सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   Raw Material Prices Rise Bicycles Become Up to ₹350 More Expensive Meeting of G-13 Bicycle Forum

कच्चे माल के दाम बढ़े: साइकिलें 350 रुपये तक महंगी हुई, जी-13 बाइसिकल फोरम की आपात बैठक में फैसला

राजीव शर्मा, संवाद, लुधियाना (पंजाब) Published by: Nivedita Updated Sat, 04 Apr 2026 12:56 PM IST
विज्ञापन
सार

जी-13 बाइसिकल फोरम के प्रधान राजिंदर जिंदल एवं महासचिव रोहित पाहवा ने कहा कि मौजूदा हालात में बिना कीमत बढ़ाए उद्योग का संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से साइकिलों के दाम सेगमेंट के अनुसार बढ़ाने का निर्णय लिया।

Raw Material Prices Rise Bicycles Become Up to ₹350 More Expensive Meeting of G-13 Bicycle Forum
Electric Cycle - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार

कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों ने साइकिल उद्योग पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। इसी के चलते जी-13 बाइसिकल फोरम की आपात बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से साइकिलों के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है।
Trending Videos


फोरम से जुड़े साइकिल निर्माताओं ने कच्चे माल की तेजी से बढ़ती कीमतों पर गहरी चिंता जताई है। स्टील, प्लास्टिक, टायर-ट्यूब, ब्रास और निकेल जैसी आवश्यक इनपुट सामग्री की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है जिससे उत्पादन लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। फोरम के प्रधान राजिंदर जिंदल एवं महासचिव रोहित पाहवा ने कहा कि मौजूदा हालात में बिना कीमत बढ़ाए उद्योग का संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है। इस स्थिति को देखते हुए सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से साइकिलों के दाम सेगमेंट के अनुसार बढ़ाने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस प्रकार बढ़ाए दाम

नई दरों के अनुसार स्टैंडर्ड साइकिलों की कीमत में 235 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वहीं एमटीबी और लेडीज साइकिलों के दाम 260 रुपये तक बढ़ाए गए हैं। बच्चों की साइकिलों पर 225 रुपये और मल्टीस्पीड साइकिलों पर 350 रुपये तक की बढ़ोतरी लागू की गई है। यह निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू माना जाएगा।

राजिंदर जिंदल ने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल ने उद्योग की लागत संरचना को पूरी तरह प्रभावित किया है। यदि समय रहते कीमतों में समायोजन नहीं किया जाता, तो उत्पादन और सप्लाई दोनों पर असर पड़ सकता है। महासचिव रोहित पाहवा ने बताया कि यह निर्णय उद्योग के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए लिया गया है और इसका उद्देश्य केवल बढ़ी हुई लागत की आंशिक भरपाई करना है। कोऑर्डिनेटर उमेश कुमार नारंग ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।

15 को करेंगे स्थिति की समीक्षा 

साइकिल निर्माताओं ने यह भी तय किया है कि 15 अप्रैल को एक बार फिर स्थिति की समीक्षा की जाएगी। यदि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है, तो प्रति साइकिल 100 रुपये तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी भी की जा सकती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इनपुट लागत पर नियंत्रण नहीं हुआ तो इसका असर आने वाले समय में बाजार की मांग और उपभोक्ताओं की जेब दोनों पर पड़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed