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लुधियाना में बोले नितिन नबीन: औद्योगिक मुद्दों पर केंद्र का सहयोग नहीं कर रही पंजाब सरकार, तय होगी जवाबदेही
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 22 Jun 2026 05:43 PM IST
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सार
नितिन नबीन ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जब वे बिहार के मंत्री थे, तो उन्होंने खुद देखा था कि कैसे पंजाब से उद्योगों का पलायन बिहार में हुआ था।
पंजाब दौरे पर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब के औद्योगिक और व्यावसायिक गौरव को फिर से बहाल करना भाजपा का संकल्प है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। पंजाब में औद्योगिक विकास और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया जाएगा। इसके साथ ही किसानी भी इसके समानांतर चलेगी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने लुधियाना में यह बयान दिया।
सुनी उद्योगपतियों की समस्याएं
अपने पंजाब दौरे के दौरान वह लुधियाना में पंजाब के उद्योगपतियों की समस्याएं सुन रहे थे। उन्होंने कहा कि उद्योग के हर वर्ग की समस्याएं अलग-अलग होती हैं, लेकिन इनके समाधान के लिए सरकार की नीति, नीयत और निर्णायक नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भाजपा इस मामले में स्पष्ट है। पंजाब के औद्योगिक मुद्दों में केंद्र सरकार का पंजाब सरकार उचित सहयोग नहीं कर रही है।
पंजाब के लोग अपनी खेती और उद्योग के लिए पूरे देश में एक खास पहचान रखते थे। पंजाब की औद्योगिक विरासत इतनी मजबूत रही है और यदि आज वह वैसी नहीं रही, तो यह चिंता का विषय है। पंजाब सरकार से इसकी जवाबदेही केंद्र की भाजपा सरकार तय करेगी। उन्होंने कहा हम लगातार संवाद कर रहे हैं, इसी से चीजें आगे बढ़ती हैं। यदि कोई सरकार इसे नकारात्मक विचार के रूप में लेती है तो विकास संभव नहीं है।
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नितिन नबीन ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जब वे बिहार के मंत्री थे, तो उन्होंने खुद देखा था कि कैसे पंजाब से उद्योगों का पलायन बिहार में हुआ था। उन्होंने कहा कि वास्तव में पंजाब में उद्योगों के लिए न तो अच्छा माहौल है और न ही कोई सपोर्ट सिस्टम। जब तक राज्य में एक अच्छी औद्योगिक नीति नहीं होगी, तब तक उद्योग प्रगति नहीं कर सकता। इसके साथ-साथ उचित कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुशासन होना बेहद जरूरी है।
सुनी उद्योगपतियों की समस्याएं
अपने पंजाब दौरे के दौरान वह लुधियाना में पंजाब के उद्योगपतियों की समस्याएं सुन रहे थे। उन्होंने कहा कि उद्योग के हर वर्ग की समस्याएं अलग-अलग होती हैं, लेकिन इनके समाधान के लिए सरकार की नीति, नीयत और निर्णायक नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भाजपा इस मामले में स्पष्ट है। पंजाब के औद्योगिक मुद्दों में केंद्र सरकार का पंजाब सरकार उचित सहयोग नहीं कर रही है।
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पंजाब के लोग अपनी खेती और उद्योग के लिए पूरे देश में एक खास पहचान रखते थे। पंजाब की औद्योगिक विरासत इतनी मजबूत रही है और यदि आज वह वैसी नहीं रही, तो यह चिंता का विषय है। पंजाब सरकार से इसकी जवाबदेही केंद्र की भाजपा सरकार तय करेगी। उन्होंने कहा हम लगातार संवाद कर रहे हैं, इसी से चीजें आगे बढ़ती हैं। यदि कोई सरकार इसे नकारात्मक विचार के रूप में लेती है तो विकास संभव नहीं है।
नितिन नबीन ने कहा कि कोरोना काल के दौरान जब वे बिहार के मंत्री थे, तो उन्होंने खुद देखा था कि कैसे पंजाब से उद्योगों का पलायन बिहार में हुआ था। उन्होंने कहा कि वास्तव में पंजाब में उद्योगों के लिए न तो अच्छा माहौल है और न ही कोई सपोर्ट सिस्टम। जब तक राज्य में एक अच्छी औद्योगिक नीति नहीं होगी, तब तक उद्योग प्रगति नहीं कर सकता। इसके साथ-साथ उचित कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुशासन होना बेहद जरूरी है।
गैंगस्टरवाद और रंगदारी को लेकर बोले उद्योगपति
उद्योगपतियों ने जहां पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए। वहीं गैंगस्टरवाद, रंगदारी और खराब कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
मंडी गोबिंदगढ़ के उद्योगपतियों ने नितिन नबीन को बताया कि पंजाब में लोहे के रीसाइक्लिंग उद्योग में फर्जी (बोगस) जीएसटी बिल घोटाले के कारण सरकारी खजाने को करीब दो लाख करोड़ रुपये का चूना लगता है। इससे भी दुख की बात यह है कि किसी भी मंच पर इसकी सुनवाई नहीं हो रही है।
साइकिल उद्योग के प्रतिनिधियों ने कहा कि चीन जहां 30 करोड़ साइकिल बना रहा है, वहीं भारत में केवल 3 करोड़ ही बन रही हैं इसलिए नए सिरे से योजना बनाने की आवश्यकता है। एग्रो-कंबाइन इंडस्ट्री ने कंबाइनों को पास करवाने की समय-सीमा घटाए जाने का मुद्दा उठाया। राइस मिलर्स ने अमेरिका-इरान युद्ध और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण लागत बढ़ने का मुद्दा उठाया और मांग की कि बासमती निर्यात (इम्पोर्ट/एक्सपोर्ट संदर्भ में) के लिए सब्सिडी मिलनी चाहिए। नट-बोल्ट इंडस्ट्री ने लाइसेंस लेने के लिए लाखों रुपये की फीस को अनुचित बताया और इसे कम करने की मांग की।
उद्योगपतियों ने जहां पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए। वहीं गैंगस्टरवाद, रंगदारी और खराब कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
मंडी गोबिंदगढ़ के उद्योगपतियों ने नितिन नबीन को बताया कि पंजाब में लोहे के रीसाइक्लिंग उद्योग में फर्जी (बोगस) जीएसटी बिल घोटाले के कारण सरकारी खजाने को करीब दो लाख करोड़ रुपये का चूना लगता है। इससे भी दुख की बात यह है कि किसी भी मंच पर इसकी सुनवाई नहीं हो रही है।
साइकिल उद्योग के प्रतिनिधियों ने कहा कि चीन जहां 30 करोड़ साइकिल बना रहा है, वहीं भारत में केवल 3 करोड़ ही बन रही हैं इसलिए नए सिरे से योजना बनाने की आवश्यकता है। एग्रो-कंबाइन इंडस्ट्री ने कंबाइनों को पास करवाने की समय-सीमा घटाए जाने का मुद्दा उठाया। राइस मिलर्स ने अमेरिका-इरान युद्ध और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण लागत बढ़ने का मुद्दा उठाया और मांग की कि बासमती निर्यात (इम्पोर्ट/एक्सपोर्ट संदर्भ में) के लिए सब्सिडी मिलनी चाहिए। नट-बोल्ट इंडस्ट्री ने लाइसेंस लेने के लिए लाखों रुपये की फीस को अनुचित बताया और इसे कम करने की मांग की।