Khanna: चार गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्रों पर रेड, 150 से ज्यादा लोग कराए गए आजाद; ऑपरेशन प्रहार से मिली थी लीड
पुलिस जांच में सामने आया कि ये सभी नशा मुक्ति केंद्र बिना किसी सरकारी मंजूरी के अवैध रूप से चलाए जा रहे थे। न तो इनके पास हेल्थ डिपार्टमेंट की अनुमति थी और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। केंद्रों में रह रहे लोगों को उनकी मर्जी के बिना रखा गया था।
विस्तार
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान मिशन प्रहार के तहत खन्ना पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। एसएसपी खन्ना डॉ. दर्पण आहलूवालिया के नेतृत्व में जिले में चल रहे चार गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्रों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान इन केंद्रों में 150 से अधिक लोगों को जबरन और अमानवीय हालात में बंद रखे जाने का खुलासा हुआ, जिन्हें पुलिस ने तुरंत रिहा कराया।
बिना मंजूरी चल रहे थे केंद्र, बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव
पुलिस जांच में सामने आया कि ये सभी नशा मुक्ति केंद्र बिना किसी सरकारी मंजूरी के अवैध रूप से चलाए जा रहे थे। न तो इनके पास हेल्थ डिपार्टमेंट की अनुमति थी और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। केंद्रों में रह रहे लोगों को उनकी मर्जी के बिना रखा गया था। कई जगहों पर साफ-सफाई, दवाइयों, सही भोजन और इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी पाई गई।
घुंघराली राजपूता में दो केंद्र, 90 लोग बंद, मारपीट और जबरन मजदूरी
सबसे चौंकाने वाला मामला घुंघराली राजपूता गांव से सामने आया, जहां गुरबाणी से जोड़ने के नाम पर दो गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे थे। यहां करीब 90 लोगों को रखा गया था। पीड़ितों ने बताया कि उनके साथ मारपीट की जाती थी और उनसे घर के काम जबरन कराए जाते थे।
एक व्यक्ति ने बताया कि जमीनी विवाद के चलते उसके रिश्तेदारों ने उसे जबरदस्ती यहां भेज दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। यह भी आरोप लगाया कि गुरबाणी के नाम पर बेअदबी हो रही थी, जिस पर एसजीपीसी को संज्ञान लेना चाहिए।
आर्म्स एक्ट का वांछित भगौड़ा भी मिला बंद
घुंघराली राजपूता स्थित केंद्र में लुधियाना पुलिस को वांछित आर्म्स एक्ट का एक भगौड़ा भी छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने उसे मौके से काबू कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पायल और राड़ा साहिब से भी लोगों को कराया गया मुक्त
पायल के गोबिंदपुरा में चल रहे गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्र से करीब 10 लोगों को रिहा कराया गया, जबकि राड़ा साहिब में चल रहे केंद्र में 50 से ज्यादा लोग बंद पाए गए। सभी को पुलिस की निगरानी में बाहर निकाला गया। रिहा किए गए लोगों में से कुछ को उनके परिजन अपने साथ ले गए, जबकि बाकी को सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाया गया, ताकि उन्हें सही इलाज और देखभाल मिल सके।
हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम भी रही साथ
एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान हेल्थ डिपार्टमेंट से मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. नवनीत कौर की टीम को भी साथ रखा गया था। टीम ने मौके पर लोगों की मानसिक और शारीरिक स्थिति की जांच की और जरूरी सलाह दी।
मिशन प्रहार से मिली लीड, एक साथ चार जगह रेड
एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि हाल ही में मिशन प्रहार के तहत पुलिस ने तीन दिनों में 106 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि गैंगस्टर दो तरीकों से लोगों को हायर करते हैं—पहला सोशल मीडिया के माध्यम से और दूसरा गैरकानूनी नशा मुक्ति केंद्रों के जरिए। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस को पुख्ता लीड मिली और आज एक साथ चार केंद्रों पर छापेमारी की गई।
केंद्र संचालकों पर एफआईआर, सख्त धाराएं लगेंगी
एसएसपी ने साफ कहा कि इन गैरकानूनी केंद्रों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित केंद्र संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है और कानून की सभी सख्त धाराएं लगाई जाएंगी। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
नशे के खिलाफ पुलिस का स्पष्ट संदेश
इस बड़ी कार्रवाई के जरिए खन्ना पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि नशे के नाम पर लोगों के साथ खिलवाड़, जबरन कैद और अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में भी ऐसे केंद्रों पर लगातार नजर रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
