राजकीय जिला अस्पताल में निविदा पर कार्यरत नर्सिंग कर्मचारियों को सेवा से हटाए जाने के विरोध में नर्सिंगकर्मी पिछले 39 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। गुरुवार को आंदोलन के 39वें दिन उन्होंने राज्यपाल को पोस्टकार्ड भेजकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी, जबकि मुख्यमंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर सेवा बहाली और मेरिट व बोनस आधारित भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग की।
प्रभावित नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों तक अस्पताल में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें करीब डेढ़ माह पहले बिना कोई स्पष्ट कारण बताए कार्यमुक्त कर दिया गया। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार से जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
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नर्सिंग ऑफिसर दिलीप त्रिवेदी ने बताया कि वे पिछले 39 दिनों से राजकीय जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इसी से आहत होकर गुरुवार को राज्यपाल को पोस्टकार्ड भेजकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी गई है। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर सेवा बहाली और मेरिट व बोनस आधारित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग दोहराई गई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं ले सकती, तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए।