फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Banswara News ›   Mangarh Dham Won't Get National Monument Status Centre Cites Key Reason Sparks Political Row

Rajasthan: मानगढ़ धाम को नहीं मिलेगा राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा, केंद्र ने बताई ये बड़ी वजह; गरमाई सियासत

Tue, 04 Aug 2026 12:24 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो Updated Tue, 04 Aug 2026 12:24 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि राजस्थान के मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं किया जाएगा। सरकार के अनुसार, धाम पर बड़े पैमाने पर हुए आधुनिक निर्माण के कारण इसकी पुरातात्विक अखंडता और प्रमाणिकता प्रभावित हुई है, जिससे यह 1958 के अधिनियम के मानकों पर खरा नहीं उतरता। इस फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

विज्ञापन
Mangarh Dham Won't Get National Monument Status Centre Cites Key Reason Sparks Political Row
मानगढ़ धाम - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

गुजरात की सीमा पर स्थित राजस्थान का मानगढ़ धाम, जिसे राजस्थान का जलियांवाला बाग भी कहा जाता है, राष्ट्रीय स्मारक नहीं बनेगा। इसका प्रमुख कारण यह है कि धाम पर हुए आधुनिक निर्माण कार्य राष्ट्रीय स्मारक बनने की राह में बाधा बन गए हैं। नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल की ओर से लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सदन में बताया कि केंद्र सरकार का मानना है कि मानगढ़ धाम राष्ट्रीय स्मारक घोषित किए जाने योग्य नहीं है। इसलिए इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है।
विज्ञापन


यह बताया कारण
केंद्रीय मंत्री ने अपने जवाब में बताया कि मानगढ़ धाम स्थल का सर्वे किया गया था। सर्वे में पाया गया कि यहां बड़े पैमाने पर आधुनिक निर्माण कार्य हुए हैं। आधुनिक बदलाव के कारण मानगढ़ धाम अपनी पुरातात्विक विशेषताओं, अखंडता और प्रमाणिकता को बनाए नहीं रखता है। प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के प्रावधानों को मानगढ़ धाम पूरा नहीं करता है।
विज्ञापन



बड़े पैमाने पर हुए हैं निर्माण
उल्लेखनीय है कि मानगढ़ धाम पर पैनोरमा बनाने के साथ ही वृहद स्तर पर निर्माण कार्य हुए हैं। यहां विशाल शहीद स्तंभ बनाया गया है। इसके अलावा मानगढ़ धाम की धूनी को भी विकसित किया गया है। यही निर्माण कार्य धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा मिलने की राह में बाधा बन गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मोदी की यात्रा से जगी थी उम्मीद
गत लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानगढ़ धाम का दौरा किया था। इस दौरान गुजरात और राजस्थान के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे। उस समय मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किए जाने की उम्मीद जगी थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने राज्यों की एक समिति बनाने की बात कही थी। इसके बाद वर्ष 2022 में राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण के तत्कालीन अध्यक्ष तरुण विजय ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की सिफारिश भी की थी।



ये भी पढ़ें-  करंट लगने से मौत या सोची-समझी हत्या? शराब ठेके पर हुई घटना के बाद परिजनों का हंगामा, CCTV जांच जारी


अंग्रेजों ने किया था नरसंहार
मानगढ़ धाम पर 13 नवंबर 1913 को गोविंद गुरु के नेतृत्व में उनके अनुयायियों की सभा आयोजित की गई थी। तत्कालीन अंग्रेज सरकार ने इसे विद्रोह मानते हुए पहाड़ी पर एकत्र अनुयायियों पर गोलियां चलवा दी थीं, जिसमें 1,500 से अधिक आदिवासी शहीद हो गए थे। इसी कारण मानगढ़ धाम को राजस्थान का जलियांवाला बाग भी कहा जाता है।


राजनीति भी गरमाई
संसद में केंद्रीय मंत्री के जवाब के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीति भी गरमा गई है। भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत ने कहा है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के लाखों आदिवासियों की आस्था के केंद्र मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिलाने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने कोई प्रभावी पैरवी नहीं की। उनके अनुसार, दोनों दलों ने मानगढ़ धाम के नाम पर आदिवासियों का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। संसद में दिए गए इस जवाब का असर आगामी पंचायतीराज चुनावों पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed