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Mohali News: यूएपीए व देशद्रोह मामले में सुनवाई टली, 30 मई अगली तारीख

Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 02:16 AM IST
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Hearing in UAPA and sedition case postponed, next date is May 30
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मोहाली। यूएपीए व देशद्रोह मामले की सुनवाई सोमवार को जिला अदालत में हुई। यह मामला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-1, मोहाली की विशेष अदालत में विचारणीय है। पिछली सुनवाई के दौरान केस को संबंधित अदालत में ट्रांसफर करने के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहाली में फाइल रिसीव हुई थी लेकिन उस पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। आज भी सुनवाई दौरान कोई फैसला नहीं आया है। अदालत ने अगली तारीख 30 मई तय की है।
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पंजाब में कोरोना महामारी के दौरान कथित रूप से भड़काऊ और देश विरोधी ऑडियो संदेश प्रसारित करने के मामले में एसएसओसी ने बड़ी कार्रवाई कर गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह कार्रवाई मोहाली स्थित इंटेलिजेंस मुख्यालय में दर्ज सूचना के आधार पर की गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक अंतरराष्ट्रीय नंबर (+18337020204) से प्री-रिकॉर्डेड ऑडियो संदेश पंजाब के लोगों को भेजे जा रहे हैं। जांच में सामने आया कि ये संदेश 22 मार्च से 30 मार्च 2020 के बीच 3000 से अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं को भेजे गए थे। बताया गया कि इन ऑडियो संदेशों में गुरपतवंत सिंह पन्नू ने पंजाब सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगाकर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। जांच में यह भी सामने आया था कि ये संदेश अमेरिका के न्यूयॉर्क से भेजे जा रहे थे। इनका उद्देश्य लोगों को भड़काकर अलगाववादी एजेंडा को बढ़ावा देना था।
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पुलिस ने बताया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) नामक संगठन, जिससे पन्नू जुड़ा हुआ है, को भारत सरकार द्वारा 10 जुलाई 2019 को गैरकानूनी संगठन घोषित किया जा चुका है। इस संगठन पर देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। प्राथमिक जांच में पाया गया कि पन्नू और उसके सहयोगी कोरोना काल के दौरान लोगों में भय और अस्थिरता का फायदा उठाकर भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर रहे थे। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124-ए (देशद्रोह) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धारा 10(ए) और 13(1) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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