सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   bundi News ›   Rajasthan: Asian wild cat seen in Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve of Bundi

Rajasthan: दुर्लभ वन्यजीवों को रास आ रहा बूंदी का जंगल, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में दिखी एशियाई वाइल्ड कैट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Fri, 17 Jan 2025 02:18 PM IST
विज्ञापन
सार

राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की समृद्ध जैवविविधता का प्रमाण देते हुए हाल ही में एशियाई वाइल्ड कैट (डेजर्ट कैट) की उपस्थिति दर्ज की गई है। यह बिल्ली शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है और लंबे समय तक बिना पानी के जीवित रह सकती है। रामगढ़ टाइगर रिजर्व में अब तक कैट फैमिली की आधा दर्जन दुर्लभ प्रजातियां, जैसे सियागोश और रस्टी स्पॉटेड कैट, फोटोट्रैप कैमरों में रिकॉर्ड की गई हैं।

Rajasthan: Asian wild cat seen in Ramgarh Vishdhari Tiger Reserve of Bundi
एशियाई वाइल्ड कैट। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

जिले के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के जंगलों में वन्यजीवों की संख्या और लुप्तप्राय प्रजातियों की उपस्थिति बनी हुई है। हाल ही में टाइगर रिजर्व में दुर्लभ प्रजाति की सियागोश बिल्ली के मिलने के बाद अब यहां एशियाई वाइल्ड कैट की भी मौजूदगी दर्ज की गई है। इसे भारतीय रेगिस्तानी बिल्ली, एशियाई जंगली बिल्ली या एशियाई मैदानी जंगली बिल्ली भी कहा जाता है। यह घरेलू बिल्ली के आकार की बिल्ली दक्षिण-पश्चिमी और मध्य एशिया, पाकिस्तान, भारत, मंगोलिया और चीन में व्यापक रूप से पाई जाती है।

Trending Videos


भारत में, यह मुख्य रूप से पश्चिमी भारत के गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है। राजस्थान में यह आमतौर पर यह वन बिलाव अब तक पश्चिमी रेगिस्तानी क्षेत्र और डेजर्ट नेशनल पार्क में देखी गई है। रेगिस्तान में इसकी मौजूदगी के कारण ही इसे डेजर्ट कैट के नाम से भी जाना जाता है। बून्दी के जंगलों में इसका मिलना एक सुखद एवं रोमांचक अनुभव है। रामगढ़ टाइगर रिजर्व बनने के साथ ही यहां पर लगातार बड़ी व छोटी बिल्लियों की संख्या बढ़ रही है, जो इस टाइगर रिजर्व के लिए अच्छा संकेत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कई दिनों तक बिना पानी के रह सकती है यह बिल्ली
भारतीय रेगिस्तानी बनबिलाव, बिल्ली जैसी ही दिखती है। इसके अगले और पिछले पैरों के ऊपरी हिस्से पर गहरे रंग की धारियां होती हैं और शरीर पर गहरे काले धब्बे और एक काले गुच्छे के साथ पतली पूंछ होती है। यह बनबिलाव शुष्क आवासों में रहती है और लंबे समय तक पानी के बिना जीवित रह सकती है। इस बिल्ली की संख्या लगातार कम होती जा रही है और इसे भारतीय वन्यजीव संरक्षण कानून की अनुसूची प्रथम में शामिल किया गया है। यह बिल्ली मरुस्थलीय क्षेत्रों में छोटी शेरनी या रोही बिल्ली भी कही जाती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार पर्यावरण संरक्षण में डेजर्ट केट की भूमिका महत्वपूर्ण है यह चूहों और कई तरह जीवों की संख्या को नियंत्रण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा ऐसे में वहां ईकोलोजी सिस्टम भी बेहतर रहता है। वन क्षेत्रों में विकास और बढ़ते जैविक दबाव के कारण जंगली बिल्लियों की संख्या कम हो रही है। इसके अलावा इनकी आकर्षक खाल के कारण यह शिकारियों की नजरों में रहती है।

cat

रामगढ़ में हुई बिल्ली परिवार की आधा दर्जन प्रजातियां
बून्दी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक एवं उपक्षेत्र निदेशक संजीव शर्मा ने बताया कि रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में एशियाई वन बिलाव, सियागोश व रस्टी स्पॉटेड कैट जैसी दुनियां की दुर्लभ जंगली बिल्लियां मौजूद हैं। इसके अलावा सामान्य वन बिलाव भी बड़ी संख्या में बून्दी के जंगलों में पाए जाते हैं। रामगढ़ के जंगल बाघ और बघेरों जैसी बड़ी बिल्लियों के लिए सदियों से प्रसिद्ध रहे है। अब यहां दुर्लभ प्रजाति की छोटी बिल्लियां भी फोटोट्रेप कैमरों में कैद हुई हैं, जिससे यहां के जंगलों की समृद्ध जैवविविधता की झलक मिलती है। रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में लगाए गए फोटोट्रेप कैमरों में एशियाई वाइल्ड कैट की फ़ोटो अलग अलग जगहों से कैप्चर हुई है। अभी तक टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कैट फैमेली की आधा दर्जन प्रजातियां दर्ज की गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed