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Mohali News: कनाडा भेजने के नाम पर 1.87 लाख रुपये की ठगी, ट्रैवल एजेंसी संचालकों पर मामला दर्ज
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मोहाली। कनाडा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर केरल की एक युवती से 1.87 लाख रुपये ठगने के आरोप में मोहाली स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पंजाब पुलिस के एनआरआई विंग की प्रारंभिक जांच के बाद एफआईआर दर्ज करने की मंजूरी दी गई। केरल के पलक्कड़ निवासी प्रतीक्षा अरुण कुमार ने 23 अप्रैल 2026 को पंजाब पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एनआरआई विंग) को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उन्होंने जनवरी 2024 में कनाडा में नौकरी के लिए मोहाली स्थित स्काईलाइन एजुकेशन सर्विसेज से संपर्क किया था। एजेंसी ने उन्हें ऑफर लेटर, एलएमआईए और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए और कुल 1.87 लाख रुपये लिए।
फर्जी दस्तावेज और वीजा प्रक्रिया
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में पता चला कि ऑफर लेटर फर्जी था। उन्हें वर्क वीजा की बजाय टेंपरेरी रेजिडेंट श्रेणी में बायोमीट्रिक के लिए भेजा गया। एजेंसी ने 1.50 लाख रुपये एलएमआईए के लिए रिफंडेबल सिक्योरिटी बताकर लिए थे। कनाडा पहुंचने के छह माह के भीतर राशि लौटाने का लिखित आश्वासन भी दिया था।
वीजा आवेदन खारिज होने के बाद भी एजेंसी लगातार रिफंड का आश्वासन देती रही। हालांकि, करीब दो वर्ष बीतने के बावजूद पैसे वापस नहीं किए गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि एजेंसी समय-समय पर अपने मोबाइल नंबर बदलती रही। सोशल मीडिया पर भी उसके खिलाफ कई लोगों ने धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।
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पुलिस जांच जारी
प्रतीक्षा अरुण कुमार ने बैंक ट्रांजेक्शन, कथित फर्जी दस्तावेज, ई-मेल, रिफंड एग्रीमेंट और अन्य रिकॉर्ड जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए हैं। एनआरआई विंग की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना एनआरआई मोहाली में स्काईलाइन एजुकेशन के संचालक अर्जुन सिंह और एक अन्य आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 316(2), 318(4) व इमिग्रेशन एक्ट, 1983 की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसआई सोहन सिंह को सौंपी गई है। एसआई का कहना है कि पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के साथ दस्तावेज की सत्यता और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है।
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फर्जी दस्तावेज और वीजा प्रक्रिया
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में पता चला कि ऑफर लेटर फर्जी था। उन्हें वर्क वीजा की बजाय टेंपरेरी रेजिडेंट श्रेणी में बायोमीट्रिक के लिए भेजा गया। एजेंसी ने 1.50 लाख रुपये एलएमआईए के लिए रिफंडेबल सिक्योरिटी बताकर लिए थे। कनाडा पहुंचने के छह माह के भीतर राशि लौटाने का लिखित आश्वासन भी दिया था।
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वीजा आवेदन खारिज होने के बाद भी एजेंसी लगातार रिफंड का आश्वासन देती रही। हालांकि, करीब दो वर्ष बीतने के बावजूद पैसे वापस नहीं किए गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि एजेंसी समय-समय पर अपने मोबाइल नंबर बदलती रही। सोशल मीडिया पर भी उसके खिलाफ कई लोगों ने धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।
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पुलिस जांच जारी
प्रतीक्षा अरुण कुमार ने बैंक ट्रांजेक्शन, कथित फर्जी दस्तावेज, ई-मेल, रिफंड एग्रीमेंट और अन्य रिकॉर्ड जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए हैं। एनआरआई विंग की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना एनआरआई मोहाली में स्काईलाइन एजुकेशन के संचालक अर्जुन सिंह और एक अन्य आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 316(2), 318(4) व इमिग्रेशन एक्ट, 1983 की धारा 24 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसआई सोहन सिंह को सौंपी गई है। एसआई का कहना है कि पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के साथ दस्तावेज की सत्यता और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है।