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Ajmer News: शिक्षक भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बना साला, जीजा का फोटो बदलकर किया फर्जीवाड़ा, SOG ने दबोचा
Wed, 19 Aug 2026 11:45 AM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर/ जालौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर/ जालौर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2026 11:45 AM IST
सार
वर्ष 2022 वरिष्ठ अध्यापक हिंदी भर्ती परीक्षा में मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने वाले डमी कैंडिडेट को एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह करीब दो साल से फरार चल रहा था।
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आरोपी दिनेश कुमार विश्नोई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान लोक सेवा आयोग की वर्ष 2022 वरिष्ठ अध्यापक हिंदी भर्ती परीक्षा में मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने वाले 10 हजार रुपये के इनामी डमी अभ्यर्थी को एसओजी ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिनेश कुमार विश्नोई के रूप में हुई है। आरोपी मूल अभ्यर्थी सैलाराम का साला बताया जा रहा है।
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एसओजी के अनुसार आरोपी दिनेश कुमार ने सैलाराम की जगह परीक्षा देने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान फर्जीवाड़ा किया। आरोप है कि आवेदन में मूल अभ्यर्थी की फोटो को मॉर्फ कर उसकी जगह फर्जी फोटो लगाई गई। इसके बाद दिनेश कुमार परीक्षा केंद्र पर पहुंचा और सैलाराम के स्थान पर डमी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान भी फर्जीवाड़े को अंजाम देने का आरोप है। आरोपी ने परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र और उपस्थिति पत्रक पर भी फर्जी हस्ताक्षर किए, ताकि परीक्षा में उसकी वास्तविक पहचान सामने नहीं आ सके। परीक्षा के बाद जब मूल अभ्यर्थी का चयन हुआ और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई, तब फोटो में अंतर सामने आने पर पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
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मामले की जांच के दौरान एसओजी ने मूल अभ्यर्थी सैलाराम को 23 अगस्त 2024 को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं डमी अभ्यर्थी दिनेश कुमार गिरफ्तारी से बचने के लिए करीब दो साल से फरार चल रहा था। एसओजी के मुताबिक आरोपी अपनी पहचान छिपाकर जालोर और भीनमाल क्षेत्र में रह रहा था। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लगातार तलाश और सूचना तंत्र के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिल गई।
गिरफ्तारी के बाद एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा फर्जीवाड़े में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और इस पूरे मामले में फर्जी फोटो, दस्तावेज तथा परीक्षा केंद्र से संबंधित व्यवस्थाओं का किस तरह इस्तेमाल किया गया। जांच में परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़ी अन्य कड़ियां सामने आने की संभावना है। भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों के जरिए होने वाले फर्जीवाड़े के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच इस गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है ।