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Bhilwara News: सिंगोली चारभुजा में हुआ अफीम खरीद का आगाज, अब एकमुश्त होगा भुगतान; पहले दिन पहुंचे 192 किसान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: भीलवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 05:21 PM IST
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सार
भीलवाड़ा में केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग ने अफीम खरीद का कार्य शुरू कर दिया है। पहले ही दिन सैकड़ों किसान तौल केंद्र पहुंचे और व्यवस्थित तरीके से खरीद प्रक्रिया में शामिल हुए।
अफीम खरीद शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मेवाड़ के प्रमुख धार्मिक स्थल सिंगोली चारभुजा में गुरुवार से केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग द्वारा अफीम खरीद का कार्य विधिवत शुरू कर दिया गया है। माहेश्वरी समाज की धर्मशाला में अस्थायी तौल केंद्र स्थापित किया गया है, जहां पहले ही दिन बड़ी संख्या में अफीम उत्पादक किसान अपनी उपज लेकर पहुंचे और सुव्यवस्थित तरीके से तौल प्रक्रिया में शामिल हुए।
जिला अफीम अधिकारी एवं तौल केंद्र प्रभारी सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि पहले दिन निंबोदा, हमेरगंज, बड़ोदिया, गुर्जरों का मोरवन, केवड़ों का लुहारिया, दौलतपुर निमड़ी, हाड़ों का मोरवन और बाघपुरा सहित आठ गांवों के 192 किसानों से अफीम की खरीद की गई।
उन्होंने बताया कि इस केंद्र पर भीलवाड़ा डिवीजन के अंतर्गत भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़, कोटड़ी, बिजौलियां और जहाजपुर तथा चित्तौड़गढ़ जिले की बेगूं और रावतभाटा तहसीलों के किसानों से अफीम खरीदी जाएगी। कुल मिलाकर करीब 300 गांवों के लगभग 6 हजार किसानों की अफीम इस केंद्र पर खरीदी जानी है। यह खरीद अभियान 22 अप्रैल तक चलेगा।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तौल केंद्र पर छाया, पेयजल और बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ये भी पढ़ें: Rajasthan News: जनगणना में लगाई मृत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ड्यूटी, नगर निगम का बड़ा खेला; उठे सवाल
इस वर्ष अफीम उत्पादक किसानों के लिए भुगतान प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। पहले किसानों को 90 प्रतिशत राशि तुरंत और शेष 10 प्रतिशत गुणवत्ता जांच के बाद मिलती थी लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत पूरी राशि एक सप्ताह के भीतर एकमुश्त किसानों के बैंक खातों में जमा कराई जाएगी। इससे किसानों को आर्थिक रूप से राहत मिलने की उम्मीद है।
अफीम की खरीद पूरी तरह गुणवत्ता के आधार पर की जा रही है। विभाग द्वारा 850 रुपये से लेकर 3500 रुपये प्रति किलो तक की दर निर्धारित की गई है। तौल केंद्र पर ही एक अस्थायी प्रयोगशाला स्थापित की गई है, जहां 25 ग्राम सैंपल लेकर गुणवत्ता की जांच की जा रही है और उसी आधार पर अंतिम दर तय की जाती है।
सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राजस्थान पुलिस के चार सशस्त्र जवान तैनात किए गए हैं और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। तौली गई अफीम को विशेष प्लास्टिक के कैन में भरकर सुरक्षित रखा जा रहा है।
जिला अफीम अधिकारी रजत ने बताया कि इस बार खरीदी गई अफीम की जांच के लिए नीमच भेजी जाएगी। पहले इसे उत्तरप्रदेश के गाजीपुर भेजा जाता था लेकिन अब प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को रावतभाटा तहसील के 13 गांवों के 281 किसानों की अफीम खरीदी जाएगी। आगामी दिनों में भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अन्य गांवों के किसानों से खरीद जारी रहेगी।
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जिला अफीम अधिकारी एवं तौल केंद्र प्रभारी सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि पहले दिन निंबोदा, हमेरगंज, बड़ोदिया, गुर्जरों का मोरवन, केवड़ों का लुहारिया, दौलतपुर निमड़ी, हाड़ों का मोरवन और बाघपुरा सहित आठ गांवों के 192 किसानों से अफीम की खरीद की गई।
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उन्होंने बताया कि इस केंद्र पर भीलवाड़ा डिवीजन के अंतर्गत भीलवाड़ा जिले की मांडलगढ़, कोटड़ी, बिजौलियां और जहाजपुर तथा चित्तौड़गढ़ जिले की बेगूं और रावतभाटा तहसीलों के किसानों से अफीम खरीदी जाएगी। कुल मिलाकर करीब 300 गांवों के लगभग 6 हजार किसानों की अफीम इस केंद्र पर खरीदी जानी है। यह खरीद अभियान 22 अप्रैल तक चलेगा।
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तौल केंद्र पर छाया, पेयजल और बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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इस वर्ष अफीम उत्पादक किसानों के लिए भुगतान प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। पहले किसानों को 90 प्रतिशत राशि तुरंत और शेष 10 प्रतिशत गुणवत्ता जांच के बाद मिलती थी लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत पूरी राशि एक सप्ताह के भीतर एकमुश्त किसानों के बैंक खातों में जमा कराई जाएगी। इससे किसानों को आर्थिक रूप से राहत मिलने की उम्मीद है।
अफीम की खरीद पूरी तरह गुणवत्ता के आधार पर की जा रही है। विभाग द्वारा 850 रुपये से लेकर 3500 रुपये प्रति किलो तक की दर निर्धारित की गई है। तौल केंद्र पर ही एक अस्थायी प्रयोगशाला स्थापित की गई है, जहां 25 ग्राम सैंपल लेकर गुणवत्ता की जांच की जा रही है और उसी आधार पर अंतिम दर तय की जाती है।
सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राजस्थान पुलिस के चार सशस्त्र जवान तैनात किए गए हैं और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। तौली गई अफीम को विशेष प्लास्टिक के कैन में भरकर सुरक्षित रखा जा रहा है।
जिला अफीम अधिकारी रजत ने बताया कि इस बार खरीदी गई अफीम की जांच के लिए नीमच भेजी जाएगी। पहले इसे उत्तरप्रदेश के गाजीपुर भेजा जाता था लेकिन अब प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को रावतभाटा तहसील के 13 गांवों के 281 किसानों की अफीम खरीदी जाएगी। आगामी दिनों में भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अन्य गांवों के किसानों से खरीद जारी रहेगी।