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जालंधर की एथलेटिक्स नर्सरी का कमाल: कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुने गए तीन खिलाड़ी, कोच बोले-जरूर जीतेंगे पदक
मनमोहन सिंह, संवाद, जालंधर
Published by: Nivedita
Updated Tue, 16 Jun 2026 01:39 PM IST
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सार
पंजाब के खिलाड़ी गुरिंदर वीर सिंह (जालंधर) 100 मीटर दौड़, रशदीप कौर (संगरूर) 400 मीटर और 4×400 मीटर रिले और तेजिंदर पाल सिंह तूर (मोगा) शॉटपुट के लिए चुने गए हैं। तीनों खिलाड़ियों से देश को शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
अपने कोच के साथ रशदीप काैर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में जुलाई से शुरू होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए घोषित भारतीय एथलेटिक्स टीम में जालंधर ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। 32 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स दल में जालंधर से जुड़े तीन खिलाड़ियों गुरिंदर वीर सिंह, रशदीप कौर और ओलंपियन तेजिंदर पाल सिंह तूर का चयन हुआ है।
इनमें से गुरिंदर वीर और रशदीप कौर कोच सरबजीत सिंह हैप्पी के शिष्य हैं, जबकि तेजिंदर तूर भी जालंधर के एथलेटिक्स सिस्टम से जुड़े रहे हैं। इसे शहर की एथलेटिक्स नर्सरी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि 100 मीटर दौड़ में बहुत कम भारतीय एथलीट कॉमनवेल्थ गेम्स तक पहुंचे हैं। गुरिंदर वीर ने हाल के दिनों में जिस स्तर की टाइमिंग निकाली है, यदि वह उसे दोहरा पाते हैं तो उनके पदक जीतने की पूरी संभावना है।
उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उनका जज्बा कभी कमजोर नहीं पड़ा। असफलताओं से घबराने की बजाय उन्होंने उनसे सीख ली और लगातार मेहनत जारी रखी। आज उसी मेहनत का परिणाम है कि वे देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं।
अब पूरे देश की निगाहें ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स पर हैं, जहां जालंधर की यह प्रतिभाशाली तिकड़ी भारत के लिए पदक जीतकर नया इतिहास रचने का सपना लेकर मैदान में उतरेगी।
इनमें से गुरिंदर वीर और रशदीप कौर कोच सरबजीत सिंह हैप्पी के शिष्य हैं, जबकि तेजिंदर तूर भी जालंधर के एथलेटिक्स सिस्टम से जुड़े रहे हैं। इसे शहर की एथलेटिक्स नर्सरी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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10 साल की मेहनत लाई रंग
कोच सरबजीत सिंह हैप्पी ने बताया कि गुरिंदर वीर सिंह और रशदीप कौर ने उनके मार्गदर्शन में करीब 8 से 10 वर्षों तक प्रशिक्षण लिया है। वर्तमान में दोनों एथलीट भारतीय एथलेटिक्स कैंप में कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी कर रहे हैं।गुरिंदर वीर के पास इतिहास रचने का मौका
कोच हैप्पी का मानना है कि 100 मीटर स्पर्धा में गुरिंदर वीर सिंह के पास इतिहास बनाने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि भारतीय एथलीटों का आत्मविश्वास नीरज चोपड़ा के ओलंपिक स्वर्ण पदक के बाद काफी बढ़ा है और अब खिलाड़ी बड़े मंच पर नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए तैयार हैं।उन्होंने कहा कि 100 मीटर दौड़ में बहुत कम भारतीय एथलीट कॉमनवेल्थ गेम्स तक पहुंचे हैं। गुरिंदर वीर ने हाल के दिनों में जिस स्तर की टाइमिंग निकाली है, यदि वह उसे दोहरा पाते हैं तो उनके पदक जीतने की पूरी संभावना है।
रशदीप और तूर भी मजबूत दावेदार
रशदीप कौर से 400 मीटर और रिले स्पर्धा में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। वहीं शॉटपुट में एशियन गेम्स पदक विजेता और राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक तेजिंदर पाल सिंह तूर भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनसे भी पदक की उम्मीदें हैं।सफलता के पीछे संघर्ष और अनुशासन
कोच सरबजीत सिंह हैप्पी ने कहा कि हर खिलाड़ी सफलता की कहानी नहीं लिख पाता, क्योंकि रास्ते में कई चुनौतियां आती हैं। लेकिन गुरिंदर वीर और रशदीप कौर ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद कभी हार नहीं मानी।उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उनका जज्बा कभी कमजोर नहीं पड़ा। असफलताओं से घबराने की बजाय उन्होंने उनसे सीख ली और लगातार मेहनत जारी रखी। आज उसी मेहनत का परिणाम है कि वे देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं।
पूरे पंजाब में खुशी का माहौल
खिलाड़ियों के चयन के बाद उनके परिवारों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। कोच ने बताया कि खिलाड़ियों को देश के प्रधानमंत्री, पंजाब के मुख्यमंत्री, सांसद गुरजीत सिंह औजला, शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल समेत कई नेताओं और खेल प्रेमियों ने बधाई दी है।देश को पदक की उम्मीद
कोच का मानना है कि यदि भारतीय खिलाड़ी खासकर 100 मीटर जैसी प्रतिष्ठित स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हैं, तो इससे देशभर के युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले भी देश को कई बड़े खिलाड़ी, कलाकार और नेता दे चुका है, और अब एथलेटिक्स में भी नई पीढ़ी दुनिया के मंच पर भारत का नाम रोशन करने के लिए तैयार है।अब पूरे देश की निगाहें ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स पर हैं, जहां जालंधर की यह प्रतिभाशाली तिकड़ी भारत के लिए पदक जीतकर नया इतिहास रचने का सपना लेकर मैदान में उतरेगी।