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Mohali News: अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी रैकेट का खुलासा, अज्ञात पर मामला दर्ज
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मोहाली। मोहाली फेज-4 में राज्य साइबर क्राइम पुलिस थाने में सामने आए एक मामले में अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी (साइबर गुलामी) रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि भारत सरकार की ओर से कंबोडिया व अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से रेस्क्यू कर वापस लाए गए कई युवक साइबर स्लेवरी के शिकार हैं।
इन पीड़तों के बयान और पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई ट्रैवल एजेंटों, प्लेसमेंट कंसल्टेंट्स और भर्ती एजेंटों ने विदेशी हैंडलर्स के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची। इन आरोपियों ने पंजाब सहित देश के अन्य राज्यों के बेरोजगार और भोले-भाले युवाओं को आईटी, बीपीओ व अन्य क्षेत्रों में विदेश में नौकरी का झांसा दिया। उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र, नकली जॉब कॉन्ट्रैक्ट और जाली दस्तावेजों के आधार पर टूरिस्ट/वर्क वीजा पर विदेश भेजा गया।
विदेश पहुंचते ही पीड़तों को जबरन साइबर स्कैम कंपाउंड्स में ले जाया गया जहां उनके पासपोर्ट और संचार के साधन छीन लिए गए। उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित कर साइबर फ्रॉड करने के लिए मजबूर किया गया। इनसे बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी बनकर ठगी, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, फिशिंग और अन्य साइबर अपराध कराए गए, जिससे भारत में कई लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया हे।
साइबर पुलिस की एडवाइजरी
- विदेश में नौकरी के लिए केवल सरकारी मान्यता प्राप्त एजेंटों से ही संपर्क करें।
-बिना वेरिफिकेशन किसी भी ऑफर, ई-मेल या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा न करें।
-जॉब ऑफर, वीजा और कंपनी का विवरण एमईए और इमिग्रेशन पोर्टल पर जांचें।
-पासपोर्ट या निजी दस्तावेज किसी एजेंट के पास न छोड़ें।
-किसी भी संदेहजनक गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में दें।
-सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
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इन पीड़तों के बयान और पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई ट्रैवल एजेंटों, प्लेसमेंट कंसल्टेंट्स और भर्ती एजेंटों ने विदेशी हैंडलर्स के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची। इन आरोपियों ने पंजाब सहित देश के अन्य राज्यों के बेरोजगार और भोले-भाले युवाओं को आईटी, बीपीओ व अन्य क्षेत्रों में विदेश में नौकरी का झांसा दिया। उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र, नकली जॉब कॉन्ट्रैक्ट और जाली दस्तावेजों के आधार पर टूरिस्ट/वर्क वीजा पर विदेश भेजा गया।
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विदेश पहुंचते ही पीड़तों को जबरन साइबर स्कैम कंपाउंड्स में ले जाया गया जहां उनके पासपोर्ट और संचार के साधन छीन लिए गए। उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित कर साइबर फ्रॉड करने के लिए मजबूर किया गया। इनसे बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी बनकर ठगी, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, फिशिंग और अन्य साइबर अपराध कराए गए, जिससे भारत में कई लोगों को आर्थिक नुकसान हुआ। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया हे।
साइबर पुलिस की एडवाइजरी
- विदेश में नौकरी के लिए केवल सरकारी मान्यता प्राप्त एजेंटों से ही संपर्क करें।
-बिना वेरिफिकेशन किसी भी ऑफर, ई-मेल या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा न करें।
-जॉब ऑफर, वीजा और कंपनी का विवरण एमईए और इमिग्रेशन पोर्टल पर जांचें।
-पासपोर्ट या निजी दस्तावेज किसी एजेंट के पास न छोड़ें।
-किसी भी संदेहजनक गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में दें।
-सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
