Barmer News: गिरल माइंस आंदोलन उग्र, विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने किया बाड़मेर कूच, प्रशासन अलर्ट
बाड़मेर के गिरल लिग्नाइट माइंस क्षेत्र में चल रहा श्रमिक आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रमिकों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कूच किया, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर नजर आए।
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जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस क्षेत्र में चल रहा श्रमिक आंदोलन अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। स्थानीय श्रमिकों, ड्राइवरों और ग्रामीणों की विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से धरना जारी है। मंगलवार को शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने बाड़मेर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर कूच किया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आए।
कलेक्ट्रेट कूच से पहले गिरल गांव में विशाल मजदूर आंदोलन जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रमिक और युवा शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि गिरल क्षेत्र के श्रमिक लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 11 अप्रैल से स्थानीय लोग धरने पर बैठे हैं और कई बार प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
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सभा के दौरान विधायक ने गिरल, आकली, थुमली और सोनड़ी सहित आसपास की माइंसों में कार्यरत मजदूरों के शोषण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1994 से अब तक इन क्षेत्रों के श्रमिकों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया है। मजदूरों की आवाज को कभी प्रभावी तरीके से नहीं उठाया गया, जिसके चलते अब उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
रविंद्र सिंह भाटी ने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों का ज्ञापन देने के लिए बाड़मेर कलेक्ट्रेट तक मार्च करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी लोगों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी परिस्थिति में हिंसा से दूर रहने की अपील की।
विधायक के कलेक्ट्रेट कूच को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सर्किट हाउस रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन और पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।