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Mohali News: मोहाली में कूड़े की समस्या का होगा स्थायी समाधान, बनेगा समगौली प्रोजेक्ट
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मोहाली। शहर और आसपास के इलाकों में लंबे समय से चली आ रही कूड़े की समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गांव समगौली में विकसित किया जा रहा संगठित ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट अब जिले के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभर रहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल कूड़े के ढेर की समस्या को खत्म करेगा, बल्कि कचरे से ऊर्जा और उपयोगी संसाधन भी तैयार करेगा। नगर निगम के कमिश्नर संदीप सिंह गाढ़ा ने इस प्रोजेक्ट साइट का दौरा कर प्रगति की समीक्षा की।
उनके साथ जॉइंट कमिश्नर जसजीत सिंह, मुख्य इंजीनियर नरेश बत्ता और विभिन्न नगर परिषदों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर जाकर कार्यों की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित एजेंसियों को जरूरी निर्देश दिए। करीब 39 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट जिले की सभी शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक क्लस्टर आधारित कचरा प्रबंधन सुविधा होगा। इसमें कचरे के संग्रह, छंटाई, प्रोसेसिंग और निपटान की पूरी वैज्ञानिक व्यवस्था तैयार की जा रही है। प्रोजेक्ट में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, कंप्रेस्ड बायोगैस यूनिट, विंड-रो कंपोस्टिंग और सैनिटरी लैंडफिल जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
इसके अलावा ‘लीचेट ट्रीटमेंट’ प्लांट भी स्थापित किया जाएगा, जिससे कचरे से निकलने वाले हानिकारक तरल पदार्थ का सुरक्षित उपचार संभव हो सकेगा। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन) 2.0 के तहत निर्धारित मानकों की पालना भी सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद गैर-वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा फेंकने और डंपिंग की समस्या में काफी कमी आएगी। साथ ही, रीसाइक्लिंग और ऊर्जा उत्पादन के जरिए संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। लंबे समय से कूड़े के ढेर और उससे होने वाली बीमारियों से जूझ रहे मोहाली के लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट बड़ी राहत साबित हो सकता है।
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उनके साथ जॉइंट कमिश्नर जसजीत सिंह, मुख्य इंजीनियर नरेश बत्ता और विभिन्न नगर परिषदों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर जाकर कार्यों की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित एजेंसियों को जरूरी निर्देश दिए। करीब 39 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट जिले की सभी शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक क्लस्टर आधारित कचरा प्रबंधन सुविधा होगा। इसमें कचरे के संग्रह, छंटाई, प्रोसेसिंग और निपटान की पूरी वैज्ञानिक व्यवस्था तैयार की जा रही है। प्रोजेक्ट में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, कंप्रेस्ड बायोगैस यूनिट, विंड-रो कंपोस्टिंग और सैनिटरी लैंडफिल जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
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इसके अलावा ‘लीचेट ट्रीटमेंट’ प्लांट भी स्थापित किया जाएगा, जिससे कचरे से निकलने वाले हानिकारक तरल पदार्थ का सुरक्षित उपचार संभव हो सकेगा। यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन (अर्बन) 2.0 के तहत निर्धारित मानकों की पालना भी सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद गैर-वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा फेंकने और डंपिंग की समस्या में काफी कमी आएगी। साथ ही, रीसाइक्लिंग और ऊर्जा उत्पादन के जरिए संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। लंबे समय से कूड़े के ढेर और उससे होने वाली बीमारियों से जूझ रहे मोहाली के लोगों के लिए यह प्रोजेक्ट बड़ी राहत साबित हो सकता है।
