{"_id":"69560d0afb973222e40e9af6","slug":"jagraon-police-have-arrested-the-accused-driver-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jagraon: ओवरलोड ट्रक गिरने से गई थी सगे भाई-बहन की जान, पुलिस ने आरोपी चालक को किया गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jagraon: ओवरलोड ट्रक गिरने से गई थी सगे भाई-बहन की जान, पुलिस ने आरोपी चालक को किया गिरफ्तार
Thu, 01 Jan 2026 11:41 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जगरांव (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जगरांव (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:41 AM IST
सार
सदासुख हमेशा बेटी की चाहत रखते थे। भगवान ने उन्हें तीन बेटे दिए। तीसरे बेटे गोपाल के जन्म के बाद उन्होंने अपने भाई की बेटी पिंकी को गोद लिया, कागजों में उसे बेटी बनाया और दिल से अपनाया। घर में खुशियां लौटीं, लेकिन सिस्टम की बेरुखी ने उन खुशियों को बजरी में दफना दिया।
विज्ञापन
हादसे में मारे गए बच्चे और उनके भाई-पिता
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जगरांव के सिधवां बेट रोड पर बुधवार तड़के बजरी से भरे ओवरलोड ट्रक के पलटने से दो मासूम बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पवनदीप सिंह निवासी गुरु तेग बहादर नगर, कचहरी चौक रोड, बरनाला के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ करेगी।
सिधवां बेट रोड पर बुधवार तड़के सतलुज दरिया से बजरी भरकर आ रहा ओवरलोड ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे बनी झुग्गी पर पलट गया। झुग्गी में चार बच्चे सो रहे थे। बजरी सीधे मासूमों पर गिरी और गोपाल व पिंकी दब गए। बच्चे करीब दो घंटे तक बजरी के नीचे तड़पते रहे, लेकिन न सिस्टम आया, न प्रशासन और न एंबुलेंस। सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि हादसे के बाद ट्रक चालक ने इंसानियत दिखाने के बजाय ट्रक का शीशा तोड़ा और मौके से फरार हो गया।
हादसे में घायल बच्चों के पिता सदासुख बदहवास हालत में अपने बच्चों को बचाने की कोशिश करते रहे। मां सकीना की चीखें सड़क पर गूंजती रहीं। सड़क किनारे मूंगफली बेचने वाले मजदूरों और पास के कोल्ड स्टोर के श्रमिकों ने मिलकर करीब दो घंटे में बजरी हटाई लेकिन तब तक दोनों मासूमों की सांसें थम चुकी थीं।
विज्ञापन
सदासुख हमेशा बेटी की चाहत रखते थे। भगवान ने उन्हें तीन बेटे दिए। तीसरे बेटे गोपाल के जन्म के बाद उन्होंने अपने भाई की बेटी पिंकी को गोद लिया, कागजों में उसे बेटी बनाया और दिल से अपनाया। घर में खुशियां लौटीं, लेकिन सिस्टम की बेरुखी ने उन खुशियों को बजरी में दफना दिया।
विज्ञापन
सिधवां बेट रोड पर बुधवार तड़के सतलुज दरिया से बजरी भरकर आ रहा ओवरलोड ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे बनी झुग्गी पर पलट गया। झुग्गी में चार बच्चे सो रहे थे। बजरी सीधे मासूमों पर गिरी और गोपाल व पिंकी दब गए। बच्चे करीब दो घंटे तक बजरी के नीचे तड़पते रहे, लेकिन न सिस्टम आया, न प्रशासन और न एंबुलेंस। सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि हादसे के बाद ट्रक चालक ने इंसानियत दिखाने के बजाय ट्रक का शीशा तोड़ा और मौके से फरार हो गया।
विज्ञापन
हादसे में घायल बच्चों के पिता सदासुख बदहवास हालत में अपने बच्चों को बचाने की कोशिश करते रहे। मां सकीना की चीखें सड़क पर गूंजती रहीं। सड़क किनारे मूंगफली बेचने वाले मजदूरों और पास के कोल्ड स्टोर के श्रमिकों ने मिलकर करीब दो घंटे में बजरी हटाई लेकिन तब तक दोनों मासूमों की सांसें थम चुकी थीं।
विज्ञापन
सदासुख हमेशा बेटी की चाहत रखते थे। भगवान ने उन्हें तीन बेटे दिए। तीसरे बेटे गोपाल के जन्म के बाद उन्होंने अपने भाई की बेटी पिंकी को गोद लिया, कागजों में उसे बेटी बनाया और दिल से अपनाया। घर में खुशियां लौटीं, लेकिन सिस्टम की बेरुखी ने उन खुशियों को बजरी में दफना दिया।