सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Chittorgarh News ›   Fake Facebook ID of Shri Sanwaliya Temple

Chittorgarh News: श्री सांवलिया सेठ के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी और स्कैनर से ठगी, शिकायत के बाद कार्रवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़ Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो Updated Thu, 10 Jul 2025 11:24 PM IST
विज्ञापन
सार

चित्तौड़गढ़ के श्री सांवलिया सेठ मंदिर के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी और स्कैनर बनाकर ठगी का मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराई है और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है। जांच जारी है।

Fake Facebook ID of Shri Sanwaliya Temple
फर्जी फेसबुक आईडी बना कर ठगी।
विज्ञापन

विस्तार

वैश्विक आस्था का केंद्र बन चुके चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ की महिमा जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चढ़ावे में भी इजाफा हो रहा है। लेकिन, इसी के साथ भगवान के नाम पर फर्जीवाड़ा भी सामने आने लगा है। हाल ही में सांवलिया सेठ के नाम पर फर्जी स्कैनर और फेसबुक आईडी बनाकर भक्तों से ठगी करने का मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन ने इस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर फर्जी फेसबुक आईडी को ब्लॉक करवाया और आमजन एवं श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है।
Trending Videos


जानकारी के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने ‘श्री सांवलिया सेठ दर्शन मंडफिया’ नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी बनाई। इसमें श्रद्धालुओं को भगवान की सेवा में भाग लेने और “सांवलिया सेठ को बिजनेस पार्टनर बनाने” की बात कही गई। आईडी पर प्रतिदिन मंदिर में होने वाले विभिन्न खर्चों की सूची भी साझा की गई, जैसे:
विज्ञापन
विज्ञापन

 
  • कोर किनारी वेलवेट वागा – 1150 रुपये
  • मखमल वागा – 650 रुपये
  • सादा वागा –400 रुपये
  • माखन-मिश्री मनोरथ – 1100 रुपये
  • राजभोग मनोरथ – 4000 रुपये
  • फलाहार मनोरथ – 1100 रुपये
  • अमावस्या ब्रह्म भोज महाप्रसाद – 5 लाख
  • इन सेवाओं के लिए फेसबुक पर स्कैनर भी जारी किया गया, जिससे सीधे राशि ट्रांसफर की जा सके।

मंदिर प्रशासन ने दर्ज कराई FIR
इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही मंदिर मंडल प्रशासन ने संबंधित फेसबुक आईडी को ब्लॉक करवा दिया और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज कराई। मंदिर मंडल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभा गौतम ने बताया कि फर्जी फेसबुक आईडी की जानकारी मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई। साइबर थाना प्रभारी एवं पुलिस उप अधीक्षक रामेश्वर चौहान ने बताया कि मंदिर मंडल की रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और फेसबुक से रिकॉर्ड भी मंगवाया गया है। रिकॉर्ड प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
 
सूत्रों के अनुसार, फेसबुक पर जारी किए गए स्कैनर को स्कैन करने पर श्री सांवलिया मंदिर मंडल ट्रस्ट का नाम दिखाई देता है, जिससे लोग भ्रमित हो जाते हैं। लेकिन उस स्कैनर की UPI ID "मेरे बांके बिहारी भक्त फैमिली" के नाम से पंजीकृत थी। बताया गया है कि आरोपी ने कई बार UPI ID में बदलाव किया—कभी "बॉबी देवी" तो कभी किसी अन्य नाम से।

श्रद्धालुओं से अपील: फर्जी खातों से रहें सावधान
फर्जी फेसबुक आईडी और स्कैनर सामने आने के बाद मंदिर मंडल की सीईओ एवं एडीएम प्रभा गौतम ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत वेबसाइट और विश्वसनीय स्रोतों से ही चढ़ावा अर्पित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी अनधिकृत सोशल मीडिया पेज या स्कैनर के माध्यम से भुगतान न करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed