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Bhilwara: सेल्फ स्टडी से नवनीत ने लहराया परचम, RAS में तीसरी रैंक हासिल कर रचा इतिहास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: भीलवाड़ा ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 10:04 AM IST
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सार
Bhilwara: भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा निवासी नवनीत शर्मा ने RAS-2024 परीक्षा में पूरे राजस्थान में तीसरी रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। साधारण परिवार से आने वाले नवनीत ने सेल्फ स्टडी और कठिन परिश्रम के बल पर यह उपलब्धि हासिल की। वर्तमान में वे तहसीलदार के रूप में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनकी इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
नवनीत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा कस्बे के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा घोषित RAS परीक्षा-2024 के परिणाम में नवनीत शर्मा ने पूरे प्रदेश में तीसरी रैंक हासिल कर क्षेत्र सहित पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया।
साधारण परिवार से असाधारण सफलता तक का सफर
साधारण परिवार से निकलकर असाधारण सफलता हासिल करने वाले 24 वर्षीय नवनीत शर्मा ने यह मुकाम सेल्फ स्टडी और कड़ी मेहनत के दम पर हासिल किया। उन्होंने RAS मेंस परीक्षा में 282.50 अंक तथा इंटरव्यू में 60 अंक प्राप्त कर कुल 342.50 अंक अर्जित किए।
गांव से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंच
नवनीत मूल रूप से गुलाबपुरा उपखंड क्षेत्र के छोटे से गांव बराठिया के रहने वाले हैं और वर्तमान में हुरड़ा रोड स्थित कृष्णा नगर में निवास करते हैं। उनके पिता मुकेश कुमार शर्मा शाहपुरा के खामोर गांव के राजकीय विद्यालय में तृतीय श्रेणी शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं, जिन्होंने एम.ए., बी.एड तक शिक्षा प्राप्त की है। परिवार में उनकी एक बड़ी बहन भी है, जो शिक्षा विभाग में एलडीसी पद पर कार्यरत है। नवनीत ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने इष्ट देव, माता-पिता और बहन को देते हुए उन्हें अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया।
यात्रा के दौरान मिला सफलता का संदेश
नवनीत की सफलता के पीछे एक भावुक क्षण भी जुड़ा हुआ है। जब रिजल्ट घोषित हुआ, उस समय उनके पिता चारधाम और 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा पर थे। आंध्र प्रदेश में श्रीशैलम मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन के दौरान ही नवनीत ने फोन कर तीसरी रैंक की खुशखबरी दी। यह सुनते ही पिता भावुक हो गए और भगवान शंकर का आशीर्वाद मानते हुए खुशी व्यक्त की।
18-20 घंटे की पढ़ाई से मिली सफलता
नवनीत ने बताया कि उन्होंने एकाग्र मन से पढ़ाई की और घर पर रहकर प्रतिदिन 18 से 20 घंटे तक अध्ययन किया। उन्होंने ऑनलाइन कोचिंग का सहारा भी लिया, लेकिन मुख्य फोकस सेल्फ स्टडी पर रखा। वर्ष 2023 की RAS परीक्षा में उन्होंने 87वीं रैंक हासिल की थी और तहसीलदार पद पर चयन हुआ था। वर्तमान में वे अजमेर स्थित राजस्व प्रशिक्षण संस्थान में तहसीलदार के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
मां की छोटी सी इच्छा बनी सबसे बड़ी प्रेरणा
उन्होंने बताया कि उनकी सफलता के पीछे उनकी मां की एक साधारण सी इच्छा भी प्रेरणा बनी। एक बार उन्होंने अपनी मां से पूछा था कि उन्हें क्या करने से खुशी मिलेगी, तो मां ने कहा था कि “सरकारी नौकरी में लग जाओ।” इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार तीन वर्षों तक कड़ी मेहनत की और आज यह मुकाम हासिल किया।
सफलता का मंत्र: सही रणनीति और निरंतर मेहनत
नवनीत का मानना है कि यदि कोई विद्यार्थी गंभीरता से पढ़ाई करे और पेपर पैटर्न को समझे, तो RAS जैसी परीक्षा भी कठिन नहीं है। उन्होंने कहा कि बदलते पैटर्न और बढ़ते स्तर के बावजूद सही रणनीति से सफलता पाई जा सकती है।
गुलाबपुरा में जश्न का माहौल
रिजल्ट के बाद जब नवनीत घर पहुंचे तो उनका ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। चचेरे पिता-पुत्र के गले मिलने का भावुक दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया।
ये भी पढ़ें: बालोतरा ने रचा सफलता का नया इतिहास: RAS-2024 में दो अभ्यर्थियों ने टॉप-20 में बनाई जगह, जिले में जश्न का माहौल
क्षेत्र में गर्व और खुशी की लहर
नवनीत के पिता मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही मेहनती रहा है और उसकी इस उपलब्धि पर उन्हें गर्व है। वे स्वयं भी स्कूल में बच्चों को प्रेरित करते हैं कि वे पढ़-लिखकर बड़े पदों पर पहुंचें। नवनीत की इस उपलब्धि से पूरे गुलाबपुरा और शाहपुरा क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। पड़ोसी श्यामसुंदर पाराशर और नगर भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष हरिश शर्मा सहित अनेक लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। कस्बे में लोगों ने मिठाइयां बांटकर और खुशी जताकर इस सफलता का जश्न मनाया।
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साधारण परिवार से असाधारण सफलता तक का सफर
साधारण परिवार से निकलकर असाधारण सफलता हासिल करने वाले 24 वर्षीय नवनीत शर्मा ने यह मुकाम सेल्फ स्टडी और कड़ी मेहनत के दम पर हासिल किया। उन्होंने RAS मेंस परीक्षा में 282.50 अंक तथा इंटरव्यू में 60 अंक प्राप्त कर कुल 342.50 अंक अर्जित किए।
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गांव से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंच
नवनीत मूल रूप से गुलाबपुरा उपखंड क्षेत्र के छोटे से गांव बराठिया के रहने वाले हैं और वर्तमान में हुरड़ा रोड स्थित कृष्णा नगर में निवास करते हैं। उनके पिता मुकेश कुमार शर्मा शाहपुरा के खामोर गांव के राजकीय विद्यालय में तृतीय श्रेणी शिक्षक हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं, जिन्होंने एम.ए., बी.एड तक शिक्षा प्राप्त की है। परिवार में उनकी एक बड़ी बहन भी है, जो शिक्षा विभाग में एलडीसी पद पर कार्यरत है। नवनीत ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने इष्ट देव, माता-पिता और बहन को देते हुए उन्हें अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बताया।
यात्रा के दौरान मिला सफलता का संदेश
नवनीत की सफलता के पीछे एक भावुक क्षण भी जुड़ा हुआ है। जब रिजल्ट घोषित हुआ, उस समय उनके पिता चारधाम और 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा पर थे। आंध्र प्रदेश में श्रीशैलम मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन के दौरान ही नवनीत ने फोन कर तीसरी रैंक की खुशखबरी दी। यह सुनते ही पिता भावुक हो गए और भगवान शंकर का आशीर्वाद मानते हुए खुशी व्यक्त की।
18-20 घंटे की पढ़ाई से मिली सफलता
नवनीत ने बताया कि उन्होंने एकाग्र मन से पढ़ाई की और घर पर रहकर प्रतिदिन 18 से 20 घंटे तक अध्ययन किया। उन्होंने ऑनलाइन कोचिंग का सहारा भी लिया, लेकिन मुख्य फोकस सेल्फ स्टडी पर रखा। वर्ष 2023 की RAS परीक्षा में उन्होंने 87वीं रैंक हासिल की थी और तहसीलदार पद पर चयन हुआ था। वर्तमान में वे अजमेर स्थित राजस्व प्रशिक्षण संस्थान में तहसीलदार के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
मां की छोटी सी इच्छा बनी सबसे बड़ी प्रेरणा
उन्होंने बताया कि उनकी सफलता के पीछे उनकी मां की एक साधारण सी इच्छा भी प्रेरणा बनी। एक बार उन्होंने अपनी मां से पूछा था कि उन्हें क्या करने से खुशी मिलेगी, तो मां ने कहा था कि “सरकारी नौकरी में लग जाओ।” इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने लगातार तीन वर्षों तक कड़ी मेहनत की और आज यह मुकाम हासिल किया।
सफलता का मंत्र: सही रणनीति और निरंतर मेहनत
नवनीत का मानना है कि यदि कोई विद्यार्थी गंभीरता से पढ़ाई करे और पेपर पैटर्न को समझे, तो RAS जैसी परीक्षा भी कठिन नहीं है। उन्होंने कहा कि बदलते पैटर्न और बढ़ते स्तर के बावजूद सही रणनीति से सफलता पाई जा सकती है।
गुलाबपुरा में जश्न का माहौल
रिजल्ट के बाद जब नवनीत घर पहुंचे तो उनका ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। चचेरे पिता-पुत्र के गले मिलने का भावुक दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया।
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क्षेत्र में गर्व और खुशी की लहर
नवनीत के पिता मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही मेहनती रहा है और उसकी इस उपलब्धि पर उन्हें गर्व है। वे स्वयं भी स्कूल में बच्चों को प्रेरित करते हैं कि वे पढ़-लिखकर बड़े पदों पर पहुंचें। नवनीत की इस उपलब्धि से पूरे गुलाबपुरा और शाहपुरा क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। पड़ोसी श्यामसुंदर पाराशर और नगर भाजपा मंडल के पूर्व अध्यक्ष हरिश शर्मा सहित अनेक लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। कस्बे में लोगों ने मिठाइयां बांटकर और खुशी जताकर इस सफलता का जश्न मनाया।

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