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पंजाब फर्जी बिलिंग घोटाला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश; चार पर केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो, लुधियाना
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 21 Jun 2026 07:24 AM IST
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सार
इस सिंडिकेट ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए जानबूझकर एपीएमसी खातों को चुना। एपीएमसी राज्य सरकारों द्वारा संचालित एक व्यवस्था है। इन खातों में रोजाना करोड़ों रुपये का भारी नकद लेन-देन होता है।
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय की दिल्ली विंग ने पंजाब के मंडी गोविंदगढ़ में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। यह घोटाला करीब 3089.57 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ईडी ने लुधियाना के जमालपुर थाने में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
बैंक अधिकारी और सीए जांच के दायरे में
कई बैंक अधिकारी और चार्टर्ड अकाउंटेंट भी जांच के दायरे में हैं। आरोपियों ने अवैध लेन-देन छिपाने के लिए कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) खातों का उपयोग किया। उन्होंने फर्जी बिलिंग की रकम को कृषि भुगतान के नाम पर खपाया। इसके बाद तुरंत नकदी निकालकर ठिकाने लगा दी गई। जांच एजेंसी के अनुसार, बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के कागजी बिलों का ट्रांसफर किया गया। इससे सरकार से करोड़ों रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया गया। ईडी के सहायक निदेशक सूरज कुमार यादव की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इसमें अमित कुमार गोयल, मनीष कुमार, गौरव अग्रवाल और गुरदीप सिंह नामजद हैं। यह मामला सरकार के इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर द्वारा संदिग्ध लेन-देन चिह्नित करने के बाद सामने आया।
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कृषि खातों का दुरुपयोग
इस सिंडिकेट ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए जानबूझकर एपीएमसी खातों को चुना। एपीएमसी राज्य सरकारों द्वारा संचालित एक व्यवस्था है। इन खातों में रोजाना करोड़ों रुपये का भारी नकद लेन-देन होता है। इससे बैंकिंग और कर स्क्रूटनी सिस्टम में ये लेन-देन सामान्य दिखते हैं। आरोपियों ने इसी छूट का फायदा उठाकर कर चोरी को अंजाम दिया।
रितेश प्रॉपर्टीज मामले में ईडी ने स्मॉल इंडस्ट्रीज के सीजीएम को भेजा समन
ईडी ने पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (पीएसीआईईसी) के चीफ जनरल मैनेजर को 40 एकड़ जमीन आवंटन मामले में समन जारी किया है। यह मामला उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी फर्म रितेश प्रॉपर्टीज को हुए भूमि आबंटन से जुड़ा है। ईडी ने आरोप लगाया है कि अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने शेल कंपनियों के माध्यम से मोबाइल कारोबार में 157.12 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री दिखाकर निर्यात का टैक्स लाभ हासिल किया। गौरतलब है कि इसी मामले में ईडी पहले भी जालंधर के ठेकेदार अमित बजाज के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।
इस सिंडिकेट ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए जानबूझकर एपीएमसी खातों को चुना। एपीएमसी राज्य सरकारों द्वारा संचालित एक व्यवस्था है। इन खातों में रोजाना करोड़ों रुपये का भारी नकद लेन-देन होता है। इससे बैंकिंग और कर स्क्रूटनी सिस्टम में ये लेन-देन सामान्य दिखते हैं। आरोपियों ने इसी छूट का फायदा उठाकर कर चोरी को अंजाम दिया।
रितेश प्रॉपर्टीज मामले में ईडी ने स्मॉल इंडस्ट्रीज के सीजीएम को भेजा समन
ईडी ने पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (पीएसीआईईसी) के चीफ जनरल मैनेजर को 40 एकड़ जमीन आवंटन मामले में समन जारी किया है। यह मामला उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ी फर्म रितेश प्रॉपर्टीज को हुए भूमि आबंटन से जुड़ा है। ईडी ने आरोप लगाया है कि अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने शेल कंपनियों के माध्यम से मोबाइल कारोबार में 157.12 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री दिखाकर निर्यात का टैक्स लाभ हासिल किया। गौरतलब है कि इसी मामले में ईडी पहले भी जालंधर के ठेकेदार अमित बजाज के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।