पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   Punjab drenched by monsoon Mercury drops Yellow Alert for heavy rain

मानसून से पंजाब सराबोर: पारा 35.2 डिग्री तक लुढ़का, चार दिन भारी बारिश का यलो अलर्ट; बिजली की मांग घटी

Fri, 03 Jul 2026 08:47 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: Nivedita Updated Fri, 03 Jul 2026 08:47 AM IST
सार

मौसम विभाग ने बताया कि मानसून पंजाब के अधिकतर हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। अगले छह दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

विज्ञापन
Punjab drenched by monsoon Mercury drops Yellow Alert for heavy rain
पंजाब में बरसात - फोटो : संवाद/फाइल

विस्तार

मानसून की सक्रियता से पंजाब के अधिकतर हिस्से बुधवार देर रात हुई बारिश से तर हो गए। बारिश के बाद राज्य के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई और सबसे अधिक पारा 35.2 डिग्री सेल्सियस रोपड़ में रिकॉर्ड हुआ। 

विज्ञापन


मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान में 3.6 डिग्री की कमी आने से यह सामान्य से 3.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।
विज्ञापन


मौसम विभाग ने बताया कि मानसून पंजाब के अधिकतर हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। अगले छह दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने पांच जुलाई से चार दिनों के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे आने वाले दिनों में तापमान में छह डिग्री तक और गिरावट आ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बारिश के आंकड़ों में फरीदकोट में 89.0 मिमी, लुधियाना में 82.5 मिमी, फिरोजपुर में 68.0 मिमी, मोगा में 57.5 मिमी और बठिंडा में 56.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वीरवार को अमृतसर का तापमान 33.1 डिग्री, लुधियाना का 33.2 डिग्री, पटियाला का 32.4 डिग्री और बठिंडा का 34.9 डिग्री रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया।

बारिश से घटी बिजली की मांग

पंजाब में मानसून की एंट्री के साथ हुई बारिश ने बिजली की मांग में बड़ी राहत दी है। वीरवार को प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग घटकर 15682 मेगावाट दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले बुधवार को यह 17112 मेगावाट थी। यानी 24 घंटे में बिजली की मांग 1430 मेगावाट कम हो गई। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और धान की सिंचाई के पीक सीजन के कारण मांग लगातार 17 हजार मेगावाट से ऊपर बनी हुई थी।

रिकॉर्ड मांग के चलते पावरकाम पर बिजली आपूर्ति का दबाव बढ़ गया था। घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ रहा था जबकि खेतीबाड़ी के लिए दिन में केवल चार घंटे बिजली आपूर्ति मिल रही थी। बुधवार रात हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से एसी का उपयोग कम हुआ और सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों की जरूरत भी घटी। इससे बिजली की मांग में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।



वीरवार को इस मांग को पूरा करने के लिए पावरकाम के पास अपने सभी स्रोतों से 5222 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। इसमें सरकारी थर्मल प्लांटों से 1695 मेगावाट, हाइडल परियोजनाओं से 810 मेगावाट और निजी थर्मल संयंत्रों से 2682 मेगावाट बिजली मिली। शेष करीब 10648 मेगावाट बिजली नॉर्दर्न ग्रिड से ली गई। हालांकि रोपड़ थर्मल प्लांट की 210 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट और रणजीत सागर बांध की 150 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट बंद रहने से 360 मेगावाट उत्पादन प्रभावित रहा। पावरकाम अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है जिससे बिजली की मांग और कम रह सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed