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सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक : दावे बड़े-बड़े, जमीन पर काम ठप
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मोहाली। सेक्टर-78 का मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक अभी तक जमीन पर नहीं उतर पाया है। करीब 9.36 करोड़ रुपये की लागत का यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2025 तक पूरा होना था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी काम अधूरा है। इस ट्रैक को निर्धारित समय में जमीन पर उतारने के लिए जोरशोर से बड़े-बड़े दावे किए गए लेकिन जमीन पर काम ठप है। 400 मीटर का यह ट्रैक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनाया जाना था, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सके। काम की धीमी रफ्तार और तकनीकी दिक्कतों के कारण खिलाड़ियों को अभी इंतजार करना पड़ेगा।
वर्तमान में हालात यह हैं कि एथलेटिक्स से जुड़े खिलाड़ी अभ्यास के लिए पटियाला, चंडीगढ़ और पंचकूला जैसे शहरों का रुख कर रहे हैं। कई खिलाड़ी सरकारी स्कूलों और पार्कों में अभ्यास करने को मजबूर हैं, जहां उन्हें उचित सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। इससे उनकी तैयारी पर सीधा असर पड़ रहा है। इंटरनेशनल स्तर की खिलाड़ी अनन्या बंसल ने बताया कि ट्रैक न बनने के कारण हालात बेहद खराब हैं। उन्हें मजबूरी में पार्कों में अभ्यास करना पड़ रहा है। दूसरे शहरों में जाने पर भी कई बार अनुमति नहीं मिलती। इससे खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ट्रैक के एलाइनमेंट और डिजाइन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण देरी हुई है। अब काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अगले दो से तीन माह में ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य है। -रूपेश कुमार, जिला खेल अधिकारी
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वर्तमान में हालात यह हैं कि एथलेटिक्स से जुड़े खिलाड़ी अभ्यास के लिए पटियाला, चंडीगढ़ और पंचकूला जैसे शहरों का रुख कर रहे हैं। कई खिलाड़ी सरकारी स्कूलों और पार्कों में अभ्यास करने को मजबूर हैं, जहां उन्हें उचित सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। इससे उनकी तैयारी पर सीधा असर पड़ रहा है। इंटरनेशनल स्तर की खिलाड़ी अनन्या बंसल ने बताया कि ट्रैक न बनने के कारण हालात बेहद खराब हैं। उन्हें मजबूरी में पार्कों में अभ्यास करना पड़ रहा है। दूसरे शहरों में जाने पर भी कई बार अनुमति नहीं मिलती। इससे खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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ट्रैक के एलाइनमेंट और डिजाइन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण देरी हुई है। अब काम को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अगले दो से तीन माह में ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य है। -रूपेश कुमार, जिला खेल अधिकारी
