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Mohali News: डेंगू की रोकथाम के लिए घर-घर हो रहा सर्वे, 52 बेड आरक्षित
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मोहाली। मानसून के दौरान डेंगू के खतरे को देखते हुए मोहाली स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। जुलाई से जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सोमवार से वीरवार तक स्वास्थ्य विभाग की 30 टीमें घर-घर जाकर डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के लारवा की जांच करेंगी। जहां भी लारवा मिलेगा, वहां तुरंत लार्वीसाइड का छिड़काव कर उसे नष्ट किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में वृद्धि को रोकना है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन क्षेत्रों में पिछले वर्ष डेंगू का लारवा मिला था, वहां दो महीने पहले से ही एंटी-लारवा गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं। कुमड़ा, बलौंगी, डेराबस्सी, बड़माजरा, मुबारकपुर, मटौर और जुझार नगर जैसे संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में नियमित रूप से लार्वीसाइड का छिड़काव और जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। जिला डेंगू नोडल अधिकारी अनामिका सोनी ने कहा कि डेंगू की रोकथाम में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। प्रत्येक नागरिक को अपने घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा पानी जमा नहीं होने देने में सहयोग करना चाहिए।
रोकथाम के उपाय और जनभागीदारी
मोहाली जिला मलेरिया अधिकारी और नोडल ऑफिसर अनामिका सोनी ने बताया कि पोस्ट मानसून के दौरान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान और 60 से 80 प्रतिशत आर्द्रता एडीज मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल होती है। इसी कारण इस बार मानसून से पहले ही रोकथाम के उपाय तेज कर दिए गए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों, कूलरों, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायरों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। साफ और ठहरा हुआ पानी डेंगू मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख स्रोत होता है। स्वास्थ्य विभाग ने बुखार आने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराने और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लेने की सलाह दी है। डेंगू मरीजों के उपचार के लिए जिले के सरकारी अस्पतालों में कुल 52 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें सिविल अस्पताल फेज-6, मोहाली में 20, सब डिवीजनल अस्पताल खरड़ और डेराबस्सी में 10-10, सीएचसी ढकोली में छह तथा सीएचसी कुराली, लालड़ू और बड़ूर में दो-दो बेड उपलब्ध रहेंगे।
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रोकथाम के उपाय और जनभागीदारी
मोहाली जिला मलेरिया अधिकारी और नोडल ऑफिसर अनामिका सोनी ने बताया कि पोस्ट मानसून के दौरान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान और 60 से 80 प्रतिशत आर्द्रता एडीज मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल होती है। इसी कारण इस बार मानसून से पहले ही रोकथाम के उपाय तेज कर दिए गए हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों, कूलरों, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायरों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। साफ और ठहरा हुआ पानी डेंगू मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख स्रोत होता है। स्वास्थ्य विभाग ने बुखार आने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराने और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लेने की सलाह दी है। डेंगू मरीजों के उपचार के लिए जिले के सरकारी अस्पतालों में कुल 52 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें सिविल अस्पताल फेज-6, मोहाली में 20, सब डिवीजनल अस्पताल खरड़ और डेराबस्सी में 10-10, सीएचसी ढकोली में छह तथा सीएचसी कुराली, लालड़ू और बड़ूर में दो-दो बेड उपलब्ध रहेंगे।
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