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Mohali News: 700 ग्राम चरस के साथ पकड़ा युवक दोषी करार, चार साल की सजा
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मोहाली। विशेष एनडीपीएस अदालत ने हिमाचल प्रदेश निवासी सुनील ठाकुर को 700 ग्राम चरस के साथ दोषी करार दिया है। उसे चार वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वर्ष 2019 में उसे घड़ुआं बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया था। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। अभियोजन के अनुसार, 21 फरवरी 2019 को एसटीएफ फेज-4 मोहाली को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना थी कि सुनील ठाकुर लुधियाना से बस के जरिये घरुआं आ रहा है और उसके पास चरस है। पुलिस ने घरुआं बस स्टैंड पर नाकाबंदी की। शाम करीब साढ़े चार बजे आरोपी बस से उतरते ही पुलिस को देखकर घबरा गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद डीएसपी की मौजूदगी में उसके बैग की तलाशी ली गई। इसमें से 700 ग्राम चरस बरामद हुई। मौके पर ही नमूने लेकर सील किए गए। फोरेंसिक जांच में बरामद पदार्थ चरस पाया गया।
अदालत का फैसला
पूछताछ के दौरान आरोपी ने चरस कुल्लू निवासी निशांत खन्ना से खरीदने की बात कही थी। पुलिस ने निशांत खन्ना को भी गिरफ्तार किया था, लेकिन मुकदमे की सुनवाई के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। बचाव पक्ष ने स्वतंत्र गवाह न होने और नमूना भेजने में देरी पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि केवल स्वतंत्र गवाह न होने से पुलिस की कार्रवाई अविश्वसनीय नहीं हो जाती। अदालत ने माना कि बरामदगी से लेकर एफएसएल रिपोर्ट तक पूरी साक्ष्य श्रृंखला सुरक्षित और प्रमाणित रही। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के कब्जे से 700 ग्राम चरस की बरामदगी संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है। अदालत ने इसे गैर-व्यावसायिक मात्रा मानते हुए आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत दोषी ठहराया।
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अदालत का फैसला
पूछताछ के दौरान आरोपी ने चरस कुल्लू निवासी निशांत खन्ना से खरीदने की बात कही थी। पुलिस ने निशांत खन्ना को भी गिरफ्तार किया था, लेकिन मुकदमे की सुनवाई के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। बचाव पक्ष ने स्वतंत्र गवाह न होने और नमूना भेजने में देरी पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि केवल स्वतंत्र गवाह न होने से पुलिस की कार्रवाई अविश्वसनीय नहीं हो जाती। अदालत ने माना कि बरामदगी से लेकर एफएसएल रिपोर्ट तक पूरी साक्ष्य श्रृंखला सुरक्षित और प्रमाणित रही। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के कब्जे से 700 ग्राम चरस की बरामदगी संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है। अदालत ने इसे गैर-व्यावसायिक मात्रा मानते हुए आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 के तहत दोषी ठहराया।
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