महात्मा गांधी चिकित्सालय में गत 7 से 10 जुलाई की अवधि के बीच चार प्रसूताओं की मौत के बाद बुधवार को राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर बांसवाड़ा पहुंचे। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों ने प्रसूताओं की मौत की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हाई बीपी और लीवर फेल होने से प्रसूताओं की मौत हुई। अब गायनिक वार्ड में अलग से आईसीयू वार्ड बनाया जाएगा।
चिकित्सा मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर दोपहर में बांसवाड़ा पहुंचे। उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी के कक्ष में जिला कलेक्टर डाॅ. इंद्रजीत यादव की मौजूदगी में चिकित्सा अधिकारियों की बैठक ली। साथ ही प्रसूताओं की मौत के मामले विस्तार से जानकारी लेकर केस हिस्ट्री की जानकारी ली।
यह बोले चिकित्सा मंत्री
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जयपुर से विशेष दल आया है। जहां तक चार प्रसूताओं की मृत्यु का सवाल है, इनमें से एक प्रसूता दो माह की गर्भवती थी। गर्भपात की गोलियां लेने से उसकी हालत बिगड़ गई थी। दूसरी प्रसूता मध्यप्रदेश के अकलखेड़ा गांव से आई थी। उसे बांसवाड़ा आने में डेढ़ घंटा लग गया था। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। बाद में उसकी मौत हो गई। दो अन्य की मौत हाई बीपी और लीवर फेल होने से हुई। पूरे रिकार्ड मांगे हैं। रिकाॅर्ड जयपुर लेकर जाकर सत्यापन करेंगे। इस तरह प्रसव के दौरान दो महिलाओं की ही मौत हुई है।
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यह किया दावा
उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा जिले में वर्ष। 2025 में 5530 प्रसव हुए। जिसमें पांच प्रसूताओं की मौत हुई है। स्क्रीनिंग 63 से बढ़ाकर 96 प्रतिशत तक ले आए हैं। नए निर्देशों के तहत गर्भवती के स्वास्थ्य पर सब सेंटर से जिला स्तर तक के स्तर तक हिमोग्लोबिन, बीपी पर विषेश ध्यान रखा जाएगा।
वार्डों का निरीक्षण
इसके बाद चिकित्सा मंत्री ने एमसीएच वार्ड, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड, गायनिक ओटी, लेबर रूम आदि का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलेक्टर डाॅ. यादव के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. खुशपालसिंह राठौड़, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजीव गौतम सहित चिकित्सालय के गायनिक विभाग के चिकित्सक आदि मौजूद रहे। वार्डों के निरीक्षण के बाद वे रवाना हो गए।
यह था मामला?
गौरतलब है कि बांसवाड़ा में सात से 10 जुलाई के बीच महात्मा गांधी चिकित्सालय में चार प्रसूताओं की मौत होने से हड़कम्प मच गया था। मृतक प्रसूताओं में एक नाबालिग भी शामिल थी। इसके अतिरिक्त सवनिया निवासी लक्ष्मी पत्नी अरविंद, कानेला गढ़ी निवासी लीला पत्नी विजय और मध्य प्रदेश के अकलखेड़ा निवासी रेशमा पत्नी प्रेम की मौत हुई थी। इसके बाद गत रविवार को जयपुर से उच्चाधिकारियों का दल भी जांच के लिए बांसवाड़ा पहुंचा था।