कनाडा में बढ़ी महंगाई: भारतीय प्रवासियों की बचत घटी, अमेरिकी शुल्क और महंगे पेट्रोल से बढ़ी मुश्किलें
भारतीय परिवारों को भारत यात्रा के लिए हवाई किराए, स्थानीय परिवहन और बीमा के बढ़ते खर्च का सामना करना पड़ रहा है। भारत में परिजनों से जुड़ने के लिए मोबाइल और इंटरनेट बिल भी एक स्थायी आर्थिक बोझ बन गए हैं।
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कनाडा में रह रहे भारतीय मूल के परिवारों को बढ़ती महंगाई और अमेरिकी शुल्क से गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आपूर्ति में व्यवधानों के कारण पेट्रोल की कीमतों में भारी उछाल आया है। जुलाई में कनाडा की वार्षिक महंगाई दर बढ़कर तीन फीसदी हो गई, जो जून में 2.8 फीसदी थी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में अगस्त के दौरान 0.5 फीसदी की मासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कनाडा-अमेरिका के बीच जारी व्यापार विवाद और अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 50 फीसदी तक के नए शुल्क ने भारतीय उद्यमियों और नौकरीपेशा लोगों के सामने नई आर्थिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अगस्त में पेट्रोल की कीमतों में 25.7 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि जून में यह 20.5 फीसदी थी।
इससे परिवहन क्षेत्र की लागत में 6.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कनाडा में सार्वजनिक परिवहन सीमित होने के कारण निजी वाहन भारतीय परिवारों के लिए अनिवार्य हैं। ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई, वितरण और किराए के वाहन चलाने वालों पर सीधा असर पड़ा है। ढुलाई महंगी होने से बड़े स्टोर और खाद्य सामग्रियों की कीमतें भी बढ़ी हैं। जून में खाद्य वस्तुएं सालाना आधार पर 3.5 फीसदी महंगी दर्ज की गई थीं।
पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि महंगाई का मुख्य कारण बनी है। अगस्त में पेट्रोल की दरें एक साल पहले की तुलना में 25.7 फीसदी अधिक थीं। जून में यह आंकड़ा 20.5 फीसदी था। परिवहन क्षेत्र की लागत में 6.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। निजी वाहनों पर निर्भरता के कारण भारतीय परिवारों पर इसका सीधा बोझ पड़ा है। माल ढुलाई और वितरण जैसे व्यवसायों से जुड़े लोगों की आय प्रभावित हुई है।
कनाडा-अमेरिका के बीच व्यापार विवाद गहरा रहा है। अमेरिका 19 अगस्त से कनाडा के लगभग 20 अरब डॉलर मूल्य के आयात पर 50 फीसदी तक नया शुल्क लगाने की तैयारी में है। इसमें लकड़ी, फर्नीचर, डेयरी, वाइन और सीमेंट जैसे उत्पाद शामिल हैं। यदि यह शुल्क लागू होता है, तो कनाडा में उत्पादन और निवेश पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इससे रोजगार के अवसर भी प्रभावित होंगे, जिसका सीधा असर इन क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय मूल के लोगों पर पड़ेगा।
घर खरीदारों की मासिक किस्तें बढ़ जाएंगी
भारतीय परिवारों को भारत यात्रा के लिए हवाई किराए, स्थानीय परिवहन और बीमा के बढ़ते खर्च का सामना करना पड़ रहा है। भारत में परिजनों से जुड़ने के लिए मोबाइल और इंटरनेट बिल भी एक स्थायी आर्थिक बोझ बन गए हैं। बैंक ऑफ कनाडा ने अपनी प्रमुख ब्याज दर 2.25 फीसदी पर स्थिर रखी है। हालांकि, यदि ईंधन का दबाव अन्य वस्तुओं तक फैलता है, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे घर खरीदारों की मासिक किस्तें बढ़ जाएंगी। कनाडा में बढ़ता घरेलू खर्च और महंगाई भारतीय प्रवासियों की बचत को कम कर रही है। इससे भारत में परिजन को भेजी जाने वाली रकम (प्रेषण) में कमी आने की आशंका है।