उनके साथ बॉस स्कैम कर करोड़ों रुपये की चपत लगाई। डिटेल में पढ़ें खबर...
पूर्व सांसद नरेश गुजराल हुए साइबर ठगी का शिकार
- फोटो : संवाद
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विस्तार
देश के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, ठगों ने व्हाट्सएप पर उनकी प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर उनके स्टाफ सदस्य को धोखा दिया और 7.8 करोड़ रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
आरटीजीएस के जरिए मांगी रकम
शिकायत के मुताबिक, स्टाफ सदस्य को एक व्हाट्सएप नंबर से संदेश मिला, जिस पर नरेश गुजराल की प्रोफाइल फोटो लगी हुई थी। ठग ने खुद को नरेश गुजराल बताकर बातचीत की और एक बैंक खाता भेजते हुए तत्काल आरटीजीएस के जरिए रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। संदेश को असली समझकर कर्मचारी ने 7.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बाद में पता चला कि वह नंबर नरेश गुजराल का नहीं था, बल्कि साइबर अपराधियों ने उनकी फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान बनाई थी। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच करते हुए करीब 4 करोड़ रुपये फ्रीज करने में सफलता हासिल की है।
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आरटीजीएस के जरिए मांगी रकम
शिकायत के मुताबिक, स्टाफ सदस्य को एक व्हाट्सएप नंबर से संदेश मिला, जिस पर नरेश गुजराल की प्रोफाइल फोटो लगी हुई थी। ठग ने खुद को नरेश गुजराल बताकर बातचीत की और एक बैंक खाता भेजते हुए तत्काल आरटीजीएस के जरिए रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। संदेश को असली समझकर कर्मचारी ने 7.8 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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बाद में पता चला कि वह नंबर नरेश गुजराल का नहीं था, बल्कि साइबर अपराधियों ने उनकी फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान बनाई थी। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच करते हुए करीब 4 करोड़ रुपये फ्रीज करने में सफलता हासिल की है।
पूर्व सांसद से हुआ "बॉस स्कैम"
पुलिस के अनुसार, इस तरह की धोखाधड़ी को "बॉस स्कैम" कहा जाता है, जिसमें ठग किसी कंपनी या संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी की पहचान बनाकर कर्मचारियों को पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश देते हैं।
इसी बीच दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने हाल ही में 1.56 करोड़ रुपये के ऑनलाइन निवेश घोटाले से जुड़े एक रैकेट का भी भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो साइबर ठगों के लिए फर्जी बैंक खातों का संचालन कर धोखाधड़ी की रकम को इधर-उधर भेजने का काम करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से कई डिजिटल उपकरण और अहम सबूत बरामद किए हैं। एक महिला ने आरोप लगाया था कि उसे ऑनलाइन निवेश के नाम पर 21 लाख रुपये की चपत लगाई गई थी।
पुलिस के अनुसार, इस तरह की धोखाधड़ी को "बॉस स्कैम" कहा जाता है, जिसमें ठग किसी कंपनी या संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी की पहचान बनाकर कर्मचारियों को पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश देते हैं।
इसी बीच दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने हाल ही में 1.56 करोड़ रुपये के ऑनलाइन निवेश घोटाले से जुड़े एक रैकेट का भी भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो साइबर ठगों के लिए फर्जी बैंक खातों का संचालन कर धोखाधड़ी की रकम को इधर-उधर भेजने का काम करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से कई डिजिटल उपकरण और अहम सबूत बरामद किए हैं। एक महिला ने आरोप लगाया था कि उसे ऑनलाइन निवेश के नाम पर 21 लाख रुपये की चपत लगाई गई थी।