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Punjab: शिवसेना नेता राजीव टंडन की गाड़ी पर हमला, लुधियाना में निहंगों ने तोड़ा शीशा; क्या बोले पुलिस कमीशनर?
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:34 PM IST
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सार
घटना के बाद शिवसेना नेता राजीव टंडन ने पुलिस की शिकायत प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाएंगे
घटना के बाद धरना देते शिवसेना के नेता
- फोटो : संवाद
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विस्तार
लुधियाना में सोमवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब कुछ निहंग सिंहों ने शिवसेना पंजाब के प्रमुख राजीव टंडन के काफिले को जबरन रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में तैनात पायलट वाहन को निशाना बनाते हुए उसकी खिड़की का शीशा चकनाचूर कर दिया। अचानक उत्पन्न हुई इस हिंसक स्थिति को देखते हुए वहां तैनात पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभाला और निहंगों पर काबू पाकर शिवसेना नेता को सुरक्षित घेरे से बाहर निकाला।
हमले से आक्रोशित होकर शिवसेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के मुख्य द्वार पर मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि यह टंडन की हत्या करने की सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने दोषियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज करने की मांग उठाई।
पुलिस कमिश्नर ने प्रदर्शनकारियों से की वार्ता
हालांकि, माहौल बिगड़ता देख खुद पुलिस कमिश्नर ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें शांत कराया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तोड़फोड़ करने वाले एक संदिग्ध को दबोच लिया है। घटनाक्रम फ्रेंड्स रीजेंसी के समीप उस समय घटित हुआ, जब विभिन्न सिख संगठन एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर चेतन शर्मा द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में लामबंद थे।
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हमले से आक्रोशित होकर शिवसेना के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के मुख्य द्वार पर मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि यह टंडन की हत्या करने की सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने दोषियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज करने की मांग उठाई।
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पुलिस कमिश्नर ने प्रदर्शनकारियों से की वार्ता
हालांकि, माहौल बिगड़ता देख खुद पुलिस कमिश्नर ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें शांत कराया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तोड़फोड़ करने वाले एक संदिग्ध को दबोच लिया है। घटनाक्रम फ्रेंड्स रीजेंसी के समीप उस समय घटित हुआ, जब विभिन्न सिख संगठन एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर चेतन शर्मा द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में लामबंद थे।
आंदोलनकारियों ने घेरी राजीव टंडन की गाड़ी
इसी दौरान राजीव टंडन अपनी पायलट गाड़ी से वहां से गुजर रहे थे, जिन्हें आंदोलनकारियों ने पहचान लिया। देखते ही देखते भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, जिसके बाद सीआईए-1 और स्थानीय थानों की भारी पुलिस फोर्स को कुमुक के तौर पर बुलाना पड़ा। इसी आपाधापी के बीच भीड़ में शामिल कुछ तत्वों ने वाहन पर हमला कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर टंडन के काफिले को वहां से सुरक्षित रवाना किया।
घटना के बाद शिवसेना नेता राजीव टंडन ने पुलिस की शिकायत प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाएंगे, बल्कि उनकी एकमात्र मांग अब यह है कि सार्वजनिक स्थानों पर कृपाण ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस धार्मिक प्रतीक का दुरुपयोग कर आए दिन आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। टंडन ने चेतावनी दी कि इस विषय पर रणनीति तय करने के लिए शिवसेना जल्द ही राज्य स्तरीय बैठक बुलाकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी।
महापुरुषों के अपमान को लेकर सिखों में गहरा रोष
दूसरी ओर, सिख संगठनों के प्रतिनिधियों का दावा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से उनके पूजनीय महापुरुषों और धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाई गई है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वे इस मामले में शिकायत दर्ज कराने कमिश्नर दफ्तर गए थे, लेकिन वहां प्रशासनिक टालमटोल से खफा होकर उन्होंने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सामने चक्का जाम कर दिया। सिख नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरे पंजाब में अनिश्चितकालीन मोर्चा शुरू कर देंगे। उधर, पुलिस कमिश्नर ने दोनों दलों के साथ मीटिंग कर माहौल को शांत किया और उसके बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर वहां से भेजा।
इसी दौरान राजीव टंडन अपनी पायलट गाड़ी से वहां से गुजर रहे थे, जिन्हें आंदोलनकारियों ने पहचान लिया। देखते ही देखते भीड़ ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, जिसके बाद सीआईए-1 और स्थानीय थानों की भारी पुलिस फोर्स को कुमुक के तौर पर बुलाना पड़ा। इसी आपाधापी के बीच भीड़ में शामिल कुछ तत्वों ने वाहन पर हमला कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर टंडन के काफिले को वहां से सुरक्षित रवाना किया।
घटना के बाद शिवसेना नेता राजीव टंडन ने पुलिस की शिकायत प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाएंगे, बल्कि उनकी एकमात्र मांग अब यह है कि सार्वजनिक स्थानों पर कृपाण ले जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस धार्मिक प्रतीक का दुरुपयोग कर आए दिन आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। टंडन ने चेतावनी दी कि इस विषय पर रणनीति तय करने के लिए शिवसेना जल्द ही राज्य स्तरीय बैठक बुलाकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी।
महापुरुषों के अपमान को लेकर सिखों में गहरा रोष
दूसरी ओर, सिख संगठनों के प्रतिनिधियों का दावा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से उनके पूजनीय महापुरुषों और धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाई गई है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वे इस मामले में शिकायत दर्ज कराने कमिश्नर दफ्तर गए थे, लेकिन वहां प्रशासनिक टालमटोल से खफा होकर उन्होंने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सामने चक्का जाम कर दिया। सिख नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरे पंजाब में अनिश्चितकालीन मोर्चा शुरू कर देंगे। उधर, पुलिस कमिश्नर ने दोनों दलों के साथ मीटिंग कर माहौल को शांत किया और उसके बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर वहां से भेजा।