{"_id":"6a7e2be4375d895c15016811","slug":"fraud-in-the-name-of-merchant-navy-jobs-19-lakh-swindled-from-six-youths-case-registered-against-four-mohali-news-c-71-1-mli1017-145917-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"मर्चेंट नेवी में नौकरी के नाम पर ठगी : छह युवकों से 19 लाख रुपये हड़पे, चार पर मामला दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मर्चेंट नेवी में नौकरी के नाम पर ठगी : छह युवकों से 19 लाख रुपये हड़पे, चार पर मामला दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीरकपुर। मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर छह युवकों से करीब 19 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने ट्राइसिटी शिप मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संचालक करण कुमार ठाकुर, उनकी पत्नी मोनिका ठाकुर और दो कर्मचारियों विनीत व प्रीत समेत चार लोगों पर केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई छह शिकायतों की जांच और वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के बाद की गई है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने सोशल मीडिया और कंपनी कार्यालय के जरिये युवकों को मर्चेंट नेवी में नौकरी का भरोसा दिया। उम्मीदवारों से पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज लिए गए और उनका मेडिकल भी करवाया गया। इसके बाद उन्हें ऑफर लेटर, गारंटी लेटर और ज्वाइनिंग से जुड़े दस्तावेज दिए गए। नौकरी के नाम पर युवकों से अलग-अलग रकम वसूली गई। नंगल निवासी नवीन कुमार से दो लाख रुपये, आगरा के भोले सिंह से 3.50 लाख और चंद्रपाल धनगर से 70 हजार रुपये लिए गए। केरल के लेनी जोसेफ से 3.95 लाख, कन्नूर के अर्जुन पाल्टोडी से 3.90 लाख और बिहार के अमन सिंह से 4.95 लाख रुपये ठगे गए। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और फोन उठाना बंद कर दिया। रकम वापस मांगने पर दिए गए कुछ चेक बैंक में बाउंस हो गए, जिसमें अमन सिंह का तीन लाख रुपये का चेक भी शामिल था। भर्ती से संबंधित दस्तावेज की जांच में उन्हें फर्जी पाया गया।
ठगी का तरीका
कंपनी कार्यालय में कर्मचारियों द्वारा उम्मीदवारों के दस्तावेज लिए जाते थे। उनका मेडिकल करवाया जाता था। इसके बाद नौकरी से संबंधित फर्जी दस्तावेज दिए जाते थे। फिर उनसे फीस की मांग की जाती थी। पुलिस ने शिकायतकर्ताओं के बयान और भुगतान संबंधी दस्तावेज की जांच की। अन्य रिकॉर्ड की भी गहनता से पड़ताल की गई। जीरकपुर एसएचओ जसबीर सिंह तूर के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें धारा 316(2), 318(4), 336(2), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
ठगी का तरीका
कंपनी कार्यालय में कर्मचारियों द्वारा उम्मीदवारों के दस्तावेज लिए जाते थे। उनका मेडिकल करवाया जाता था। इसके बाद नौकरी से संबंधित फर्जी दस्तावेज दिए जाते थे। फिर उनसे फीस की मांग की जाती थी। पुलिस ने शिकायतकर्ताओं के बयान और भुगतान संबंधी दस्तावेज की जांच की। अन्य रिकॉर्ड की भी गहनता से पड़ताल की गई। जीरकपुर एसएचओ जसबीर सिंह तूर के अनुसार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें धारा 316(2), 318(4), 336(2), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन