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Chittorgarh: सांवलियाजी दर्शन को जा रहे यात्री से चाकू की नोंक पर लूट, FIR कराने में काटे दो थानों के चक्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jun 2025 11:27 PM IST
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सार
Chittorgarh Crime: पीड़ित मनोज ने बताया कि पहले उन्हें मंडफिया थाने भेजा गया, जहां यह कहकर लौटा दिया गया कि मामला उनके क्षेत्र का नहीं है। इसके बाद वह भदेसर थाने पहुंचा, लेकिन वहां भी उसे यह कहकर वापस मंडफिया भेजा गया कि वारदात का क्षेत्र मंडफिया थाने में आता है। पढ़ें पूरी खबर...।
चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर थाने में पहुंचा लूट का शिकार पदयात्री।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
धार्मिक आस्था से भरे पदयात्रियों के लिए चित्तौड़गढ़ में सड़क मार्ग अब सुरक्षित नहीं रहा। आसावरामाताजी से सांवलियाजी की ओर पदयात्रा कर रहे पांच यात्रियों में से एक युवक के साथ चाकू की नोंक पर लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तीन बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने पदयात्री के साथ मारपीट की और मोबाइल फोन छीन कर फरार हो गए। पीड़ित ने जब पुलिस की शरण ली, तो उसे दो थानों के चक्कर लगाने पड़े, तब जाकर रिपोर्ट दर्ज हो सकी।
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तरजेला गांव के पास हुई वारदात
जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार की बताई जा रही है जब खोड़िप गांव निवासी मनोज कुमार पुत्र चेनराम कुमावत अपने चार साथियों हरीश, पवन, कन्हैयालाल और शुभम के साथ सांवलियाजी के दर्शन को पदयात्रा पर निकले थे। जैसे ही वे आसावरामाताजी से कुछ दूरी पर तरजेला गांव के पास पहुंचे, वहां तीन अज्ञात युवक बिना नंबर की बाइक पर आए।
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फिर बदमाशों ने मनोज पर लकड़ी के डंडे से हमला किया और फिर चाकू निकालकर उसकी गर्दन पर रख दिया। इसके बाद मनोज का मोबाइल छीन कर वे तेजी से फरार हो गए। उस वक्त उसके साथी थोड़ी दूरी पर चल रहे थे और पास ही प्रतापगढ़ के कुछ अन्य पदयात्री भी मौजूद थे, जो मनोज के चिल्लाने पर उसके पास पहुंचे। मनोज ने बताया कि तीनों आरोपियों ने अपने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे, जिससे उनकी पहचान नहीं हो सकी।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घटना के तुरंत बाद मनोज ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचित किया। साथ ही मंडफिया और भदेसर थानों को भी जानकारी दी गई। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए।
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मनोज को पहले मंडफिया थाने भेजा गया, जहां उसे यह कहकर लौटा दिया गया कि मामला उनके क्षेत्र का नहीं है। इसके बाद वह भदेसर थाने पहुंचा, लेकिन वहां भी उसे यह कहकर वापस मंडफिया भेजा गया कि वारदात का क्षेत्र मंडफिया थाने में आता है। कई घंटों की मशक्कत और दौड़भाग के बाद अंततः मंडफिया थाने में उसकी रिपोर्ट दर्ज की गई।