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Rajasthan News: राजस्थान का माही बांध बनेगा संजीवनी, चार जिलों के 2500 गांवों की बुझाएगा प्यास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 03:48 PM IST
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सार
बांसवाड़ा के माही बांध से चार जिलों के लगभग 2,453 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीपलखूंट हाई लेवल कैनाल परियोजना पर कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने और पंप स्टेशनों के निर्माण का कार्य किया जा रहा है।
बांसवाड़ा के माही बांध से चार जिलों के लगभग 2,453 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीपलखूंट हाई लेवल कैनाल परियोजना पर कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने और पंप स्टेशनों के निर्माण का कार्य किया जा रहा है।
पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पीपलखूंट हाई लेवल कैनाल परियोजना पर कार्य प्रगति
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बांसवाड़ा जिले का माही बांध न केवल बांसवाड़ा-डूंगरपुर बल्कि उदयपुर संभाग के उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ के ढाई हजार गांवों के हजारों लोगों की प्यास बुझाएगी। माही बांध का पानी इन गांवों में पेयजल के लिए उपलब्ध कराने को लेकर पीपलखूंट हाई लेवल केनाल परियोजना का कार्य चल रहा है। इसके लिए स्काडा सिस्टम तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
इन गांवों पाइपलाइन के माध्यम से होगी सप्लाई
पीपलखूंट हाई लेवल केनाल परियोजना के तहत माही बांध से प्रतापगढ़ जिले की पीपलखूंट, धरियावाद और सुहागपुरा तहसील के 24 गांवों के 5127 हेक्टेयर नॉन-कमांड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पाइपलाइन के माध्यम से टामटिया, नलदा, बोरी, मोरवानिया, जेथलिया, कुमारी और हजारीगुड़ा गांवों में सात डिग्गियों का निर्माण कार्य जारी है। इन डिग्गियों में जल अपवर्तन कर पंप और पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पानी लिफ्ट कर किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
2453 गांवों में मिलेगी पेयजल सुविधा
जल संसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता जितेन्द्र कुमार मीना ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिलों के 2453 गांवों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए माही बांध के डूब क्षेत्र में पंप स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। पाइपलाइन के माध्यम से पानी को गांव झोलर में निर्माणाधीन इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन तक लिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन से पाइपलाइन द्वारा पानी को गांव नकोर स्थित पीएचईडी के पंप स्टेशन तथा गांव हरमारा की रेल में प्रस्तावित पीएचईडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक अपवर्तित किया जाएगा।
स्काडा तकनीक का इस्तेमाल होगा
परियोजना के संचालन के लिए स्काडा सिस्टम तकनीक का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसानों को आवश्यकता के अनुसार समयबद्ध तरीके से पानी उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे विद्युत खर्च में कमी आएगी। परियोजना के अंतर्गत राजस्थान सिंचाई प्रणाली के प्रबंधन में किसानों की सहभागिता अधिनियम के तहत परियोजना का कमांड क्षेत्र घोषित किया जा चुका है।
मुख्य अभियंता ने निरीक्षण किया
जल संसाधन संभाग बांसवाड़ा के मुख्य अभियंता देवीसिंह बेनीवाल ने पीपलखूंट हाई लेवल केनाल परियोजना का निरीक्षण किया। मुख्य अभियंता बेनीवाल ने कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे समय पर पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन डिग्गियों का निर्माण आगामी दिनों में पूरा होना है, उनकी समय पर टेस्टिंग की जाए, ताकि रबी फसल के लिए कमांड क्षेत्र को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सके।
ये भी पढ़ें- बड़े बेटे की बीमारी से टूटा परिवार ,मां और दो बेटों ने किया सुसाइड, घर से मिली जहर की बोतल
उन्होंने निर्माण सामग्री की नियमित जांच करने तथा कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने और श्रमिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी कहा।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन वृत्त के अधीक्षण अभियंता प्रकाशचंद्र रेगर, सहायक अभियंता मयंक पाटीदार, कनिष्ठ अभियंता नकुल जोशी सहित कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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इन गांवों पाइपलाइन के माध्यम से होगी सप्लाई
पीपलखूंट हाई लेवल केनाल परियोजना के तहत माही बांध से प्रतापगढ़ जिले की पीपलखूंट, धरियावाद और सुहागपुरा तहसील के 24 गांवों के 5127 हेक्टेयर नॉन-कमांड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पाइपलाइन के माध्यम से टामटिया, नलदा, बोरी, मोरवानिया, जेथलिया, कुमारी और हजारीगुड़ा गांवों में सात डिग्गियों का निर्माण कार्य जारी है। इन डिग्गियों में जल अपवर्तन कर पंप और पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए पानी लिफ्ट कर किसानों को सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
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2453 गांवों में मिलेगी पेयजल सुविधा
जल संसाधन विभाग के अधिशाषी अभियंता जितेन्द्र कुमार मीना ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिलों के 2453 गांवों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए माही बांध के डूब क्षेत्र में पंप स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। पाइपलाइन के माध्यम से पानी को गांव झोलर में निर्माणाधीन इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन तक लिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन से पाइपलाइन द्वारा पानी को गांव नकोर स्थित पीएचईडी के पंप स्टेशन तथा गांव हरमारा की रेल में प्रस्तावित पीएचईडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक अपवर्तित किया जाएगा।
स्काडा तकनीक का इस्तेमाल होगा
परियोजना के संचालन के लिए स्काडा सिस्टम तकनीक का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसानों को आवश्यकता के अनुसार समयबद्ध तरीके से पानी उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे विद्युत खर्च में कमी आएगी। परियोजना के अंतर्गत राजस्थान सिंचाई प्रणाली के प्रबंधन में किसानों की सहभागिता अधिनियम के तहत परियोजना का कमांड क्षेत्र घोषित किया जा चुका है।
मुख्य अभियंता ने निरीक्षण किया
जल संसाधन संभाग बांसवाड़ा के मुख्य अभियंता देवीसिंह बेनीवाल ने पीपलखूंट हाई लेवल केनाल परियोजना का निरीक्षण किया। मुख्य अभियंता बेनीवाल ने कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे समय पर पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन डिग्गियों का निर्माण आगामी दिनों में पूरा होना है, उनकी समय पर टेस्टिंग की जाए, ताकि रबी फसल के लिए कमांड क्षेत्र को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सके।
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उन्होंने निर्माण सामग्री की नियमित जांच करने तथा कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने और श्रमिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी कहा।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन वृत्त के अधीक्षण अभियंता प्रकाशचंद्र रेगर, सहायक अभियंता मयंक पाटीदार, कनिष्ठ अभियंता नकुल जोशी सहित कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।