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Mohali News: मोहाली में नव इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का लाइसेंस रद्द, एडीएम की कार्रवाई
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मोहाली। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) गीतिका सिंह ने मोहाली स्थित नव इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट-2012 के तहत की गई है। फर्म पर सोशल मीडिया पर भर्ती संबंधी विज्ञापनों और नियमों के उल्लंघन के आरोप थे। फर्म का कार्यालय फेज-3बी2 की तीसरी मंजिल पर संचालित था। एडीएम ने बताया कि फर्म के संचालक गौरव कटारिया को 21 अगस्त 2025 को कंसल्टेंसी कार्य के लिए लाइसेंस जारी किया गया था, जिसकी वैधता 20 अगस्त 2030 तक थी। लाइसेंसधारक को कार्यालय की गतिविधियों, सेमिनार, विज्ञापनों और मासिक स्व-घोषणा संबंधी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे।
प्रशासन के अनुसार, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स, चंडीगढ़ ने जानकारी दी थी कि फर्म सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भर्ती संबंधी विज्ञापन प्रकाशित कर इमिग्रेशन एक्ट, 1983 के प्रावधानों का उल्लंघन कर रही है। इसके बाद फर्म को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण और संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे। जांच के दौरान भवन मालिक गुरमिंदर सिंह धालीवाल ने भी प्रशासन को बताया कि फर्म ने फरवरी 2026 में उक्त परिसर खाली कर दिया था। इन तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट-2012 की धारा 6(1)(ई) और इमिग्रेशन एक्ट, 1983 के प्रावधानों के तहत फर्म का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि फर्म, उसके संचालक या मालिक के विरुद्ध कोई शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित पक्ष उसकी पूरी जिम्मेदारी वहन करेंगे।
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प्रशासन के अनुसार, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स, चंडीगढ़ ने जानकारी दी थी कि फर्म सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भर्ती संबंधी विज्ञापन प्रकाशित कर इमिग्रेशन एक्ट, 1983 के प्रावधानों का उल्लंघन कर रही है। इसके बाद फर्म को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण और संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे। जांच के दौरान भवन मालिक गुरमिंदर सिंह धालीवाल ने भी प्रशासन को बताया कि फर्म ने फरवरी 2026 में उक्त परिसर खाली कर दिया था। इन तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट-2012 की धारा 6(1)(ई) और इमिग्रेशन एक्ट, 1983 के प्रावधानों के तहत फर्म का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि फर्म, उसके संचालक या मालिक के विरुद्ध कोई शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित पक्ष उसकी पूरी जिम्मेदारी वहन करेंगे।
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