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Rajasthan News: बांसवाड़ा में प्रसव के बाद एक और प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया उपचार में देरी का आरोप
Fri, 17 Jul 2026 04:58 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2026 04:58 PM IST
सार
गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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बांसवाड़ा में एक और प्रसूता की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिला मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी चिकित्सालय में हाल ही में चार प्रसूताओं की मौत के बाद अब एक और प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर समय पर उपचार नहीं देने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली और बांसवाड़ा रैफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही प्रसूता ने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार आनंदपुरी थाना क्षेत्र के तेजपुरा गांव निवासी 23 वर्षीय सरला पत्नी रमेश को गुरुवार शाम करीब छह बजे प्रसव पीड़ा होने पर गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। रात करीब 12 बजे उसने सामान्य प्रसव के जरिए अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार प्रसव के कुछ घंटे बाद सरला का ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने लगा और उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
ये भी पढ़ें: बारां में मिड-डे मील खाने के बाद दो दर्जन बच्चे बीमार, स्कूल में मचा हड़कंप; अस्पताल में भर्ती
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मृतका के देवर दिनेश कुमार मईड़ा ने आरोप लगाया कि रात में सरला की हालत गंभीर होने पर परिजन कई बार ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ को बुलाने गए लेकिन समय पर कोई चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली। उनका आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सो रहे थे और उपचार में देरी के कारण पूरी रात सरला की हालत बिगड़ती रही।
परिजनों के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब छह बजे सरला की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। इसके बाद उसे बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल रैफर किया गया लेकिन एंबुलेंस से ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सरला की शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी और यह उसकी पहली संतान थी। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। नवजात शिशु की देखभाल अब परिजनों के सामने बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।
मृतका के ससुर प्रभु और देवर दिनेश कुमार मईड़ा ने आरोप लगाया कि यदि अस्पताल में समय पर उपचार मिलता या गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले ही उच्च केंद्र रैफर कर दिया जाता तो सरला की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार आनंदपुरी थाना क्षेत्र के तेजपुरा गांव निवासी 23 वर्षीय सरला पत्नी रमेश को गुरुवार शाम करीब छह बजे प्रसव पीड़ा होने पर गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। रात करीब 12 बजे उसने सामान्य प्रसव के जरिए अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार प्रसव के कुछ घंटे बाद सरला का ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने लगा और उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
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मृतका के देवर दिनेश कुमार मईड़ा ने आरोप लगाया कि रात में सरला की हालत गंभीर होने पर परिजन कई बार ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ को बुलाने गए लेकिन समय पर कोई चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली। उनका आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सो रहे थे और उपचार में देरी के कारण पूरी रात सरला की हालत बिगड़ती रही।
परिजनों के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब छह बजे सरला की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। इसके बाद उसे बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल रैफर किया गया लेकिन एंबुलेंस से ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सरला की शादी करीब एक वर्ष पहले हुई थी और यह उसकी पहली संतान थी। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। नवजात शिशु की देखभाल अब परिजनों के सामने बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।
मृतका के ससुर प्रभु और देवर दिनेश कुमार मईड़ा ने आरोप लगाया कि यदि अस्पताल में समय पर उपचार मिलता या गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले ही उच्च केंद्र रैफर कर दिया जाता तो सरला की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।