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Hindi News ›   Rajasthan ›   Banswara News ›   A unique ritual for rain in Rajasthan's 'Cherrapunji': A frog couple gets married amidst music and fanfare

Banswara News: राजस्थान के चेरापूंजी में बारिश के लिए अनोखा टोटका, गाजेबाजे से मेंढक-मेंढकी का कराया विवाह

Thu, 16 Jul 2026 10:16 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो Updated Thu, 16 Jul 2026 10:16 PM IST
सार

बांसवाड़ा में जुलाई माह के दो सप्ताह बाद भी बारिश नहीं हुई है। बारिश की कामनार्थ विभिन्न प्रकार के टोटके किए जा रहे हैं। गुरुवार को शहर में गाजेबाजे से मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया गया।

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A unique ritual for rain in Rajasthan's 'Cherrapunji': A frog couple gets married amidst music and fanfare
मेंढक- मेंढकी का विवाह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांसवाड़ा में इस बार मानसून की बेरूखी दिखाई पड़ रही है। जुलाई के दो सप्ताह बीतने के बाद भी जिले में एक-दो बार ही हल्की बारिश हुई है। आषाढ़ के सूखा बीतने के बाद अब सावन में बरखा की झड़ी लगे, इसे लेकर बारिश की कामनार्थ विभिन्न प्रकार के टोटके किए जा रहे हैं। गुरुवार को शहर में गाजेबाजे से मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया गया।

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और ठहर गए कदम
गुरुवार को शहर के डेगलीमाता चौक में तरुण क्रांतिकारी मंच के तत्वावधान में मेंढक-मेंढक़ी का विवाह करवाया गया। इस दौरान बैंडबाजे के साथ हाथों में मेंढक और मेंढकी को लेकर लोग नाचते-गाते हुए सब्जी मंडी चौक तक पहुंचे और पंडित के मंत्रोच्चार के साथ सात फेरे लगाकर उनका विवाह कराया। मेंढक का नाम संतरा और मेंढकी का नाम मौसंबी रखा गया। इस दौरान क्षेत्र के व्यापारी और बाजार में आए ग्रामीण भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
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मंच के महासचिव अशोक मदहोश ने बताया कि बांसवाड़ा में मानूसन सीजन में बारिश नहीं होने के कारण यह टोटका किया है। पहले के वर्षों में भी मानसून के रूठने पर मेंढक-मेंढक़ी के विवाह का टोटका कराया। हल्दी एवं मेहंदी की रस्म पूरी की गई। दोनों को नए कपड़े व जेवर पहनाकर सजाया गया। बाद में मिठाई भी बांटी गई।
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यह हुए शामिल
कार्यक्रम में लेखक भारत दोसी, नरेश कुमावत, संजय झाला, मयूर सारगिया, ओमप्रकाश वाधवानी, रफीक चौहान, राकेश मोरिया, गोविंद राजोरा, सुनील तेली, दीपक मालवीय, दिनेश जैन, राजू भाई, रामू सिंधी, मुजफ्फर बाजी आदि शामिल हुए।

रूठे हुए हैं मेघ
राजस्थान में बांसवाड़ा में सर्वाधिक बारिश होती है। इस कारण बांसवाड़ा को राजस्थान का चेरापूंजी भी कहा जाता है, किंतु इस वर्ष मेघ रुठे हुए हैं। मौसम विभाग की ओर से बांसवाड़ा में बारिश का यलो अलर्ट भी कई बार इस सीजन में जारी हुआ है, किंतु बरसात नहीं होने से लोग अब टोटके कर रहे हैं।

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