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Bundi: राज्यमंत्री ने अंथडा में किया महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण, विद्युत सुधार योजनाओं की भी घोषणा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: बूँदी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jan 2025 09:59 PM IST
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सार
बूंदी जिले के अंथडा गांव में महाराणा प्रताप स्मारक अभियान के तहत वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की अष्टधातु से निर्मित 18वीं प्रतिमा का अनावरण हुआ। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने प्रतिमा अनावरण के दौरान महाराणा प्रताप के पराक्रम और त्याग को भारतीय इतिहास की गौरवशाली धरोहर बताया।
सभा को संबोधित करते ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि मेवाड़ के वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप का पराक्रम और शौर्य के लिए दुनिया में मिसाल के तौर पर जाने जाते हैं। देश, धर्म और स्वाधीनता के लिए उन्होंने सब कुछ न्योछावर कर दिया। महाराणा प्रताप ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान दिया। उनके संघर्ष और बलिदान ने भारतीय इतिहास को नई दिशा दी। नागर रविवार को अंथडा गांव में महाराणा प्रताप स्मारक अभियान के तहत वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की अष्ठधातु से निर्मित 18वीं प्रतिमा के अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे।
राज्यमंत्री नागर ने कहा कि महाराणा प्रताप की संघर्ष भावना और देश के प्रति प्यार हमें हमेशा प्रेरित करते हैं। यह प्रतिमा उनके साहस और समर्पण को सम्मानित करने सराहनीय प्रयास है। वर्तमान युवा पीढ़ी महापुरुषों के त्याग और बलिदान की गाथाओं से प्रेरणा लेती रहेगी। राणा प्रताप संस्कार और संस्कृति की मिसाल है और राष्ट्र के लिए उनका योगदान इतिहास में दर्ज है। हम सभी के लिए महाराणा प्रताप प्रेरणास्त्रोत है और देश को उन पर गर्व है। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप भारतीय धर्म एवं संस्कृति के वाहक है।
उन्होंने कहा कि सभी एकजुट रहकर भारतीय संस्कृति को आगे बढाएं। उन्होंने महाराणा प्रताप स्मारक अभियान के लिए समिति की सराहना करते हुए कहा कि गांव-गांव में आमजन महाराणा प्रताप के जीवन और उनके देश के प्रति समर्पण भाव से रूबरू होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ग्रामीणों को निर्बाध और गुणवत्तायुक्त विद्युत आपूर्ति के लिए अंथडा गांव में 33 केवी जीएसएस बनाया जाएगा। उन्होंने 33 केवी जीएसएस के लिए नि:शुल्क जमीन उपलब्ध करवाने के लिए नसीब कंवर को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए योगदान देने वालों से आमजन को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। जीएसएस से आठ गांवों को बिजली मिलेगी। राज्य सरकार आने वाले समय में किसानों को दिन में बिजली देने का संकल्प पूरा करेगी। बूंदी जिले में विद्युत सुधार से विद्युत आपूर्ति तंत्र मजबूत होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराणा प्रताप स्मारक अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रवीर सिंह नमाना ने कहा कि वीरता, साहस और गौरव के प्रतीक, राणा प्रताप सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें शौर्य, त्याग एवं मातृभूमि प्रेम की साक्षात् मूर्ति बताया तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास को संरक्षित करने और वास्तिवक इतिहास को जन जन तक पहुंचाने के लिए महाराणा प्रताप स्मारक अभियान चलाया है। उन्होंने बताया कि अभियान इसके तहत सभी महापुरूष और वीरांगनाओं के 100 स्मारकों का निर्माण तथा चौराहों और पार्कों में 500 प्रतिमाओं की स्थपना की जा रही है। अब तक 6 राज्यों गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश यूपी, महाराष्ट्र आंधप्रदेश महापुरुषों की 25 प्रतिमाएं स्थापित कर दी हैं।
इससे पहले ऊर्जा राज्यमंत्री और बूंदी जिला प्रभारी मंत्री ने अन्थडा गांव में अरणा माता के दर्शन कर देश व प्रदेश में खुशहाली की कामना की। साथ ही मंदिर परिसर में पौधरोपण भी किया।
कार्यक्रम में जिला प्रमुख चन्द्रावती कंवर विशिष्ठ अतिथि रूप में मंचासीन रहीं। इस अन्थडा सरपंच संतोष नागर, पूर्व सरपंच रामकैलाश नागर, रमेश लाल मीणा, महावीर नागर सहित बडी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान यशवंत शर्मा और ग्रामीणों ने माताजी मंदिर के पीछे नदी पर एनिकट निर्माण निर्माण के लिए ज्ञापन भी सौंपा।
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राज्यमंत्री नागर ने कहा कि महाराणा प्रताप की संघर्ष भावना और देश के प्रति प्यार हमें हमेशा प्रेरित करते हैं। यह प्रतिमा उनके साहस और समर्पण को सम्मानित करने सराहनीय प्रयास है। वर्तमान युवा पीढ़ी महापुरुषों के त्याग और बलिदान की गाथाओं से प्रेरणा लेती रहेगी। राणा प्रताप संस्कार और संस्कृति की मिसाल है और राष्ट्र के लिए उनका योगदान इतिहास में दर्ज है। हम सभी के लिए महाराणा प्रताप प्रेरणास्त्रोत है और देश को उन पर गर्व है। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप भारतीय धर्म एवं संस्कृति के वाहक है।
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उन्होंने कहा कि सभी एकजुट रहकर भारतीय संस्कृति को आगे बढाएं। उन्होंने महाराणा प्रताप स्मारक अभियान के लिए समिति की सराहना करते हुए कहा कि गांव-गांव में आमजन महाराणा प्रताप के जीवन और उनके देश के प्रति समर्पण भाव से रूबरू होगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ग्रामीणों को निर्बाध और गुणवत्तायुक्त विद्युत आपूर्ति के लिए अंथडा गांव में 33 केवी जीएसएस बनाया जाएगा। उन्होंने 33 केवी जीएसएस के लिए नि:शुल्क जमीन उपलब्ध करवाने के लिए नसीब कंवर को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए योगदान देने वालों से आमजन को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। जीएसएस से आठ गांवों को बिजली मिलेगी। राज्य सरकार आने वाले समय में किसानों को दिन में बिजली देने का संकल्प पूरा करेगी। बूंदी जिले में विद्युत सुधार से विद्युत आपूर्ति तंत्र मजबूत होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराणा प्रताप स्मारक अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रवीर सिंह नमाना ने कहा कि वीरता, साहस और गौरव के प्रतीक, राणा प्रताप सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें शौर्य, त्याग एवं मातृभूमि प्रेम की साक्षात् मूर्ति बताया तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास को संरक्षित करने और वास्तिवक इतिहास को जन जन तक पहुंचाने के लिए महाराणा प्रताप स्मारक अभियान चलाया है। उन्होंने बताया कि अभियान इसके तहत सभी महापुरूष और वीरांगनाओं के 100 स्मारकों का निर्माण तथा चौराहों और पार्कों में 500 प्रतिमाओं की स्थपना की जा रही है। अब तक 6 राज्यों गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश यूपी, महाराष्ट्र आंधप्रदेश महापुरुषों की 25 प्रतिमाएं स्थापित कर दी हैं।
इससे पहले ऊर्जा राज्यमंत्री और बूंदी जिला प्रभारी मंत्री ने अन्थडा गांव में अरणा माता के दर्शन कर देश व प्रदेश में खुशहाली की कामना की। साथ ही मंदिर परिसर में पौधरोपण भी किया।
कार्यक्रम में जिला प्रमुख चन्द्रावती कंवर विशिष्ठ अतिथि रूप में मंचासीन रहीं। इस अन्थडा सरपंच संतोष नागर, पूर्व सरपंच रामकैलाश नागर, रमेश लाल मीणा, महावीर नागर सहित बडी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान यशवंत शर्मा और ग्रामीणों ने माताजी मंदिर के पीछे नदी पर एनिकट निर्माण निर्माण के लिए ज्ञापन भी सौंपा।