सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Patiala News ›   Punjab Scorching Heat Mercury Crosses 40 Degrees Orange Alert Issued Three Days

पंजाब में गर्मी के तेवर: 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा, कल से आएगी राहत; तीन दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: Nivedita Updated Tue, 02 Jun 2026 08:59 AM IST
विज्ञापन
सार

पंजाब के मौसम में बुधवार से बदलाव आएगा। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

Punjab Scorching Heat Mercury Crosses 40 Degrees Orange Alert Issued Three Days
पंजाब में भीषण गर्मी - फोटो : ANI/File
विज्ञापन

विस्तार

पंजाब में मौसम साफ होते ही गर्मी ने फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को राज्य का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। 


प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 2.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि यह अभी भी सामान्य से 4.2 डिग्री कम बना हुआ है। सबसे अधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से पंजाब के मौसम में फिर बदलाव आएगा। विभाग ने तीन दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में बदलाव के कारण अगले कुछ दिनों में तापमान में चार डिग्री तक गिरावट आ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंगलवार को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, रूपनगर और मोहाली समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। छह और सात जून को भी राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के न्यूनतम तापमान में भी 2.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रूपनगर में रिकॉर्ड किया गया।
विज्ञापन
Trending Videos


अमृतसर का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री, लुधियाना का 35.6 डिग्री, पटियाला का 35.6 डिग्री, पठानकोट का 37.4 डिग्री, फाजिल्का का 37.1 डिग्री और फिरोजपुर का 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

धान की फसल के लिए फायदेमंद बारिश

पंजाब कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. गुरनाम सिंह ने कहा कि हाल की बारिश धान की फसल के लिए लाभदायक साबित हो रही है। इससे किसानों की सिंचाई की जरूरत कम हुई है और भूजल संरक्षण में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक वर्षा का पानी घुलित नाइट्रोजन को सीधे फसलों तक पहुंचाता है, जिससे जड़ों का बेहतर विकास होता है। साथ ही बारिश के कारण बिजली की मांग में भी कमी आई है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed