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Rajasthan: विधानसभा में विधायक भाटी का सरकार पर निशाना, ओरण-गोचर संरक्षण से लेकर खेल और पानी के मुद्दे उठाए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर Published by: बाड़मेर ब्यूरो Updated Wed, 11 Mar 2026 06:32 PM IST
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सार

Barmer News: विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने ओरण-गोचर संरक्षण, खेल विकास, नगरपालिका व्यवस्था, बिजली-पानी संकट, खेजड़ी संरक्षण बिल और छात्रसंघ चुनाव जैसे कई मुद्दों को उठाते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।

MLA Ravindra Bhati raised issues ranging from forest and pasture protection to sports and water in Assembly
शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने सदन में कई महत्वपूर्ण और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने नगरपालिकाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार, ओरण-गोचर भूमि के संरक्षण, बिजली और पानी की समस्याओं सहित विभिन्न विषयों पर सरकार को घेरा। इस दौरान रवींद्र सिंह भाटी ‘Save Oran’ के संदेश वाली शर्ट पहनकर विधानसभा पहुंचे, जिसने सदन में मौजूद सदस्यों और लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

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खेल विश्वविद्यालय पर चर्चा में खिलाड़ियों के हितों की पैरवी
महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय, जयपुर विधेयक पर चर्चा के दौरान रवींद्र सिंह भाटी ने खेलों और खिलाड़ियों से जुड़े कई मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सभापति का धन्यवाद देते हुए कहा कि यह विधेयक महत्वपूर्ण है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन इसके नाम को लेकर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि खेलकूद विश्वविद्यालय के स्थान पर इसे स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी या खेल विश्वविद्यालय कहा जाना चाहिए, ताकि इसके उद्देश्य और स्वरूप को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।
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उन्होंने राजस्थान में खेलों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हाल ही में ओलंपिक में लगभग 117 भारतीय खिलाड़ी भाग लेने गए थे, लेकिन उनमें राजस्थान के केवल दो खिलाड़ी ही शामिल थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश अक्सर हरियाणा से प्रतिस्पर्धा की बात करता है, लेकिन उसी स्तर का खेल ढांचा और सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी। साथ ही उन्होंने कोचों की भारी कमी के मुद्दे को भी सदन के सामने रखा।
 
ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन की मांग
भाटी ने कहा कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने और उचित अवसर देने की है। उन्होंने अपने क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि बाड़मेर के सुथारों का वास क्षेत्र में जूडो के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि पिछले दो वर्षों में बास्केटबॉल के 28 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। इसके अलावा समदड़ी का सलोर क्षेत्र वॉलीबॉल के लिए जाना जाता है।
उन्होंने बताया कि इन्द्रोई और चूली गांव की हॉकी टीम बेहतर प्रदर्शन कर रही है, जबकि हरसाणी, मलटाला, गड़ा और महाबार में हैंडबॉल के खिलाड़ी उभर रहे हैं। रोहिड़ी और सुंदरा साइकिलिंग के लिए जाने जाते हैं, वहीं गिराब और सुंदरा क्षेत्र कबड्डी में प्रतिभाएं दे रहे हैं। उन्होंने खेल मंत्री से आग्रह किया कि सीमा क्षेत्र के खिलाड़ियों को विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया जाए।


 
जोधपुर में आईपीएल मैच आयोजित कराने की मांग
विधानसभा में बोलते हुए रवींद्र सिंह भाटी ने यह भी कहा कि आने वाले समय में आईपीएल के मैच आयोजित होने वाले हैं और सरकार को जोधपुर में भी आईपीएल मैच आयोजित करवाने का प्रयास करना चाहिए। उनके अनुसार इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।
 
नगरपालिका संशोधन विधेयक पर सरकार को घेरा
राजस्थान नगरपालिका संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान भाटी ने कहा कि शहरों का विकास केवल तेवर दिखाने से नहीं बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति, स्पष्ट विजन और दृढ़ संकल्प से संभव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश शहरों और जिलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है, जबकि दूसरी ओर लगातार कंक्रीट के जंगल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने ओरण और गोचर भूमि के तेजी से समाप्त होने पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि इन भूमियों का संरक्षण नहीं किया गया तो गायों और अन्य पशुओं का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।

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जमीन आवंटन और बिजली परियोजनाओं पर सवाल
भाटी ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर बिजली परियोजनाएं तो स्थापित की जा रही हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को न तो पर्याप्त बिजली मिल रही है, न रोजगार और न ही उचित मुआवजा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर किसानों की जमीनों का अनैतिक तरीके से आवंटन किया जा रहा है, जिस पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
 
खेजड़ी संरक्षण बिल पर सरकार से जवाब मांगा
भाटी ने सदन में यह भी कहा कि इसी सत्र में खेजड़ी संरक्षण से संबंधित बिल लाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बजट सत्र के अंतिम दिन तक वह बिल प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चाहती तो निजी सदस्य विधेयक को आधार बनाकर भी इस विषय पर कानून लाया जा सकता था, लेकिन इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति आवश्यक होती है।
 
पानी, हीटवेव और छात्रसंघ चुनावों का मुद्दा भी उठाया
अपने वक्तव्य में रवींद्र सिंह भाटी ने प्रदेश में बढ़ते हीटवेव और पेयजल संकट के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर सरकार की कोई स्पष्ट रणनीति सामने नहीं आ रही है। इसके साथ ही उन्होंने छात्रसंघ चुनाव लंबे समय से बंद होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है।
 

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