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शामलात जमीन लीज मामला : यूनिवर्सल एजुकेशनल सोसाइटी के प्रधान की अंतरिम अग्रिम जमानत मंजूर, पांच करोड़ की रंगदारी की जांच शुरू
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मोहाली। ग्राम पंचायत बल्लोपुर की शामलात भूमि के लीज मामले में यूनिवर्सल एजुकेशनल सोसाइटी के प्रधान गुरप्रीत सिंह को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड और बैंक के हलफनामे से स्पष्ट है कि पंचायत की जमीन पर कोई अवैध बोझ नहीं बनाया गया, जिससे स्वामित्व अधिकार प्रभावित हों। ऐसे में आरोपी की हिरासत में पूछताछ आवश्यक नहीं है। एफआईआर में आरोप है कि ग्राम पंचायत बल्लोपुर की 68 बीघा 14 बिस्वा शामलात भूमि 33 वर्ष की लीज पर सोसायटी को दी गई थी। आरोप है कि मूल लीज की शर्तों में बाद में एकतरफा बदलाव कर जमीन पर ऋण लेने का प्रावधान जोड़ा गया, जिससे सोसायटी को अनुचित लाभ पहुंचा। पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक सुशील कुमार अरोड़ा ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि ग्राम पंचायत की जमीन का स्वामित्व कभी भी सोसायटी या बैंक के पास नहीं रहा। बैंक ने केवल लीज अधिकारों को ही माना है। ऋण की सुरक्षा के लिए आरोपी की अन्य निजी संपत्तियां भी गिरवी रखी गई हैं। बचाव पक्ष ने कहा कि गुरप्रीत सिंह ने कभी भी पंचायत की जमीन गिरवी नहीं रखी। ऋण के लिए अपनी निजी संपत्तियां जमा करवाई थीं। बचाव पक्ष ने 2010 के एक अतिरिक्त समझौते का भी हवाला दिया, जिसे बीडीपीओ ने मंजूरी दी थी।
रंगदारी मामले की विजिलेंस जांच
सुनवाई के दौरान गुरप्रीत सिंह ने दावा किया कि शिकायतकर्ता रेशम सिंह ने शिकायत वापस लेने के बदले उनसे 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। इसके समर्थन में उन्होंने शपथपत्र, ऑडियो रिकॉर्डिंग और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अदालत में पेश किए। अदालत ने इसे एक अलग और गंभीर जांच का विषय माना। अदालत ने दोनों पक्षों के हलफनामे और साक्ष्य पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्य निदेशक को भेजने के आदेश दिए हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। अदालत ने गुरप्रीत सिंह को 10 दिन के भीतर जांच में शामिल होने और गिरफ्तारी की स्थिति में अंतरिम अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
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रंगदारी मामले की विजिलेंस जांच
सुनवाई के दौरान गुरप्रीत सिंह ने दावा किया कि शिकायतकर्ता रेशम सिंह ने शिकायत वापस लेने के बदले उनसे 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। इसके समर्थन में उन्होंने शपथपत्र, ऑडियो रिकॉर्डिंग और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अदालत में पेश किए। अदालत ने इसे एक अलग और गंभीर जांच का विषय माना। अदालत ने दोनों पक्षों के हलफनामे और साक्ष्य पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्य निदेशक को भेजने के आदेश दिए हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। अदालत ने गुरप्रीत सिंह को 10 दिन के भीतर जांच में शामिल होने और गिरफ्तारी की स्थिति में अंतरिम अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
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