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Rajasthan: महीना वसूली का खेल बेनकाब, सात हजार रुपये लेते ट्रैफिक प्रभारी रंगे हाथ पकड़ा गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारां
Published by: बारां ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2026 03:03 PM IST
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सार
बारां में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए यातायात प्रभारी एसआई चंद्रप्रकाश को सात हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर अवैध खनन में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली को बिना कार्रवाई संचालित करने देने के बदले मासिक वसूली मांगने का आरोप है।
यातायात प्रभारी सब-इंस्पेक्टर (एसआई) चंद्रप्रकाश को सात हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बारां के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बारां में बड़ी कार्रवाई करते हुए यातायात प्रभारी सब-इंस्पेक्टर (एसआई) चंद्रप्रकाश को सात हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर अवैध खनन में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को बिना किसी रोक-टोक संचालित करने देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
10 हजार रूपये मासिक मांगे गए थे
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम ने बताया कि 25 मई 2026 को एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि यातायात प्रभारी चंद्रप्रकाश ने उसकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर पहले 27,000 रुपये वसूले थे। इसके बाद वाहन को निर्बाध रूप से चलाने देने के एवज में 10,000 रुपये प्रतिमाह 'मासिक बंदी' की मांग की गई थी।
सत्यापन की शिकायत सही पाई गई
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 26 मई को गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान परिवादी से 7,000 रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
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सात हजार की रिश्वत लेते धराया उप पुलिस अधीक्षक
मंगलवार को एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक प्रेमचंद और उनकी टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार परिवादी ने आरोपी को रिश्वत की राशि सौंपी। जैसे ही आरोपी ने सात हजार रुपये स्वीकार किए, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
ये भी पढ़ें- Rajasthan: शिक्षा मंत्री के काफिले से अलग होने के बाद भी नहीं हटाई लाल-नीली बत्ती, दुरुपयोग का वीडियो वायरल
कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई। एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
10 हजार रूपये मासिक मांगे गए थे
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम ने बताया कि 25 मई 2026 को एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि यातायात प्रभारी चंद्रप्रकाश ने उसकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर पहले 27,000 रुपये वसूले थे। इसके बाद वाहन को निर्बाध रूप से चलाने देने के एवज में 10,000 रुपये प्रतिमाह 'मासिक बंदी' की मांग की गई थी।
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सत्यापन की शिकायत सही पाई गई
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 26 मई को गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान परिवादी से 7,000 रुपये की रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।
सात हजार की रिश्वत लेते धराया उप पुलिस अधीक्षक
मंगलवार को एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक प्रेमचंद और उनकी टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार परिवादी ने आरोपी को रिश्वत की राशि सौंपी। जैसे ही आरोपी ने सात हजार रुपये स्वीकार किए, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
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कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई। एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।