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Bhilwara News: तिलस्वां के खतरनाक मोड़ पर अनियंत्रित हुई पिकअप, गहरी खाई में गिरने से 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: भीलवाड़ा ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 04:00 PM IST
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सार
भीलवाड़ा के तिलस्वां घाट में देर रात मजदूरों से भरी पिकअप गहरी खाई में गिरने से तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हो रहे हादसों के बाद घाट की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।
तिलस्वां घाट पर खाई में गिरी पिकअप, तीन मजदूरोंं की मोत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित जिले का तिलस्वां घाट एक बार फिर भीषण सड़क हादसे का गवाह बन गया। देर रात धौलपुर से बांसवाड़ा जा रही मजदूरों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसा इतना भयावह था कि तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रैफर किया गया है।
हादसा सिंगोली थाना क्षेत्र के तिलस्वां घाट के खतरनाक मोड़ पर हुआ। बताया जा रहा है कि पिकअप वाहन में पेंट और पुट्टी की भारी बाल्टियां भरी हुई थीं और उन्हीं के ऊपर मजदूर बैठे हुए थे। देर रात घाट के तीखे मोड़ पर चालक अचानक संतुलन खो बैठा और वाहन सीधे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया।
दुर्घटना के बाद घाट क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। खाई में गिरी पिकअप में फैला पेंट और पुट्टी मजदूरों के शरीर पर पूरी तरह चिपक गया था, जिससे घटनास्थल का दृश्य बेहद दर्दनाक नजर आ रहा था।
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ये भी पढ़ें: आसाराम को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत: नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद बरकरार; अब करना होगा सरेंडर
सिंगोली थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि मृतकों की पहचान उत्तरप्रदेश के बरेली, गाजीपुर और राजस्थान के जयपुर निवासी मजदूरों के रूप में हुई है। सभी मजदूर बांसवाड़ा में आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण और पुताई कार्य के लिए जा रहे थे। पुलिस मृतकों के परिजनों को सूचना देने के लिए संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क कर रही है। हादसे में गंभीर रूप से घायल मोहम्मद जाकिर, मोहम्मद इदरीस और सोमपाल को पहले सिंगोली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर होने पर कोटा रैफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही सिंगोली थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा, तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घंटों मशक्कत कर शवों और घायलों को खाई से बाहर निकाला गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि तिलस्वां घाट पर तीन दिन के भीतर यह दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले रविवार को इसी घाट पर शिवशक्ति ट्रेवल्स की निजी बस खाई में गिर गई थी, जिसमें 32 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तिलस्वां घाट लंबे समय से जर्जर और जानलेवा बना हुआ है, लेकिन प्रशासन ने अब तक यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। घाट पर न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत हैं और न ही मजबूत सुरक्षा रेलिंग। लगातार हादसों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे। क्षेत्रवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
हादसा सिंगोली थाना क्षेत्र के तिलस्वां घाट के खतरनाक मोड़ पर हुआ। बताया जा रहा है कि पिकअप वाहन में पेंट और पुट्टी की भारी बाल्टियां भरी हुई थीं और उन्हीं के ऊपर मजदूर बैठे हुए थे। देर रात घाट के तीखे मोड़ पर चालक अचानक संतुलन खो बैठा और वाहन सीधे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया।
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दुर्घटना के बाद घाट क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। खाई में गिरी पिकअप में फैला पेंट और पुट्टी मजदूरों के शरीर पर पूरी तरह चिपक गया था, जिससे घटनास्थल का दृश्य बेहद दर्दनाक नजर आ रहा था।
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सिंगोली थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि मृतकों की पहचान उत्तरप्रदेश के बरेली, गाजीपुर और राजस्थान के जयपुर निवासी मजदूरों के रूप में हुई है। सभी मजदूर बांसवाड़ा में आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण और पुताई कार्य के लिए जा रहे थे। पुलिस मृतकों के परिजनों को सूचना देने के लिए संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क कर रही है। हादसे में गंभीर रूप से घायल मोहम्मद जाकिर, मोहम्मद इदरीस और सोमपाल को पहले सिंगोली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर होने पर कोटा रैफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही सिंगोली थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा, तहसीलदार प्रेमशंकर पटेल और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घंटों मशक्कत कर शवों और घायलों को खाई से बाहर निकाला गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि तिलस्वां घाट पर तीन दिन के भीतर यह दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले रविवार को इसी घाट पर शिवशक्ति ट्रेवल्स की निजी बस खाई में गिर गई थी, जिसमें 32 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तिलस्वां घाट लंबे समय से जर्जर और जानलेवा बना हुआ है, लेकिन प्रशासन ने अब तक यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। घाट पर न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत हैं और न ही मजबूत सुरक्षा रेलिंग। लगातार हादसों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नजर नहीं आ रहे। क्षेत्रवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।