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संत लोंगोवाल की बरसी: अकाली दल (पुनर सुरजीत) के मंच से हरियाणा सीएम का किनारा, दूरी का कारण क्या
Thu, 20 Aug 2026 01:07 PM IST
Nivedita
सुशील कुमार, संवाद, सुनाम
सुशील कुमार, संवाद, सुनाम
Published by: Nivedita
Updated Thu, 20 Aug 2026 01:07 PM IST
सार
संत लोंगोवाल ने पंजाब में अमन-शांति के लिए शहादत दी थी। उन्हें 20 अगस्त, 1985 को संगरूर के शेरपुर में शहीद कर दिया गया था। उन्होंने पंजाब की शांति व तरक्की के लिए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से समझौता किया था।
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हरियाणा के सीएम नायब सैनी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मालवा के लोंगोवाल में आज पंथक सियासत का बड़ा शक्ति प्रदर्शन होगा। शहीद संत हरचंद सिंह लोंगोवाल की बरसी पर अकाली राजनीति के दोनों धड़े अपनी ताकत दिखाएंगे।
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शिरोमणि अकाली दल (बादल) और अकाली दल (पुनरसुरजीत) खुद को संत लोंगोवाल की विरासत का असली वारिस साबित करने की होड़ में हैं।
वहीं भाजपा-अकाली गठबंधन की अटकलों के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत हरचंद सिंह लोंगोंवाल की 41वीं पुण्यतिथि पर शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के मंच से किनारा कर लिया। बुधवार को लोंगोंवाल में होने वाले बरसी समारोह में शामिल होने का उनका कार्यक्रम ऐन वक्त पर रद्द हो गया। सियासी गलियारों में इस फैसले को दिल्ली के इशारे से जोड़कर देखा जा रहा है।
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कुछ दिन पहले शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद पंजाब में भाजपा-अकाली गठबंधन की संभावनाएं तेज हुई हैं। ऐसे में भाजपा नेतृत्व नहीं चाहता था कि पार्टी का कोई बड़ा नेता बागी गुट यानी अकाली दल (पुनर सुरजीत) के मंच पर नजर आए।
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आशंका थी कि इससे बादल खेमे में नाराजगी बढ़ेगी और गठबंधन की राह मुश्किल होगी। इसी कारण सीएम सैनी का दौरा अंतिम समय में रद्द कर दिया गया।
कार्यक्रम रद्द होने की दूसरी वजह मंच का राजनीतिक रुख माना जा रहा है। शिअद (पुनर सुरजीत) के मंच से केंद्र सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ तीखी बयानबाजी तय मानी जा रही थी। भाजपा के मुख्यमंत्री के सामने इस तरह की बयानबाजी पार्टी के लिए फजीहत का सबब बन सकती थी। सियासी जानकारों का कहना है कि भाजपा अभी पंजाब में दोबारा जमीन तलाश रही है और वह किसी विवाद से बचना चाहती है।
सुरक्षा टीम पहले ही पहुंच चुकी थी
रियाणा पुलिस की सुरक्षा टीम मंगलवार को ही लोंगोंवाल पहुंच कर जायजा ले चुकी थी। वरिष्ठ अकाली नेता गोविंद सिंह लोंगोंवाल ने हेलीपैड के लिए दो स्थानों का निरीक्षण भी करवाया था। संगरूर भाजपा जिलाध्यक्ष दमन बाजवा ने पुष्टि की कि मुख्यमंत्री का दौरा अपरिहार्य कारणों से रद्द हुआ है।
पंजाब की सियासत में नई खींचतान
संत लोंगोंवाल की बरसी पर पुनर सुरजीत का यह मंच पंजाब की सियासत में नई दरार का संकेत है। एक तरफ सुखबीर बादल केंद्र से नजदीकियां साध रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुनर सुरजीत, भाजपा से दूरी बनाकर अपनी अलग राह बना रहा है।
सीएम सैनी का रैली से दूर रहना साफ संकेत है कि भाजपा फिलहाल पंजाब में किसी भी खेमे के साथ खुलकर जाने के मूड में नहीं है।