Bharatpur : गुर्जर महापंचायत में पहुंची हजारों की भीड़, सरकार को चेतावनी- नहीं मानी मांगें तो तेज होगा आंदोलन
बयाना क्षेत्र के पीलूपुरा गांव में रविवार को गुर्जर समाज की महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोग जुटे। दोपहर 2 बजे तक महापंचायत का पंडाल पूरी तरह खचाखच भर चुका था। भीषण गर्मी के बावजूद लोगों में पंचायत को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
विस्तार
महापंचायत को लेकर बयाना के विभिन्न मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात है और वाहनों की सघन जांच की जा रही है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
रेलवे प्रशासन ने भी महापंचायत के चलते सतर्कता बरती है। बयाना जंक्शन स्टेशन प्रबंधक आरके मीणा ने बताया कि रेलवे ट्रैक और उसके आसपास की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि पूर्व के आंदोलनों में ट्रैक जाम किया गया था, जिससे रेल यातायात बाधित हुआ था। ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
पीलूपुरा गांव में जुट रही भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने स्टेट हाईवे पर रूट डायवर्ट किए हैं। बयाना से हिंडौन की ओर जाने वाले वाहनों को गणेश मोड़ से कलसाड़ा होते हुए महवा (दौसा) और करौली की तरफ निकाला जा रहा है। वहीं करौली से आने वाले वाहन धाधरैन गांव से होते हुए भरतपुर की ओर डायवर्ट किए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: Rajasthan News: गुर्जर महापंचायत आज, सरकार को अल्टीमेटम खत्म होने में वक्त घटा, पीलूपुरा में जुटा समाज
महापंचायत में समाज की ओर से कई अहम मुद्दों को उठाया गया, जिनमें
- एमबीसी आरक्षण विधेयक को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने।
- सरकारी नौकरियों में 5% आरक्षण का पूरा लाभ सुनिश्चित किए जाने।
- देवनारायण योजना के सही तरीके से क्रियान्वयन।
- आंदोलन के दौरान दर्ज 5 मुकदमों को वापस लेने।
- आंदोलन में मारे गए मृतकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने और
- रीट भर्ती 2018 में शेष 372 पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाने संबंधी मांगें शामिल हैं।
समाज के नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
इधर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने समाज के प्रमुख लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपसी समन्वय से इस मुद्दे का हल निकाला जा सकता है। समाज के जिन लोगों को सरकार के साथ वार्ता करनी है, उनके नाम भिजवा दें। सरकार के प्रतिनिधि उनसे बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बातचीत के दरवाजे बंद नहीं किए, तो फिर आंदोलन किसलिए? सरकार हर मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार है। उन्होंने संघर्ष समिति के अध्यक्ष से अपील की कि वे महापंचायत में निर्णय लें कि हम सरकार से बातचीत करेंगे और सभी मुद्दों को सुलझाएंगे।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.