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RPSC में एक साल में क्या-क्या बदला? 47 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा, 10000 नियुक्तियां और जीरो लीकेज का दावा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर Published by: अजमेर ब्यूरो Updated Thu, 18 Jun 2026 05:03 PM IST
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सार

राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए बताया कि आयोग ने 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से ज्यादा परीक्षाएं आयोजित कीं और 10,220 अभ्यर्थियों की चयन अनुशंसा की। जानिए और क्या दावे किए गए।

What has changed at RPSC in a year Exams for 4.7 million candidates 10,000 appointments claim of zero
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने बताया पिछले साल का रिपोर्ट कार्ड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने आगामी 19 जून 2026 को अपना कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर आयोग मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों, प्रशासनिक सुधारों और तकनीकी नवाचारों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस दौरान आयोग के सभी माननीय सदस्य, सचिव एवं मुख्य परीक्षा नियंत्रक भी मौजूद रहे।



‘भर्ती प्रक्रिया में आई तेजी’
अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने बताया कि 12 जून 2025 को पदभार ग्रहण करने के बाद आयोग ने भर्ती प्रक्रियाओं में गति, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए मिशन मोड में कार्य किया। राज्य सरकार से प्राप्त अभ्यर्थनाओं के आधार पर 1 जनवरी 2024 से अब तक 61 भर्ती विज्ञापन जारी किए गए, जबकि उनके कार्यकाल के एक वर्ष में ही 14,536 पदों पर सीधी भर्ती के लिए 16 बड़े विज्ञापन जारी किए गए।
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47 लाख अभ्यर्थियों के लिए 187 परीक्षाएं
उन्होंने बताया कि इस अवधि में 47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 187 से अधिक परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। आयोग की राइट टाइम पॉलिसी के तहत सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित परीक्षा कैलेंडर के अनुसार समय पर आयोजित हुईं।
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एक वर्ष में 10,220 अभ्यर्थियों की चयन अनुशंसा
आयोग द्वारा 1 जनवरी 2024 से अब तक कुल 16,218 सफल अभ्यर्थियों की चयन अनुशंसा संबंधित विभागों को भेजी जा चुकी है। इनमें से 10,220 अभ्यर्थियों की अनुशंसा केवल जून 2025 से जून 2026 के बीच एक वर्ष में भेजी गई, जिसे आयोग की कार्यप्रणाली में आई अभूतपूर्व गति का प्रमाण बताया गया।

जीरो लीकेज और पूर्ण निष्पक्षता के साथ हुई परीक्षाएं
अध्यक्ष साहू ने कहा कि प्रश्न पत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए न्यूमेरिक लॉक सहित सात-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। परीक्षा केंद्रों पर कदाचार रोकने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी की सीट-टू-सीट रियल टाइम डेटा और टाइम स्टैम्प के साथ अत्याधुनिक वीडियोग्राफी कराई गई। इन उपायों के चलते सभी परीक्षाएं जीरो लीकेज और पूर्ण निष्पक्षता के साथ संपन्न हुईं।

रिकॉर्ड इंटरव्यू और पारदर्शी परिणाम
चयन प्रक्रिया को तेज करने के लिए आयोग ने अपने कार्यकाल में 14,885 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार आयोजित किए। इंटरव्यू बोर्डों की कार्यकुशलता बढ़ाते हुए प्रति कार्य दिवस औसतन 60 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू लेकर नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया। साथ ही अंतिम परिणाम जारी होने के तुरंत बाद सफल अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने की परंपरा शुरू कर पारदर्शिता को और मजबूत किया गया।

13 साल बाद लौटी ऑनलाइन भर्ती परीक्षा
आयोग ने जनवरी 2026 से कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षा प्रणाली को पुनः शुरू किया। इससे पहले वर्ष 2013-14 में इस माध्यम से परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। व्याख्याता (आयुष विभाग) और सहायक विद्युत निरीक्षक परीक्षाएं इस प्रणाली से सफलतापूर्वक आयोजित कर उनकी रिस्पॉन्स शीट भी जारी की जा चुकी है।

आयोग ने आगामी ऑनलाइन परीक्षाओं का कार्यक्रम भी घोषित किया। कारखाना एवं बॉयलर तथा केमिकल निरीक्षक परीक्षा 19 सितंबर 2026 को आयोजित होगी, जबकि सहायक निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी परीक्षा 13 से 15 अक्टूबर 2026 तथा वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी परीक्षा 13 से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जाएगी।

नियमों के आधुनिकीकरण पर जोर
आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नियमावली के प्रथम और द्वितीय खंड को अद्यतन किया गया। साथ ही दस्तावेजों के वर्गीकरण, सुरक्षित संधारण तथा समय-सीमा पूरी कर चुके अनुपयोगी अभिलेखों के नियमानुसार निस्तारण की व्यवस्था भी लागू की गई।

666 डीपीसी बैठकों से हजारों कर्मचारियों को लाभ
प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के तहत आयोग में 20 नए पदों का सृजन किया गया। वहीं राज्य कर्मचारियों के समयबद्ध प्रमोशन के लिए रिकॉर्ड 666 विभागीय पदोन्नति समिति बैठकों का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से 34,986 कार्मिकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हुआ।

ग्रीन एनर्जी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आयोग भवन में 250 किलोवॉट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया। साथ ही 807 लाख रुपये की लागत से मुख्य परीक्षा नियंत्रक ब्लॉक का विस्तार, नए इंटरव्यू बोर्ड कक्ष और आधुनिक स्टोर निर्माण का कार्य तेजी से जारी है।

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इसके अलावा आयोग के मुख्य भवन के बेसमेंट में वर्षों पुरानी जलभराव और सीलन की समस्या का स्थायी समाधान करते हुए अत्याधुनिक वॉटरप्रूफिंग कार्य पूरा किया गया। लगभग 20 वर्षों से अनुपयोगी पड़े इस स्थान को अब सुरक्षित रिकॉर्ड संधारण के लिए उपयोग में लिया जा रहा है।

आगे भी रहेगा पारदर्शिता और तकनीक पर फोकस
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने कहा कि आयोग का लक्ष्य भर्ती प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, समयबद्ध और अभ्यर्थी हितैषी बनाना रहा है तथा भविष्य में भी इसी दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

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