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Ludhiana News: सऊदी अरब में हजारों भारतीय कामगारों पर निर्वासन की तलवार लटकी
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Mon, 22 Jun 2026 10:16 PM IST
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निवास, श्रम और सीमा सुरक्षा कानूनों को लागू करने के लिए अभियान तेज
कंवरपाल-- -- -- -- -- -- संवाद
हलवारा। यूनाइटेड अरब अमीरात के बाद अब सऊदी अरब में निवास, श्रम और सीमा सुरक्षा कानूनों को लागू करने के लिए वहां की सरकार ने देशव्यापी अभियान तेज कर दिया है। हर सप्ताह हजारों लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद देश से निर्वासित किया जा रहा है। इससे वहां गैर कानूनी रह रहे हजारों भारतीय कामगारों पर निर्वासन की तलवार लटक गई है। कई को निर्वासित किए जाने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
संयुक्त सुरक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध प्रवासियों, नियमों का उल्लंघन कर काम करने वाले श्रमिकों और अवैध तरीके से सीमा पार करने की कोशिश करने वाले लोगों को लक्षित करके निर्वासित करना है। हिरासत में लिए गए मामलों में सबसे अधिक संख्या निवास परमिट उल्लंघन से जुड़ी है, जबकि सीमा सुरक्षा और श्रम कानून उल्लंघन के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सीमा पार करने की कोशिश के दौरान पकड़े गए लोगों में कुछ विशेष राष्ट्रीयताओं का अनुपात अधिक देखा गया है, जिन्हें मुख्य रूप से अवैध प्रवेश के मामलों में हिरासत में लिया जा रहा है।
सरकार ने अवैध प्रवासियों को सहायता देने, उन्हें रोजगार या आश्रय प्रदान करने वालों के खिलाफ भी कड़े दंड का प्रावधान किया है, जिसमें लंबी जेल सजा, भारी जुर्माना और संपत्ति जब्ती तक शामिल है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को पहले कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसके बाद उनके देशों के दूतावासों के माध्यम से यात्रा दस्तावेज़ तैयार कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद बड़े पैमाने पर निर्वासन की कार्रवाई होगी। यह अभियान सऊदी अरब की आंतरिक सुरक्षा और श्रम प्रणाली को नियंत्रित करने की व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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इस समय सऊदी अरब में लगभग 23 से 27 लाख भारतीय काम कर रहे हैं। इनमें से कई भारतीय कर्मचारी निर्माण, रिटेल, स्वास्थ्य सेवा, तकनीकी और परामर्श क्षेत्रों में कार्यरत हैं। सऊदी अरब में पंजाब के हजारों ड्राइवर प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मशीन ऑपरेटर्स, मेसन, बार्बर, टाइल मेसन काम कर रहे हैं।
भारतीय कामगारों के हितों की रक्षा के लिए सऊदी सरकार द्वारा हाल ही में श्रम कानूनों में भी कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं लेकिन वहां की सरकार अवैध रूप से रहने वालों पर अब सख्ती करने लगी है। कई भारतीय जिस कंपनी के साथ अनुबंध करके सऊदी अरब जाते हैं वहां झगड़ा होने या फिर अन्य किन्हीं कारणों से कंपनी छोड़कर भाग जाते हैं। ऐसे लोग सऊदी अरब में बिना पासपोर्ट और कागजात काम करते रहते हैं। जिन्हें सऊदी भाषा में खली बली कहा जाता है। अब सऊदी सरकार ने ऐसे कामगारों पर शिकंजा कस दिया है। आने वाले दिनों में सैकड़ों भारतीय सऊदी अरब से निर्वासित किए जा सकते हैं।
कंवरपाल
हलवारा। यूनाइटेड अरब अमीरात के बाद अब सऊदी अरब में निवास, श्रम और सीमा सुरक्षा कानूनों को लागू करने के लिए वहां की सरकार ने देशव्यापी अभियान तेज कर दिया है। हर सप्ताह हजारों लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद देश से निर्वासित किया जा रहा है। इससे वहां गैर कानूनी रह रहे हजारों भारतीय कामगारों पर निर्वासन की तलवार लटक गई है। कई को निर्वासित किए जाने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
संयुक्त सुरक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध प्रवासियों, नियमों का उल्लंघन कर काम करने वाले श्रमिकों और अवैध तरीके से सीमा पार करने की कोशिश करने वाले लोगों को लक्षित करके निर्वासित करना है। हिरासत में लिए गए मामलों में सबसे अधिक संख्या निवास परमिट उल्लंघन से जुड़ी है, जबकि सीमा सुरक्षा और श्रम कानून उल्लंघन के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सीमा पार करने की कोशिश के दौरान पकड़े गए लोगों में कुछ विशेष राष्ट्रीयताओं का अनुपात अधिक देखा गया है, जिन्हें मुख्य रूप से अवैध प्रवेश के मामलों में हिरासत में लिया जा रहा है।
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सरकार ने अवैध प्रवासियों को सहायता देने, उन्हें रोजगार या आश्रय प्रदान करने वालों के खिलाफ भी कड़े दंड का प्रावधान किया है, जिसमें लंबी जेल सजा, भारी जुर्माना और संपत्ति जब्ती तक शामिल है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को पहले कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसके बाद उनके देशों के दूतावासों के माध्यम से यात्रा दस्तावेज़ तैयार कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद बड़े पैमाने पर निर्वासन की कार्रवाई होगी। यह अभियान सऊदी अरब की आंतरिक सुरक्षा और श्रम प्रणाली को नियंत्रित करने की व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इस समय सऊदी अरब में लगभग 23 से 27 लाख भारतीय काम कर रहे हैं। इनमें से कई भारतीय कर्मचारी निर्माण, रिटेल, स्वास्थ्य सेवा, तकनीकी और परामर्श क्षेत्रों में कार्यरत हैं। सऊदी अरब में पंजाब के हजारों ड्राइवर प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मशीन ऑपरेटर्स, मेसन, बार्बर, टाइल मेसन काम कर रहे हैं।
भारतीय कामगारों के हितों की रक्षा के लिए सऊदी सरकार द्वारा हाल ही में श्रम कानूनों में भी कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं लेकिन वहां की सरकार अवैध रूप से रहने वालों पर अब सख्ती करने लगी है। कई भारतीय जिस कंपनी के साथ अनुबंध करके सऊदी अरब जाते हैं वहां झगड़ा होने या फिर अन्य किन्हीं कारणों से कंपनी छोड़कर भाग जाते हैं। ऐसे लोग सऊदी अरब में बिना पासपोर्ट और कागजात काम करते रहते हैं। जिन्हें सऊदी भाषा में खली बली कहा जाता है। अब सऊदी सरकार ने ऐसे कामगारों पर शिकंजा कस दिया है। आने वाले दिनों में सैकड़ों भारतीय सऊदी अरब से निर्वासित किए जा सकते हैं।