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मथुरा नाव हादसा: रिश्भ का शव मिला, जगरांव के छह लोगों की जान गई, मौत के मुंह से निकले श्वेत जैन ने क्या बताया

संवाद न्यूज एजेंसी, जगरांव (लुधियाना) Published by: Ankesh Kumar Updated Sun, 12 Apr 2026 11:13 AM IST
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सार

मथुरा के वृंदावन में केसीघाट और बंशीवट के बीच शुक्रवार को पांटून पुल से टकराकर श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट पलट गई थी। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। जगरांव के रिश्भ का शव रविवार को बरामद हुआ है। 

Body of Rishabh from Jagraon recovered from Yamuna who killed in Mathura boat tragedy
रिश्भ की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
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विस्तार

मथुरा में नाव हादसे में मरने वालों का आंकड़ा बढ़ गया है। रविवार को यमुना नदी से दो और शव बरामद हुए हैं। लुधियाना के जगरांव के रिश्भ का शव भी बरामद हो गया है। ऐसे में अब जगरांव के 6 लोगों की मौत हो चुकी है।  वहीं, लुधियाना के डिंकी का शव भी बरामद किया गया है। 13 लोगों की इस हादसे में जान जा चुकी है। 

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इससे पहले शनिवार को पांच लोगों के शव जगरांव लाए गए थे। एक साथ पांच चिताएं जली तो माहौल गमगीन हो गया। हादसे में जगरांव के ईशान कटारिया, कपूर कॉलोनी कच्चा मलक रोड, मधुर बहल व मां कविता रानी, गीता कॉलोनी, चरनजीत सिंह काला और उनकी पत्नी शामिल हैं। मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है।

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गुरुवार शाम को रवाना हुए थे 120 लोग

श्री बांके बिहारी क्लब द्वारा हर माह की तरह वीरवार शाम को डिस्पोजल रोड से वृंदावन के लिए रवाना हुई दो लग्जरी बसों में कुल 120 लोग सवार थे जो शुक्रवार सुबह 10 बजे सकुशल वृंदावन पहचे।


इस दौरान ज्यादातर श्रद्धालु धर्मशाला में ही आराम करने अपने-अपने कमरों में रुक गए जबकि वहां से 30 के करीब श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर में माथा टेकने के बाद यमुना नदी में चले गए। इस दौरान उनकी स्टीमर नाव दरिया के अंदर ही बना रहे टेंपरेरी पीपा पुल से टकराने के बाद वहीं यमुना में ही डूब गई। 

4500 रुपये किराया लिया

जानकारी के मुताबिक 9 अप्रैल को जगरांव के श्री बांके बिहारी क्लब की तरफ से दो बसों में पर्यटकों को ले जाया गया था। वृंदावन की 4 दिन की यात्रा थी, जिनका 4500 रुपये किराया लिया गया था। बस में जगरांव के ज्यादातर श्रद्धालु थे। इसके अलावा लुधियाना मोगा और मुक्तसर के कुछ लोग भी बसों में सवार थे। 

श्वेत जैन की आपबीती

श्रद्धालुओं में शामिल मल्होत्रा मोबाइल के शोरूम में काम करने वाले श्वेत जैन ने मथुरा से बताया कि यमुना में पीपों का पुल बनाया गया था। जलस्तर बढ़ने के बाद इन्हें खोल दिया गया। इसके बाद यह पुल यमुना में बहने लगे। इनसे टकराकर ही स्टीमर पलटा। श्वेत जैन के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ जो श्री बांके बिहार मंदिर से ढाई किमी की दूरी पर है।

उन्होंने बताया कि जब किश्ती डूबी तो आसपास के किश्ती वालों ने कईयों को बचा कर अपनी किश्ती में बिठा लिया। 6 से 7 लोगों के शव तो वह यहां पर अस्पताल में देख चुके हैं। उन्होंने बताया कि जगरांव के ज्यादातर श्रद्धालु वृंदावन में फोगला आश्रम के पास रुके हैं।

कहने पर भी नहीं रोकी बोट

श्वेत ने बताया कि नाविक को कहा कि रोक लो। श्वेत जैन के मुताबिक हमारा स्टीमर जब पीपा पुल के पास पहुंचा तो हम लोगों ने नाविक से कहा कि पुल आने वाला है, रोक लीजिए लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार स्टीमर टकराने से बचा। तीसरी बार में टक्कर हो गई। पास में कुछ गोताखोर थे जिन्होंने हमें बचाया है।

श्रद्धालुओं के साथ ही वृंदावन गई जगरांव के सीनियर एडवोकेट संदीप गुप्ता की पत्नी सीमा गुप्ता ने बताया कि बताया कि आश्रम में से 120 लोगों में से 25 से 30 लोग ही यमुना देखने और मंदिर में माथा टेकने गए थे जिन में ज्यादातर नौजवान श्रद्धालु ही शामिल थे। उन्होंने कहा कि दोपहर 3:00 बजे हुए हादसे के बाद जैसे ही आश्रम में बैठकर बाकी श्रद्धालुओं को इस बाबत जानकारी मिली तो सभी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।

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