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Balotra News : जोजरी बचाओ आंदोलन की गूंज तेज, बेनीवाल का सरकार को अल्टीमेटम ; समाधान नहीं तो संघर्ष होगा तेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Mon, 18 Aug 2025 12:18 PM IST
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सार
Rajasthan News : राजस्थान के बालोतरा जिले के डोली गांव से शुरू हुआ जोजरी बचाओ आंदोलन का असर देखने को मिला। किसान और ग्रामीणों की पहल रंग लाई है। आरएलपी के विरोध प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हुआ है। जानें किन-किन बातों को लेकर सहमति बनी है।
राजस्थान के बालोतरा जिले के डोली गांव से शुरू हुआ जोजरी बचाओ आंदोलन में उमड़ा हुजूम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के बालोतरा जिले के डोली गांव से शुरू हुआ जोजरी बचाओ आंदोलन रविवार को पूरी रात सड़कों और धरना स्थलों पर गरजता रहा। रालोपा संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आंदोलन की अगुवाई करते हुए सरकार को चेतावनी दी कि जब तक जोजरी नदी में बह रहे प्रदूषित पानी का स्थाई हल नहीं निकलेगा, तब तक संघर्ष रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि “अब आर-पार की लड़ाई का वक्त आ चुका है, अगर सरकार ने लिखित में हमारी मांगें स्वीकार नहीं की तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।”
ऐतिहासिक स्वागत
डोली में बेनीवाल के पहुंचने पर समर्थकों ने उन्हें जेसीबी पर बैठाकर अभिनंदन किया। जगह-जगह फूल बरसाए गए और मंच पर 51 किलो की माला और तलवार भेंट की गई। रैली में बालोतरा, बायतु, बाड़मेर, जालोर और जोधपुर सहित आसपास के जिलों से हजारों लोग पहुंचे। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे लोगों की भीड़ जुटी हुई है। सड़क पर दूर-दूर तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारे दिख रही हैं।
दूषित पानी लगभग 60-70 गांवों में तबाही मचा रहा-बेनीवाल
डोली में हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा कि जोधपुर और पाली की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला जहरीला रासायनिक पानी पिछले डेढ़-दो दशकों से डोली, अराबा, कल्याणपुर समेत लगभग 60-70 गांवों में तबाही मचा रहा है। खेत बंजर हो चुके हैं, पेयजल दूषित हो गया है और मच्छरों से लेकर बीमारियों तक का खतरा आम जनजीवन को संकट में डाल चुका है। उन्होंने गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि “रिवर फ्रंट जैसे बड़े-बड़े वादे तो खूब किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं।”
बेनीवाल ने मंच से कहा – “अब गांव-गांव के लहू में उबाल आना चाहिए। सरकार बताए कि कितनी एसटीपी और सीटीपी लगाएगी, कितने समय में लगाएगी और गंदे पानी के लिए अस्थाई नाला कब तक निकालेगी। अगर जवाब नहीं मिला तो ईंट से ईंट बजा देंगे।”
डोली से बालोतरा तक कूच
बेनीवाल के भाषण के बाद आंदोलन का रुख और तेज़ हो गया। देर रात करीब डेढ़ बजे वे सैकड़ों समर्थकों के साथ डोली से बालोतरा कलेक्ट्रेट के लिए कूच कर गए। रास्ते भर कार्यकर्ताओं ने प्रशासन विरोधी नारे लगाए और माहौल आक्रोश से भरा रहा। रात दो बजे के आसपास जुलूस कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा, तो वहां भी नारेबाजी और घेराव शुरू हो गया। ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर सुशील कुमार यादव तथा एसपी रमेश कुमार मौके पर पहुंचे।
प्रशासन के साथ वार्ता – बनी सहमति
* करीब आधे घंटे चली बातचीत में रालोपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चर्चा के बाद सहमति बनी कि –
* फिलहाल जोधपुर से आ रहे गंदे पानी की सप्लाई तुरंत बंद की जाएगी।
* स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी।
* गंदे पानी की आवक पर तत्काल रोक लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
इन आश्वासनों के बाद सुबह करीब 4 बजे हनुमान बेनीवाल ने अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने की घोषणा की, लेकिन साफ कहा कि अगर तय समय सीमा में काम नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।
बेनीवाल का राजनीतिक तंज
बेनीवाल ने कहा कि “यह समस्या न कांग्रेस ने सुलझाई, न ही भाजपा ने। दोनों सरकारों ने सिर्फ लालीपॉप थमाया। अगर स्थानीय नेताओं में दम होता तो हमें रातभर खेतों में रुककर यह संघर्ष नहीं करना पड़ता।” उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन केवल डोली का नहीं रहा, बल्कि अब पूरे राजस्थान की आवाज़ है। “मैं बाड़मेर से लेकर चंबल और गंगानगर से डूंगरपुर तक हर वर्ग की लड़ाई लड़ रहा हूं। बालोतरा और बाड़मेर आरएलपी का गढ़ है और यहां के लोगों को किसी भी कीमत पर परेशान नहीं होने दूंगा।”
ये भी पढ़ें- Jodhpur News: 'वोट चोरी' और जोजरी नदी को लेकर बेनिवाल ने सरकार पर साधा निशाना, कानून व्यवस्था पर भी दागा सवाल
जोजरी की जंग जारी रहेगी
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक डोली-अराबा-कल्याणपुर सहित प्रभावित गांवों को गंदे पानी से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिलेगी, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलता रहेगा। रविवार को शुरू हुआ यह आंदोलन रातभर बालोतरा की सड़कों पर गूंजता रहा और अब पूरे प्रदेश में गंदे पानी और प्रदूषण के खिलाफ नई लड़ाई की शुरुआत माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें- Alwar News: सरकारी अस्पताल में स्ट्रेचर पर तड़प रहा था शिक्षक, आधार कार्ड न होने पर नहीं शुरू किया इलाज
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ऐतिहासिक स्वागत
डोली में बेनीवाल के पहुंचने पर समर्थकों ने उन्हें जेसीबी पर बैठाकर अभिनंदन किया। जगह-जगह फूल बरसाए गए और मंच पर 51 किलो की माला और तलवार भेंट की गई। रैली में बालोतरा, बायतु, बाड़मेर, जालोर और जोधपुर सहित आसपास के जिलों से हजारों लोग पहुंचे। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे लोगों की भीड़ जुटी हुई है। सड़क पर दूर-दूर तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारे दिख रही हैं।
दूषित पानी लगभग 60-70 गांवों में तबाही मचा रहा-बेनीवाल
डोली में हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा कि जोधपुर और पाली की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला जहरीला रासायनिक पानी पिछले डेढ़-दो दशकों से डोली, अराबा, कल्याणपुर समेत लगभग 60-70 गांवों में तबाही मचा रहा है। खेत बंजर हो चुके हैं, पेयजल दूषित हो गया है और मच्छरों से लेकर बीमारियों तक का खतरा आम जनजीवन को संकट में डाल चुका है। उन्होंने गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि “रिवर फ्रंट जैसे बड़े-बड़े वादे तो खूब किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस हैं।”
बेनीवाल ने मंच से कहा – “अब गांव-गांव के लहू में उबाल आना चाहिए। सरकार बताए कि कितनी एसटीपी और सीटीपी लगाएगी, कितने समय में लगाएगी और गंदे पानी के लिए अस्थाई नाला कब तक निकालेगी। अगर जवाब नहीं मिला तो ईंट से ईंट बजा देंगे।”
डोली से बालोतरा तक कूच
बेनीवाल के भाषण के बाद आंदोलन का रुख और तेज़ हो गया। देर रात करीब डेढ़ बजे वे सैकड़ों समर्थकों के साथ डोली से बालोतरा कलेक्ट्रेट के लिए कूच कर गए। रास्ते भर कार्यकर्ताओं ने प्रशासन विरोधी नारे लगाए और माहौल आक्रोश से भरा रहा। रात दो बजे के आसपास जुलूस कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा, तो वहां भी नारेबाजी और घेराव शुरू हो गया। ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर सुशील कुमार यादव तथा एसपी रमेश कुमार मौके पर पहुंचे।
प्रशासन के साथ वार्ता – बनी सहमति
* करीब आधे घंटे चली बातचीत में रालोपा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चर्चा के बाद सहमति बनी कि –
* फिलहाल जोधपुर से आ रहे गंदे पानी की सप्लाई तुरंत बंद की जाएगी।
* स्थायी समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी।
* गंदे पानी की आवक पर तत्काल रोक लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
इन आश्वासनों के बाद सुबह करीब 4 बजे हनुमान बेनीवाल ने अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने की घोषणा की, लेकिन साफ कहा कि अगर तय समय सीमा में काम नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।
बेनीवाल का राजनीतिक तंज
बेनीवाल ने कहा कि “यह समस्या न कांग्रेस ने सुलझाई, न ही भाजपा ने। दोनों सरकारों ने सिर्फ लालीपॉप थमाया। अगर स्थानीय नेताओं में दम होता तो हमें रातभर खेतों में रुककर यह संघर्ष नहीं करना पड़ता।” उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन केवल डोली का नहीं रहा, बल्कि अब पूरे राजस्थान की आवाज़ है। “मैं बाड़मेर से लेकर चंबल और गंगानगर से डूंगरपुर तक हर वर्ग की लड़ाई लड़ रहा हूं। बालोतरा और बाड़मेर आरएलपी का गढ़ है और यहां के लोगों को किसी भी कीमत पर परेशान नहीं होने दूंगा।”
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जोजरी की जंग जारी रहेगी
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक डोली-अराबा-कल्याणपुर सहित प्रभावित गांवों को गंदे पानी से पूरी तरह मुक्ति नहीं मिलेगी, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलता रहेगा। रविवार को शुरू हुआ यह आंदोलन रातभर बालोतरा की सड़कों पर गूंजता रहा और अब पूरे प्रदेश में गंदे पानी और प्रदूषण के खिलाफ नई लड़ाई की शुरुआत माना जा रहा है।
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