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रविंद्र सिंह भाटी को बड़ी राहत: कोरोना आंदोलन केस में कोर्ट ने किया दोषमुक्त, समर्थकों में जश्न
Tue, 04 Aug 2026 10:26 PM IST
बाड़मेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: बाड़मेर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 10:26 PM IST
सार
Rajasthan News: विधायक रविंद्र सिंह भाटी को उदयपुर की अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोरोना काल में छात्र आंदोलन से जुड़े मामले में कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त करार दिया, जिसके बाद समर्थकों में खुशी का माहौल है।
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उदयपुर कोर्ट से विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को बड़ी राहत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी को उदयपुर की अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोरोना महामारी के दौरान छात्र आंदोलन से जुड़े एक पुराने मामले में न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। यह मामला उस समय का है, जब रविंद्र सिंह भाटी जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर छात्रसंघ के अध्यक्ष थे।
फीस वसूली के विरोध में शुरू हुआ था आंदोलन
कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक संकट से जूझ रहे विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा फीस वसूली का रविंद्र सिंह भाटी ने विरोध किया था। छात्रों की मांगों को लेकर उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन का नेतृत्व किया। इसके बाद उन्हें छात्रसंघ अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया, जिसके विरोध में आंदोलन और तेज हो गया। बाद में विभिन्न जिलों में भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन आयोजित किए गए।
आंदोलन के बाद दर्ज हुए थे कई मुकदमे
आंदोलन के दौरान तत्कालीन सरकार की ओर से रविंद्र सिंह भाटी और अन्य आंदोलनकारियों के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन्हीं मामलों में से एक प्रकरण उदयपुर की अदालत में पिछले कुछ वर्षों से विचाराधीन था। अब अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए भाटी को दोषमुक्त करार दिया है।
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फैसले के बाद क्या बोले भाटी?
अदालत से राहत मिलने के बाद विधायक रविंद्र सिंह भाटी की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए "सत्यमेव जयते" कहा। फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया।
यह भी पढ़ें: मानगढ़ धाम: केंद्र के फैसले से सियासी संग्राम, गहलोत ने याद दिलाया PM मोदी का वादा, क्या बोले रोत?
किन आरोपों से मिली राहत?
रविंद्र सिंह भाटी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह चुंडावत और योगेंद्र चरण ने बताया कि न्यायालय ने उन्हें भारतीय दंड संहिता के तहत सरकारी अधिकारी द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, लापरवाही अथवा उतावलेपन से वाहन चलाने तथा महामारी अधिनियम से जुड़े आरोपों सहित अन्य प्रकरणों में दोषमुक्त करार दिया है।
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फीस वसूली के विरोध में शुरू हुआ था आंदोलन
कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक संकट से जूझ रहे विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा फीस वसूली का रविंद्र सिंह भाटी ने विरोध किया था। छात्रों की मांगों को लेकर उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन का नेतृत्व किया। इसके बाद उन्हें छात्रसंघ अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया, जिसके विरोध में आंदोलन और तेज हो गया। बाद में विभिन्न जिलों में भी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन आयोजित किए गए।
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आंदोलन के बाद दर्ज हुए थे कई मुकदमे
आंदोलन के दौरान तत्कालीन सरकार की ओर से रविंद्र सिंह भाटी और अन्य आंदोलनकारियों के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन्हीं मामलों में से एक प्रकरण उदयपुर की अदालत में पिछले कुछ वर्षों से विचाराधीन था। अब अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए भाटी को दोषमुक्त करार दिया है।
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फैसले के बाद क्या बोले भाटी?
अदालत से राहत मिलने के बाद विधायक रविंद्र सिंह भाटी की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए "सत्यमेव जयते" कहा। फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल देखा गया।
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किन आरोपों से मिली राहत?
रविंद्र सिंह भाटी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह चुंडावत और योगेंद्र चरण ने बताया कि न्यायालय ने उन्हें भारतीय दंड संहिता के तहत सरकारी अधिकारी द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, लापरवाही अथवा उतावलेपन से वाहन चलाने तथा महामारी अधिनियम से जुड़े आरोपों सहित अन्य प्रकरणों में दोषमुक्त करार दिया है।