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जैसलमेर बॉर्डर पर अलर्ट: भारतीय सीमा में पहुंच रहे पाकिस्तानी मोबाइल सिग्नल, सिम रखने और उपयोग पर लगा प्रतिबंध
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: बालोतरा ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 09:59 PM IST
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सार
जैसलमेर के सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क के सिग्नल भारतीय सीमा के भीतर तक पहुंचने लगे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पाकिस्तानी सिम कार्ड के उपयोग और कब्जे पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जैसलमेर बॉर्डर पर सुरक्षा अलर्ट
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तान की ओर स्थापित मोबाइल टावरों के सिग्नल भारतीय सीमा के भीतर तक पहुंचने लगे हैं। इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती मानते हुए जिला प्रशासन ने पाकिस्तानी सिम कार्ड के उपयोग, कब्जे में रखने और उसके माध्यम से किसी भी प्रकार का संपर्क स्थापित करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सीमा से सटे कई गांवों और चौकियों के आसपास पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क के सिग्नल भारतीय क्षेत्र में भी उपलब्ध हो रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये सिग्नल सीमा से लगभग चार किलोमीटर भीतर तक कैच किए जा सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस स्थिति को संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
सीमा पार नेटवर्क से बढ़ी सुरक्षा चिंता
जैसलमेर का सीमावर्ती इलाका सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से प्रसारित मोबाइल नेटवर्क का भारतीय क्षेत्र तक पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। अधिकारियों का मानना है कि विदेशी नेटवर्क के उपयोग से संचार गतिविधियों की निगरानी अधिक जटिल हो सकती है। इसी कारण प्रशासन ने इस मुद्दे को केवल दूरसंचार व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विषय माना है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों, व्यापारियों, पर्यटकों और अन्य लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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पाकिस्तानी सिम कार्ड रखने पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति पाकिस्तानी सिम कार्ड का उपयोग करता हुआ, अपने पास रखता हुआ या उसके माध्यम से संपर्क स्थापित करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
खुफिया एजेंसियों ने जताई आशंका
खुफिया एजेंसियों के अनुसार विदेशी मोबाइल नेटवर्क का दुरुपयोग देश विरोधी तत्वों द्वारा किया जा सकता है। संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान, संदिग्ध संचार गतिविधियों और अन्य अवैध कार्यों के लिए ऐसे नेटवर्क के इस्तेमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
ये भी पढ़ें- अलवर में बड़ा हादसा: चलती बाइक पर गिरी हाई वोल्टेज तार, दो दोस्तों की दर्दनाक मौत; बाइक भी जलकर खाक
सीमावर्ती गांवों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
सूत्रों के अनुसार प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सीमा से सटे गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाएंगी। लोगों को सलाह दी जाएगी कि वे अनजाने में भी किसी विदेशी नेटवर्क या पाकिस्तानी सिम कार्ड का उपयोग न करें। मोबाइल फोन में नेटवर्क चयन के दौरान भी सतर्क रहने की अपील की गई है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पुलिस, खुफिया विभाग और जिला प्रशासन समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। तकनीकी स्तर पर नेटवर्क गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को पाकिस्तानी सिम कार्ड, विदेशी नेटवर्क के असामान्य उपयोग या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को सूचित करें।
जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सीमा से सटे कई गांवों और चौकियों के आसपास पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क के सिग्नल भारतीय क्षेत्र में भी उपलब्ध हो रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये सिग्नल सीमा से लगभग चार किलोमीटर भीतर तक कैच किए जा सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस स्थिति को संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
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सीमा पार नेटवर्क से बढ़ी सुरक्षा चिंता
जैसलमेर का सीमावर्ती इलाका सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में पाकिस्तान की ओर से प्रसारित मोबाइल नेटवर्क का भारतीय क्षेत्र तक पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। अधिकारियों का मानना है कि विदेशी नेटवर्क के उपयोग से संचार गतिविधियों की निगरानी अधिक जटिल हो सकती है। इसी कारण प्रशासन ने इस मुद्दे को केवल दूरसंचार व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विषय माना है। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों, व्यापारियों, पर्यटकों और अन्य लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति पाकिस्तानी सिम कार्ड का उपयोग करता हुआ, अपने पास रखता हुआ या उसके माध्यम से संपर्क स्थापित करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
खुफिया एजेंसियों ने जताई आशंका
खुफिया एजेंसियों के अनुसार विदेशी मोबाइल नेटवर्क का दुरुपयोग देश विरोधी तत्वों द्वारा किया जा सकता है। संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान, संदिग्ध संचार गतिविधियों और अन्य अवैध कार्यों के लिए ऐसे नेटवर्क के इस्तेमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
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सीमावर्ती गांवों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
सूत्रों के अनुसार प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सीमा से सटे गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाएंगी। लोगों को सलाह दी जाएगी कि वे अनजाने में भी किसी विदेशी नेटवर्क या पाकिस्तानी सिम कार्ड का उपयोग न करें। मोबाइल फोन में नेटवर्क चयन के दौरान भी सतर्क रहने की अपील की गई है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), पुलिस, खुफिया विभाग और जिला प्रशासन समन्वय के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। तकनीकी स्तर पर नेटवर्क गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को पाकिस्तानी सिम कार्ड, विदेशी नेटवर्क के असामान्य उपयोग या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को सूचित करें।