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Bhilwara News: स्वतंत्रता दिवस पर दलितों से बदसलूकी का आरोप, कुर्सी से उठाकर जमीन पर बैठाया, पांच पर FIR दर्ज
Tue, 18 Aug 2026 01:57 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 18 Aug 2026 01:57 PM IST
सार
सरकारी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान दो व्यक्तियों ने अपने साथ जातिगत भेदभाव को लेकर पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। आरोप है कि आरोपियों ने जबरन कुर्सियों से उठाकर उन्हें जमीन पर बैठाया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर धमकाया।
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बैठक करते समाजजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के भाकलिया गांव स्थित सरकारी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान दो दलित व्यक्तियों के साथ जातिगत दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यक्रम में कुर्सियों पर बैठे दोनों लोगों को जातिसूचक शब्द कहे गए और उन्हें कुर्सियों से उठाकर जमीन पर बैठने के लिए मजबूर किया गया। मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के मुताबिक 15 अगस्त को गांव के सरकारी स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान भाकलिया निवासी रामेश्वरलाल बैरवा और गोपीलाल बैरवा, जो कि अनुसूचित जाति समुदाय से हैं, समुदाय के अन्य लोगों के साथ कुर्सियों पर बैठे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही बालू वैष्णव, हीरालाल शर्मा, नारायण जाट, रामेश्वर जाट और प्रकाश जाट वहां पहुंचे और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कुर्सियों पर बैठने का विरोध किया।
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एफआईआर के अनुसार आरोपियों ने उनसे कहा कि वे कुर्सियों पर न बैठें और जमीन पर जाकर बैठें। विरोध करने पर उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया और जबरन कुर्सियों से नीचे उतार दिया गया। यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना स्कूल के बच्चों, शिक्षकों और अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई, जिससे दोनों को अपमान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र बंद कराने की धमकी भी दी गई। उनके मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्र में अनुसूचित जाति समुदाय की दो महिलाएं कार्यकर्ता और सहायिका के तौर पर काम करती हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच डीएसपी राहुल जोशी को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
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शिकायत के मुताबिक 15 अगस्त को गांव के सरकारी स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान भाकलिया निवासी रामेश्वरलाल बैरवा और गोपीलाल बैरवा, जो कि अनुसूचित जाति समुदाय से हैं, समुदाय के अन्य लोगों के साथ कुर्सियों पर बैठे थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही बालू वैष्णव, हीरालाल शर्मा, नारायण जाट, रामेश्वर जाट और प्रकाश जाट वहां पहुंचे और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कुर्सियों पर बैठने का विरोध किया।
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एफआईआर के अनुसार आरोपियों ने उनसे कहा कि वे कुर्सियों पर न बैठें और जमीन पर जाकर बैठें। विरोध करने पर उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया और जबरन कुर्सियों से नीचे उतार दिया गया। यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना स्कूल के बच्चों, शिक्षकों और अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई, जिससे दोनों को अपमान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र बंद कराने की धमकी भी दी गई। उनके मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्र में अनुसूचित जाति समुदाय की दो महिलाएं कार्यकर्ता और सहायिका के तौर पर काम करती हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच डीएसपी राहुल जोशी को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।